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करौली के बाद अब जालोर में ठप होने के कगार पर मनरेगा कार्य, 8.50 करोड़ का अटका भुगतान

बीते कुछ दिनों से मनरेगा के तहत संविदा पर लगे कार्मिकों के हड़ताल पर चले जाने से प्रदेश में मनरेगा की स्थिति विकट...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 18, 2018, 04:40 AM IST

करौली के बाद अब जालोर में ठप होने के कगार पर मनरेगा कार्य, 8.50 करोड़ का अटका भुगतान
बीते कुछ दिनों से मनरेगा के तहत संविदा पर लगे कार्मिकों के हड़ताल पर चले जाने से प्रदेश में मनरेगा की स्थिति विकट हो गई है। हर दिन लगातार कार्य बंद हो रहे हैं। कार्मिकों के हड़ताल पर होने के कारण श्रमिकों को रोजगार नहीं मिल पा रहा है। जालोर जिले में भी मनरेगा के कार्य ठप होने की कगार पर है। गुरुवार को प्रदेश के तैंतीस जिलों में से करोली में तो एक भी पंचायत में एक भी कार्य नहीं सुचारू हुआ। वहीं अब दूसरे स्थान पर जालोर में केवल पंद्रह पंचायतों में ही कार्य चल रहा है। जो कुछ ही दिनों पर पूरे होने वाले हैं। गर्मी के सीजन में जहां श्रमिकों को सबसे ज्यादा रोजगार की जरूरत है, वहां श्रमिकों को काम नहीं मिल पा रहे हैं। अब कार्य ठप हो रहे हैं।

करोली जिले में गुरुवार को एक भी कार्य मनरेगा के तहत नहीं रहा सुचारू, वहीं जालोर में केवल पंद्रह पंचायतों में ही कार्य रहा जारी

जिले में केवल पंद्रह पंचायतों में ही शुरू है कार्य

जिले में 274 ग्राम पंचायतों में से गुरुवार तक केवल पंद्रह ग्राम पंचायतों में ही कार्य सुचारू था। इन पंद्रह ग्राम पंचायतों में विभिन्न प्रकार के 115 कार्य संचालित हो रहे हैं। जहां पर 1 हजार 761 श्रमिकों को रोजगार मिला हुआ है। इस प्रकार की गर्मी के सीजन में हर वर्ष जालोर जिले में करीब 45 से 50 हजार श्रमिकों रोजगार पर लगे रहते हैं, लेकिन इस वर्ष एमआईएस, कंप्यूटर ऑपरेटर, रोजगार सहायक समेत संविदाकर्मियों के हड़ताल पर चले जाने के कारण मनरेगा का कामकाज पूरी तरह से प्रभावित हो रहा है। इस संबंध में न तो अधिकारी ध्यान दे रहे हैं और न ही जनप्रतिनिधि गंभीरता दिखा रहे हैं।

जसवंतपुरा, भीनमाल व रानीवाड़ा में बंद हो गए कार्य

जिले के आठ ब्लॉकों में से जसवंतपुरा, भीनमाल व रानीवाड़ा में एक भी कार्य सुचारू नहीं है। वहीं जालोर में एक पंचायत में 43 श्रमिकों, चितलवाना में एक पंचायत में 120 श्रमिकों तथा सायला में 1 पंचायत पर 54 श्रमिकों को कार्य मिला हुआ है। वहीं सांचौर में 5 पंचायतों में 547 तथा आहोर की 7 पंचायतों में 997 श्रमिकों को रोजगार मिला हुआ है। इसके अलावा किसी श्रमिकों को रोजगार नहीं मिला हुआ है।

3 महीनों के बकाया पड़े हैं साढ़े आठ करोड़ रुपए

मनरेगाकर्मियों के हड़ताल पर चले जाने के कारण जिले में करीब साढ़े आठ करोड़ रुपए का भुगतान बकाया पड़ा है। इसमें श्रमिकों की 117.38 लाख रुपए की राशि, निर्माण सामग्री की 693.88 लाख रुपए और मेट का भुगतान समेत 568 बिलों की कुल 8 करोड़ 44 लाख 32 हजार रुपए का भुगतान बकाया चल रहा है।

जिले में वर्तमान में मनरेगा की स्थिति

कुल पंचायतें : 274

काम सुचारू पंचायतें : 15

कार्यरत श्रमिक : 1761

कुल कार्य : 115

हड़ताल पर जाने से बड़ा प्रभाव...

गर्मी के सीजन में श्रमिकों को रोजगार की अधिक जरूरत रहती है, पर इस बार सारे मनरेगा संविदाकर्मी हड़ताल पर चले गए। जिसका बड़ा असर पड़ा है। मस्टररोल भी जारी करने वाला कोई नहीं है। हमने इस संबंध में सरकार को भी अवगत करवा दिया है। - डॉ. वन्नेसिंह गोहिल, जिला प्रमुख, जालोर

प्रदेश में वर्तमान में मनरेगा की स्थिति

कुल पंचायतें : 9894

काम सुचारू पंचायतें : 4451

कार्यरत श्रमिक : 833103

कुल कार्य : 45284

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Web Title: करौली के बाद अब जालोर में ठप होने के कगार पर मनरेगा कार्य, 8.50 करोड़ का अटका भुगतान
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