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नगर परिषद टीम ने 12 निर्माण कार्यों का किया निरीक्षण सभी जगह नियमों के विपरीत हो रहा था काम, थमाए नोटिस

नगर परिषद क्षेत्र में हो रहे निर्माण कार्यों में तकरीबन हर कार्य नियम व स्वीकृत प्लान के विरुद्ध हो रहा है। कोई...

Dainik Bhaskar

Apr 17, 2018, 03:55 AM IST
नगर परिषद टीम ने 12 निर्माण कार्यों का किया निरीक्षण सभी जगह नियमों के विपरीत हो रहा था काम, थमाए नोटिस
नगर परिषद क्षेत्र में हो रहे निर्माण कार्यों में तकरीबन हर कार्य नियम व स्वीकृत प्लान के विरुद्ध हो रहा है। कोई परमिशन से ज्यादा प्लोर बना रहा हैं तो कोई बिना परमिशन ही बिल्डिंग खड़ी कर रहा है। सोमवार को नगर परिषद आयुक्त एवं भवन निर्माण कमेटी की ओर से जब शहर में होने वाले विभिन्न निर्माण कार्यों में से 12 जगह का निरीक्षण किया गया तो हर कार्य नियम विरुद्ध होता पाया गया। नियम विरुद्ध चल रहे इन निर्माण कार्यों में से 2 को हाथों-हाथ नोटिस थमाए गए, जिन्हें तीन दिन में जबाव देने के निर्देश दिए हैं। वहीं अन्यों के खिलाफ नोटिस तैयार करवाने के निर्देश दिए।

कुछ की शिकायतें, कुछ सामान्य निरीक्षण में आए सामने : सोमवार को आयुक्त शिकेस कांकरिया व भवन निर्माण कमेटी के अध्यक्ष पार्षद ओमप्रकाश माली व सदस्य प्रेमाराम ने शहर के विभिन्न कार्यों का निरीक्षण किया। जिसमें कुछ कार्यों की पहले से ही शिकायतें मिली हुई थी, वहीं कुछ कार्य सामान्य निरीक्षण के दौरान ही सामने आ गए। टीम ने 11 निर्माण कार्यों पर जाकर निरीक्षण किया तो सभी निर्माण कार्यों में कोई ना कोई नियम विरुद्ध कार्य होता सामने आया। इस दौरान मौके पर ही नोटिस जारी कर तीन दिन में जबाव व दस्तावेज पेश करने के निर्देश दिए।

कहीं बिल्डिंग निर्माण कार्य समाप्त होने वाला है तो कहीं आधा बन चुका है

निजी स्कूल सेंटपॉल स्कूल को नोटिस

शहर के लेटा मार्ग पर सर्किट हाऊस के सामने स्थित निजी स्कूल सेंट पॉल के नाम भी नोटिस जारी किया गया। यहां पर नगर परिषद से स्वीकृत प्लान से अधिक जगह पर निर्माण किया हुआ है। गौरतलब है कि सेंट पॉल स्कूल का निर्माण कार्य शुरूआत से ही विवादों में रहा। इसकी बिल्डिंग का निर्माण कार्य नगर परिषद से स्वीकृति मिलने से पहले ही शुरू कर दिया था। शिकायत के बाद नगर परिषद के तत्कालीन आयुक्त त्रिकमदान चारण ने रातों-रात स्वीकृति दी। इस दौरान निर्माण कार्य हो चुके पर पेनल्टी भी महज 1 प्रतिशत ही वसूली गई थी। अब कार्य अंतिम चरण में है। नगर परिषद से मिली स्वीकृति से अधिक जगह पर निर्माण हो रखा है। जिसे लेकर सोमवार को नोटिस दिया गया।

बिना इजाजत हो रहा था निर्माण, परिषद ने जब्त किया सामान

शहर के मानपुरा कॉलोनी में एक निर्माण कार्य चल रहा था। जहां पर निरीक्षण के दौरान पाया गया कि इसके निर्माण में किसी तरह की स्वीकृति नहीं ली गई थी। इस पर आयुक्त ने कार्मिकों को निर्देश देते हुए सामान को जब्त करवाया। इसी तरह निरीक्षण पर बागोड़ा मार्ग पर पेट्रोल पंप के पास गली में नरपतकुमार माली की ओर से भी बिना ईजाजत निर्माण कार्य करना सामने आया। नरपतकुमार के तो बिना ईजाजत निर्माण लगभग पूर्ण होने वाला है। घांचियों की पिलानी में गिरधारीलाल खत्री की ओर से भी बिना ईजाजत निर्माण कार्य करना पाया गया। भीनमाल मार्ग पर बन रहे श्रीराम अस्पताल की बिल्डिंग में भी स्वीकृत प्लान से अधिक फ्लोर बनाए गए हैं। इसी तरह डॉ. अनिल जैन के मकान के सामने आवासीय जमीन में व्यवसायिक निर्माण कार्य चल रहा था। जिसे भी रुकवाया गया। शिवाजी नगर में बन रही शहर की सबसे ऊंची बिल्डिंग का निरीक्षण कर दस्तावेज मांगे गए हैं। इसी तरह बैंक कॉलोनी में भी एक शिकायत पर मौके पर जाकर कागजात देखे।

जालोर. शिवाजी नगर कॉलोनी में बन रही बिल्डिंग का निरीक्षण करती टीम।

सब्जी मंडी के बाहर हो रहे कार्य को करवाया बंद

निरीक्षण के दौरान रेल्वे क्रॉसिंग के बाहर हो रहे निर्माण कार्य का निरीक्षण कर स्वीकृति प्लान व दस्तावेज देखने पर सामने आया कि अंडरग्राउंड बना हुआ है लेकिन परमिशन नहीं है। जिस पर आयुक्त ने नोटिस देते हुए काम को बंद करवाया।

सवाल यह कि आखिर ठोस कार्रवाई क्यों नहीं?

शहर में सोमवार को 12 जगहों का आयुक्त व भवन निर्माण कमेटी ने निरीक्षण किया। इस दौरान सभी जगह पर नियम विरुद्ध कार्य होता पाया गया। 2 को मौके पर नोटिस थमाए गए और शेष को नोटिस देने की कार्यवाही शुरू की गई। सोमवार को सामने आए इस नजारे ने यह साबित कर दिया है कि निर्माण को लेकर नगर परिषद क्षेत्र में किस तरह नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही है। नगर परिषद की ओर से ठोस कार्यवाही नहीं किए जाने के कारण ऐसे लोगों के हौंसले बूलंद है और धड़ल्ले से नियम विरुद्ध कार्य किए जा रहे हैं। इससे पहले भी कई बार अवैध निर्माण व प्लान के अनुरूप निर्माण नहीं होने पर नोटिस थमाए गए, लेकिन एक के खिलाफ भी ठोस कार्यवाही नहीं हुई। नोटिस देकर मामले में इतिश्री कर दी जाती है और निर्माणकर्ता अपने निर्माण कार्य को अनवरत जारी रखता है और देखते ही देखते कार्य पूर्ण हो जाता है। सभापति भंवरलाल माली के रिश्तेदार की ओर से शहर के वन-वे मार्ग पर आवासीय जमीन पर व्यवसायिक निर्माण किया गया था। तत्कालीन आयुक्त सौरभ जिंदल ने नोटिस दिए, लेकिन कार्यवाही कुछ नहीं और देखते ही देखते निर्माण कार्य पूरा हो गया और आज वहां दुकान संचालित हो रही है।

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