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ईरान से भारतीयों को जैसलमेर लाने का कार्यक्रम रद्द, अब 2-3 दिन बाद लाएंगे

एक वर्ष पहले
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केन्द्र सरकार ने ईरान में फंसे 6 हजार भारतीयों को वापस लाने का प्रयास शुरू कर दिया है। गौरतलब है कि ईरान में कोरोना वायरस का प्रकोप ज्यादा है और वहां कई मौतें भी इस वायरस से हो चुकी है। कोरोना वायरस को लेकर जहां जहां भी भारतीय फंसे हैं वहां से उन्हें वापस लाने की भारत सरकार ने योजना बना ली है। इसी क्रम में ईरान में फंसे करीब 6 हजार भारतीयों को वापस लाना है।

जानकारी के अनुसार पहली फ्लाइट में 200 से अधिक भारतीयों को सीधे ही जैसलमेर लाया जाना था। यह फ्लाइट शुक्रवार को आने वाली थी। मिलिट्री स्टेशन में इसकी तैयारी भी कर ली गई थी, लेकिन एनवक्त पर यह कार्यक्रम रद्द कर दिया गया है। अब बताया जा रहा है कि आगामी दो तीन दिनों में एक फ्लाइट ईरान से जैसलमेर आ सकती है। दसमें बड़ी संख्या में भारतीयों को यहां लाया जाएगा।

ईरान से कोरोना वायरस के भय से जैसलमेर लाए जाने वाले भारतीयों के मामले में जैसलमेर में विरोध देखने को मिला। शहरवासियों के अनुसार इन्हें जैसलमेर लाने का क्या औचित्य है। इस बीच शुक्रवार को कार्यक्रम रद्द होने से एकबारगी राहत मिली है।

पहली फ्लाइट में कम थे लोग, इसलिए मुम्बई शिफ्ट करने का लिया निर्णय

बताया जा रहा है कि ईरान से आई पहली फ्लाइट में केवल 44 लोग ही थे। इसलिए इन्हें जैसलमेर लाने का कार्यक्रम रद्द कर दिया गया। फिलहाल इन्हें मुम्बई में शिफ्ट कर दिया गया है। अब बताया जा रहा है कि संभवतया 15 तारीख को आने वाली फ्लाइट में इन 44 लाेगों को भी जैसलमेर साथ लाया जाएगा।

ईरान से आने वाली फ्लाइट में 44 यात्री थे। इसलिए फिलहाल उन्हें मुंबई शिफ्ट कर दिया गया है। आगामी दो तीन दिनों में एक और फ्लाइट आएगी उसमें आने वाले लोगों को जैसलमेर शिफ्ट किया जाएगा। यहां मिलिट्री स्टेशन में आइसोलेशन व वेलनेस सेंटर बनाया गया है।


ईरान से आने वाले यात्री काेरोना से संक्रमित नहीं है


कलेक्टर नमित मेहता ने बताया कि ईरान से जिन लोगों को लाया जा रहा है वे कोरोना से संक्रमित नहीं है। ईरान में कोरोना का प्रकोप ज्यादा है, इसलिए इन्हें स्वदेश लाया जा रहा है। इसी वजह से इन्हें 14 से 28 दिन तक आइसोलेशन में रखा जाएगा, ताकि किसी भी व्यक्ति में कोरोना के लक्षण दिखाई दे तो उसे तुरंत उपचार मिल सके।

गर्म इलाका, इसलिए यहां लाया जा रहा है


विदेशों में फंसे भारतीयों को धीरे धीरे कर भारत लाया जा रहा है। इनके लिए विभिन्न जिलों के मिलिट्री स्टेशनों में आइसोलेशन वार्ड तैयार किए गए हैं। जैसलमेर को इसलिए चुना गया है क्योंकि यह इलाका गर्म है। जानकारी के अनुसार गर्मी के असर के बीच कोरोना का असर खत्म हो जाता है। बताया जा रहा है कि आगामी कुछ दिनों में ईरान से यहां बड़ी संख्या में भारतीयों को शिफ्ट किया जाएगा।

मिलिट्री स्टेशन में 400 से अधिक लोगों की व्यवस्था कर रखी है

मिलिट्री स्टेशन में शुरुअाती तौर पर तैयार किए गए आइसोलेशन वार्ड में 400 से अधिक लोगों को रखने की व्यवस्था की गई है। पहली फ्लाइट में कम लोग थे, इसलिए इन्हें नहीं लाया गया है। बताया जा रहा है कि अब 15 तारीख को 150 से 200 लोगों को यहां शिफ्ट किया जाएगा।

जैसलमेर. मिलिट्री स्टेशन में तैयार किया गया आइसोलेशन वार्ड।

नमित मेहता, कलेक्टर, जैसलमेर

जैसलमेर ही क्यों

कोरोना के संदिग्ध मरीजों के लिए शहर के मिलिट्री स्टेशन में तैयार किया गया आइसोलेशन वार्ड

कोरोना से डरोना |
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