कथा में विद्यार्थियों को बताए गोमाता की सेवा के लाभ

Jalore News - भीनमाल. गोकृपा कथा में रविवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु शरीक हुए। कथा में आसपास के गांवों से भी श्रद्धालु...

Nov 11, 2019, 07:25 AM IST
भीनमाल. गोकृपा कथा में रविवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु शरीक हुए। कथा में आसपास के गांवों से भी श्रद्धालु पहुंचे।

सात दिवसीय गोकृपा कथा में जुटने लगी श्रद्धालुओं की भीड़

भास्कर न्यूज | भीनमाल

स्थानीय गायत्री मंदिर के पास चल रही गोकृपा कथा के दौरान काफी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ जुट रही हैं। ग्वाल संत ने कहा कि गोमाता विद्या की दाता हैं। गोमाता के जिभ पर सरस्वती माता का वास होता हैं। विद्यार्थी अगर प्रतिदिन गुड़ व रोटी गोमाता को खिलाकर गोमाता का आशीर्वाद ले तो वह अति बुद्धिशाली बन जाता हंै। संत ने कहा कि गोमाता के रोम-रोम में विद्यादेवियों का वास होता हैं। गोमाता की सेवा से अल्पसमय में विद्यार्थी ज्ञानी हो जाता हैं। गोमाता की सेवा से प्राचीन काल में जाबाली पुत्र सत्यकाम ने अल्पसमय में अध्ययन किया। पढ़ाई करने वाले विद्यार्थी को प्रात: सूर्य भगवान को जल अर्पित करना चाहिए। स्वर्ण तत्व गोमाता के दूध में होने से बुद्धी, शक्ति में वृद्धि होती है। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे श्रावणमास में गोमाता का दूध नही पिए। क्योंकि श्रावणमास में दूध पीने से बुद्धि के तंत जमा हो जाते है। उन्होंने कहा कि पूरे संसार में भारत भूमि ही वह पवित्र भूमि हंै, जहां मनुष्यों को गोमाता की कृपा प्राप्त होती है। इस अवसर पर जयरूपाराम माली, मफाराम घांची, कोलचंद सोनी, जोगाराम चौधरी, पारस मोदी, गलबाराम सुथार, हीरालाल माली सहित कई महिलाए एवं पुरुष कथा में उपस्थित रहे।

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