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महिलाएं समाज का मुख्य हिस्सा, सभी को इनका सम्मान करना चाहिए: डॉ. चारू

एक वर्ष पहले
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कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा रामदेवरा व दुधिया में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया। इसमें 35 महिलाओं ने भाग लिया। केन्द्र के प्रभारी चन्द्र प्रकाश मीणा ने बताया की महिलांए सबके साथ -साथ खुद का भी ख्याल रखें। तभी जाकर संतुलित जीवन हो पाएगा। गृह वैज्ञानिक डॉ. चारू शर्मा ने बताया की महिलाएं समाज का मुख्य हिस्सा होती हैं। आर्थिक, राजनीतिक और सामाजिक क्रियाओं में एक बड़ी भूमिका निभाती हैं।

केन्द्र के पशुपालन वैज्ञानिक डॉ.रामनिवास ने बताया कि इस बार अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस का थीम हैं कि दुनिया का हर व्यक्ति बराबर हैं। खास तौर से महिलाएं। उन्होंने खेती कार्य में महिलाओं का 50 प्रतिशत योगदान और पशुपालन में महिलाओं का पूरा योगदान रहने तथा महिलाओं की सहभागिता बगैर खुशहाली नहीं आने बात कही। केन्द्र के शस्य वैज्ञानिक डॉ. कृष्ण गोपाल व्यास ने पिछले कुछ वर्षों में महिलाओं ने सेना, प्रशासन, राजनीति जैसे हर क्षेत्र में अपना परचम लहराते हुए महिला सशक्तिकरण के संदेश को साकार किया है। कृषि प्रसार वैज्ञानिक सुनील कुमार शर्मा ने बताया कि समाज में महिलाओं के अधिकार और उनकी स्थिति के बारे में वास्तविक संदेश को फैलाने में ये उत्सव एक बड़ी भूमिका निभाता है। उन्होंने महिलाओं का कृषि में योगदान, शिक्षा की महत्ता, आजीविका आदि के मौके के लिए महिलाओं को अपने अधिकारों के बारे में जागरूकता बढ़ाने पर जोर देने की आवश्यकता बताई।

रासला गांव में ग्रामीण विकास विज्ञान समिति उपकेन्द्र जैसलमेर व इडब्लयूजीएल परियोजना के तत्वाधान में रविवार को संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी को संबोधित करते हुए फील्ड समन्वयक भूराराम पंवार ने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मुख्य रूप से महिलाओं द्वारा अलग-अलग क्षेत्रों में द्वारा दिए गए योगदान के लिए मनाया जाता हैं। इसके अलावा महिलाओं को लेकर समाज के लोगों को जागरूक करने, महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने व उन्हें प्रेरित करने के लिए यह दिवस बहुत महत्वपूर्ण माना जाता हैं। इस अवसर पर एएनएम प्रेमलता ने बताया कि महिला दिवस हर वर्ष अलग-अलग थीम पर आयोजित किया जाता हैं। उन्होंने महिलाओं के अधिकारों पर विस्तार से बताया। उन्होंने महिलाओं अधिकारों पर चर्चा करते हुए बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ पर भी चर्चा की। संगोष्ठी कार्यक्रम में ग्रामीण क्षेत्र की 60 महिलाओं ने भाग लिया। इस अवसर पर भीखाराम व नीतू कंवर ने विचार रखे।

होली से पहले काव्य गोष्ठी का आयोजन किया

जैसलमेर. संगोष्ठी में उपस्थित महिलाएं।

जैसलमेर | अखिल भारतीय साहित्य परिषद जैसलमेर द्वारा अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस व होली के अवसर दुर्ग स्थित विद्यालय में काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता बालकृष्ण जगाणी ने की। मुख्य अतिथि के रूप में थिरपालदास वैष्णव उपस्थित रहे। इस अवसर पर कवि एवं साहित्यकार मनोहर महेचा को दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई। संस्था के अध्यक्ष आनंद जगाणी ने बताया कि भारतीय संस्कृति में मातृ शक्ति को सर्वोच्च स्थान दिया गया है। बिना मातृ शक्ति के हम संसार की कल्पना भी नहीं कर सकते हैं। नरेन्द्र वासु ने बताया कि काव्य गोष्ठी का प्रारंभ कवि गणित शिक्षक मुकेश बिस्सा ने परीक्षा का भूत कविता के साथ किया। कन्हैया शर्मा रवि ने गुरुवंदना प्रस्तुत की। काव्य गोष्ठी के आयोजक एवं कार्यक्रम प्रभारी मुकेश हर्ष ने मीरा का उसकी सखी से हुए संवाद को अपनी रचना मेरो तो बस एक तू ही, तेरो सब संसार के माध्यम से प्रस्तुत किया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि थिरपालदास वैष्णव, वरिष्ठ कवि राजेन्द्र व्यास, कवि सुरेश कुमार हर्ष व कवि आनंद जगाणी ने कविताएं प्रस्तुत की। इस अवसर पर मुकेश बिस्सा के तृतीय संकलन काव्यांजलि का विमोचन अतिथियों द्वारा किया गया। कार्यक्रम का संचालन में राग शर्मा, कीर्तिवर्धन बिस्सा, सुरेश कुमार जोशी व विनोद बिस्सा ने सहयोग प्रदान किया। मंच का संचालन नरेन्द्र वासु ने किया। उपस्थित सभी कवियों द्वारा पुष्पों से होली खेली गई ।
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