जीएलआर तो बना दी लेकिन कनेक्शन करना भूले
ग्राम पंचायत मानासर के राजस्व ग्राम भोमसिंहपुरा के असलोनियों सुथारों की ढाणी में जीएलआर बनाए 6 साल हो गए हैं लेकिन पानी का कनेक्शन आज तक नहीं हुआ। इस संबंध में ग्रामीणों द्वारा कई बार प्रशासनिक अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों को लिखित में देने के बावजूद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। समाजसेवी वीराराम सुथार ने बताया कि ढाणी में सरकार द्वारा दी जाने वाली सभी सुविधाओं से वंचित रखा गया है। ग्राम पंचायत द्वारा बनाई गई जीएलआर को 6 साल बीत जाने के बावजूद भी आज तक काम नहीं आ सकी। ग्राम पंचायत द्वारा लाखों खर्च कर करके बनाई गई जीएलआर में पाइपलाइन नहीं बिछाने के कारण न तो ग्रामीणों को जीएलआर का लाभ मिला और न ही ग्रामीणों को पेयजल संकट से राहत। ऐसे में आज भी ढाणी के वासी पानी के लिए तरस रहे हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि जल्द से जल्द जीएलआर को पाइप लाइन से जोड़कर ग्रामीणों को पेयजल संकट से राहत पहुंचाई जाए।
कई दिनों से टूटी पड़ी टंकी की छत, ग्रामीणों को मजबूरी में पीना पड़ रहा है दूषित पानी
फतेहगढ़ | उपखंड क्षेत्र फतेहगढ़ के कोडियासर गांव की भीखाराम दर्जी की ढाणी में कई साल पुरानी पेयजल टंकी की छत कुछ दिनों पहले धराशायी हो गई। इस टंकी से भीखाराम दर्जी की ढाणी, सुल्तानों की ढाणी व आसपास की ढाणियों में पेयजल आपूर्ति होती है। टंकी की छत धराशायी होने के बाद ग्रामीणों को दूषित पानी पीना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया की कई महीनों से पड़ी जर्जर पेयजल टंकी पिछले दिनों हुई बारिश की वजह से गिर गई और अब जर्जर पड़ी टंकी भी गिरने की कगार पर है। इससे हर समय जान माल की हानि होने की संभावना बनी रहती है। इस के बारे में कई बार जनप्रतिनिधि व विभाग के अधिकारी को अवगत कराया गया है। जनप्रतिनिधि द्वारा केवल आश्वासन ही मिला है और अधिकारियों का इस और ध्यान नहीं पड़ रहा है ग्रामीणों द्वारा जर्जर टंकी को ठीक करने की मांग की है।
लाठी में पशु चिकित्सालय के पास स्थित पशुकुंड पांच दिनों से पड़ा है खाली, परेशानी
लाठी | कस्बे में पशु चिकित्सालय के आगे स्थित पशु कुंड पिछले 5 दिनों से खाली पड़ा है। पशुओं के पानी की व्यवस्था महंगे दामों में टैंकरों से करनी पड़ रही है। वहीं बेसहारा पशुओं को प्यासे ही भटकना पड़ रहा है। कस्बे के पशु चिकित्सालय के आगे पशुओं को पानी मुहैया कराने के लिए पशु कुंड का निर्माण करवाया गया था। जलदाय विभाग की अनदेखी के चलते यह पशु कुंड पिछले 5 दिनों से खाली पड़ा है। इससे पशुपालकों को अपने पशुओं की प्यास बुझाने के लिए पानी टैंकरों से महंगे दामों में मांगना पड़ रहा है। वहीं आवारा पशुओं को प्यासे ही भटकना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि इसको लेकर जलदाय विभाग के अधिकारियों को व कर्मचारियों को कई वार अवगत करा दिया गया है। इसके बावजूद भी इस समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा है। ग्रामीणों ने जलदाय विभाग के उच्च अधिकारियों से जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान करवाने की मांग की है।
फतेहगढ़. भीखाराम दर्जी की ढाणी में क्षतिग्रस्त जीएलआर।