बाल विवाह जैसी कुरीति को रोकना हर नागरिक का दायित्व: जुगतसिंह

Jaisalmaer News - भारत के संविधान की 70वीं वर्षगांठ के अवसर पर सुदूर कोनों तक संविधान की प्रस्तावना व मूल कर्तव्यों की जानकारी देने...

Dec 04, 2019, 09:57 AM IST
Jaisalmer News - rajasthan news prevention of child marriage like malpractices is the responsibility of every citizen jugat singh
भारत के संविधान की 70वीं वर्षगांठ के अवसर पर सुदूर कोनों तक संविधान की प्रस्तावना व मूल कर्तव्यों की जानकारी देने के उद्देश्य से चलाए जा रहे संविधान सप्ताह के समापन दिवस पर राउप्रा संस्कृत विद्यालय अमरसागर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में विधिक साक्षरता शिविर लगाया गया।

सप्ताह के तहत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा आयोजित विधिक साक्षरता शिविर में सचिव शरद तंवर ने भारत के संविधान की प्रस्तावना एवं बाल विवाह निषेध अधिनियम पर जानकारियां साझा कीं। चाइल्ड लाइन के अर्जुन देव शास्त्री द्वारा संविधान की प्रस्तावना का वाचन किया गया एवं प्रधानाचार्य जुगत सिंह द्वारा विद्यार्थियों को संविधान में वर्णित मूल कर्तव्यों के बारे में बताया गया। विद्यार्थियों को संविधान के पालन की शपथ दिलाई गई। अभियान के तहत बाल विवाह निषेध अधिनियम की जानकारी देते हुए अवगत कराया गया कि इस कानून के तहत किसी बालिका की उम्र 18 वर्ष से कम एवं बालक की उम्र 21 वर्ष से कम हो तो ऐसा विवाह बाल विवाह की श्रेणी में आता है। कम उम्र में बच्चों की शादी करने से उनके स्वास्थ्य, मानसिक विकास एवं खुशहाल जीवन पर प्रतिकूल असर पड़ता है। ऐसे में बाल विवाह जैसी कुरीति को रोकना प्रत्येक सजग नागरिक का दायित्व बनता है।

उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि उनके ध्यान में आने वाली ऐसी किसी भी घटना की जानकारी वे जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, पुलिस या सीधे मजिस्ट्रेट कार्यालय में दे सकते हैं, ताकि ऐसे किसी भी बाल विवाह को रोका जा सके। उन्होंने यह भी बताया कि लड़की की शादी में दहेज लेने देने की प्रथा पर रोक लगाने के लिए दहेज प्रतिषेध अधिनियम प्रभावी है, इसके तहत दहेज लेना व देना दोनों अपराध है। जानकारियों के क्रम में रैगिंग विरोधी कानून एवं बाल श्रम निषेध अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी भी प्रदान की गई। विषय से संबंधित लीफलेट एवं पेम्पलेट वितरित किए गए।

पोकरण | संविधान सप्ताह के समापन पर पोकरण में स्थित मदरसे में पढ़ रहे बच्चों को संविधान के बारे में जानकारी देने के लिए तालुका विधिक सेवा समिति पोकरण द्वारा न्यायाधिकारी ग्राम न्यायालय सांकड़ा जितेन्द्र कुमार, पैनल अधिवक्ता मोहम्मद इकबाल ने सोमवार को विधिक साक्षरता कार्यक्रम आयोजित किया गया। शिविर में बताया कि 26 नवम्बर को संविधान अंगीकृत दिवस को समारोह पूर्वक मनाने के लिए साप्ताहिक कार्यक्रम आयोजित किए गए तथा संविधान सप्ताह के दौरान विद्यालयों एवं सार्वजनिक स्थानों, पंचायत समितियों पर पीएलवी द्वारा कार्यक्रम आयोजित कर संविधान की प्रस्तावना एवं आर्टिकल 51 ए मूल कर्तव्यों के बारे में जानकारी आमजन तक पहुंचाई गई।

साथ ही शिविर में उपस्थित बच्चों को भी संविधान की प्रस्तावना एवं आर्टिकल 51 ए मूल कर्तव्यों के बारे में विस्तृत जानकारी दी तथा संविधान में दिए गए शिक्षा के अधिकार के बारे में बताया कि 6-14 साल के बच्चों की मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा के प्रावधान को मौलिक अधिकार बनाया गया है। उन्होंने बताया कि देश के विकास के लिए भावी पीढी को शिक्षित होना जरूरी है। विधिक साक्षरता कार्यक्रम के दौरान उपस्थित बच्चों को जितेन्द्र कुमार ने राज्य में संचालित विधिक सहायता प्राधिकरण एवं समितियों के बारे में विस्तारपूर्वक बताया। साथ ही निशुल्क कानूनी सेवाओं के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि जीवन के उद्भव से लेकर सभ्यताओं के अद्यतन विकास की मूलभूत आवश्यकता में जल की महत्वपूर्ण भूमिका स्वतः सिद्ध है। इस अवसर पर मदरसे के कारी मोहम्मद अमीन, मुफ्ती मोहम्मद सलाम, मौलवी इशाक, सदर अब्दुल हई व मदरसे के अन्य अध्यापकगण उपस्थित थे।

ं विधिक साक्षरता क्लब व सेवा क्लब की जानकारी दी

जैसलमेर. संविधान सप्ताह के समापन पर कार्यक्रम में उपस्थित विद्यार्थी।

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