आरटीई का पिछले साल की 114 व इस बार 303 स्कूलों को नहीं मिला भुगतान

Jaisalmaer News - सरकार द्वारा गरीब तबके के बच्चों को निजी स्कूलों में निशुल्क शिक्षा देने के उद्देश्य से शिक्षा का अधिकारी कानून...

Jan 16, 2020, 08:45 AM IST
Jaisalmer News - rajasthan news rte39s 114 and last year39s 303 schools did not receive payment
सरकार द्वारा गरीब तबके के बच्चों को निजी स्कूलों में निशुल्क शिक्षा देने के उद्देश्य से शिक्षा का अधिकारी कानून लाया गया। लेकिन सरकार की उदासीनता के कारण ही यह कानून अपना उद्देश्य पूरा नहीं कर पा रहा है। निजी स्कूलों में निशुल्क पढ़ने वाले बच्चों के लिए राज्य सरकार द्वारा फीस की राशि दी जाती है। लेकिन जैसलमेर के 84 स्कूलों को पिछले साल की भी पुनर्भरण राशि नहीं मिली है। वहीं इस साल 2019-20 की राशि एक भी स्कूल को नहीं मिली है। गौरतलब है कि सरकार से बजट की मांग किए जाने के बावजूद सरकार द्वारा बजट जारी नहीं किया जा रहा है। जिससे कई स्कूलों के पैसे अटक गए है। जिससे इन स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों का भविष्य अंधकारमय हो गया है। सरकार द्वारा समय पर पुनर्भरण राशि का आवंटन नहीं करने से अब निजी स्कूलों का आरटीई से मोहभंग हो रहा है। स्कूलों को पिछले तीन किश्ते समय पर नहीं मिल रही है। जिससे स्कूलों की आर्थिक स्थिति गड़बड़ा गई है। संचालकों द्वारा अब आरटीई के तहत प्रवेश लेने में हिचकिचाहट महसूस की जा रही है।

लापरवाही
पिछले साल से लेकर अब तक यह किश्तें अभी भी अटकी

2018-19 पहली किश्त : 2018-19 की पहली किश्त के लिए 156 स्कूलों ने बिल बनाकर भेजा। जिसमें से 145 स्कूलों के 3318 बच्चों के लिए 1 करोड़ 59 हजार 906 रुपए जारी किए गए। 2018-19 की पहली किश्त की राशि अभी भी 11 स्कूलों को आवंटित नहीं की गई है।

2018-19 दूसरी किश्त : 2018-19 की दूसरी किश्त के लिए 137 प्रारंभिक स्कूलों ने बिल बनाकर भेजा। जिसमें से मात्र 53 स्कूलों को 1 हजार 38 बच्चों को ही 27 लाख 40 हजार 324 रुपए जारी किए गए है। शेष 84 प्रारंभिक स्कूलों को अभी भी किश्त जारी होने का इंतजार है। वहीं 54 माध्यमिक विद्यालयों में से मात्र 35 स्कूलों के 1369 बच्चों के लिए 42 लाख 34 हजार 978 रुपए जारी किए गए है। वहीं 19 निजी माध्यमिक विद्यालय अभी भी 2018-19 की दूसरी किश्त जारी होने का इंतजार कर रही है।

बजट नहीं देना, बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़

शिक्षा के अधिकार के तहत बच्चों को निशुल्क प्रवेश के लिए सरकार द्वारा निजी स्कूलों को पुनर्भरण राशि आवंटित की जाती है। लेकिन सरकार द्वारा पिछले साल की पहली, दूसरी व इस साल की एक भी किश्त जारी नहीं करने से स्कूल प्रबंधन आरटीई के तहत निशुल्क प्रवेश करने से घबरा रहे है।

2019-20 की किश्त: शिक्षा के अधिकारी अधिनियम के तहत 2019-20 की पहली किश्त के लिए 244 प्रारंभिक व 59 माध्यमिक विद्यालयों में 25 प्रतिशत बच्चों को निशुल्क प्रवेश दिए गए है। लेकिन सरकार द्वारा बजट का आवंटन नहीं किया जा रहा है। जिससे स्कूलों का आर्थिक नुकसान के साथ ही बच्चों का भविष्य दांव पर लग गया है।

इस साल 1637 बच्चे पढ़ रहे है आरटीई के तहत

2019-20 में 303 स्कूलों में शिक्षा का अधिकार के तहत असुविधाग्रस्त बच्चों काे निशुल्क प्रवेश दिया गया है। 244 प्रारंभिक निजी विद्यालयों में 1126 व 59 माध्यमिक निजी विद्यालयों में 511 बच्चों को निशुल्क प्रवेश दिया गया है। जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा पिछले व इस साल के सभी स्कूलों की बजट की मांग की जा चुकी है। लेकिन सरकार द्वारा पिछले साल की पहली व दूसरी किश्त के साथ ही इस साल की किश्त का भी आवंटन नहीं किया गया है।


X
Jaisalmer News - rajasthan news rte39s 114 and last year39s 303 schools did not receive payment
COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना