सभी पर लक्ष्मी कृपा कराने के लिए एक ही आदमी ने श्रीयंत्र रेखा पर बनाया 72 जिनालय

Jalore News - भीनमाल. वैसे तो शहर में समय-समय पर अनेक जैन मंदिरों का निर्माण हुआ है। लेकिन शहर के रामसीन रोड़ पर स्थित...

Bhaskar News Network

Apr 17, 2019, 07:20 AM IST
Bhinmal News - rajasthan news for the sake of lakshmi the same man created the 72 lines on the brihan dynasty
भीनमाल. वैसे तो शहर में समय-समय पर अनेक जैन मंदिरों का निर्माण हुआ है। लेकिन शहर के रामसीन रोड़ पर स्थित लक्ष्मीवल्लभ पाश्र्वनाथ (72 जिनालय) में सिर्फ जैन श्रद्धालु ही नहीं अपितु 36 कौम के लोग दर्शन के लिए दूर-दूर से आते है। सभी लोगों को लक्ष्मी प्राप्ति हो इस उद्देश्य से मात्र एक व्यक्ति सुमेरमल लुंकड़ ने श्रीयंत्र रेखा पर इसका निर्माण कराया है। लक्ष्मीवल्लभ पाश्र्वनाथ महातीर्थ जैन धर्म के 72 तीर्थंकरों के आधार पर कराया गया है। करीब सौ बीघा भूमि पर इसका निर्माण हुआ है। मंदिर उत्तरमुखी है। श्रीयंत्र सर्वतो भद्र रेखा पर संगमरमर निर्मित यह मंदिर कुल 63504 वर्ग फुट में बना है। कहते है इसके दर्शन से मां लक्ष्मी की कृपा होती है। मंदिर परिसर में अतीत, अनागत व वर्तमान तीनों ही चौबीसी के तीर्थंकरों की देवकुलिका, गणधर मंदिर, गुरू मंदिर, कुलदेवी मंदिर, महावीर स्वामी, नाकोड़ा भेरूजी, मणिभद्र सहित अन्य मंदिर स्थित है।

इसमें स्थित भोजनशाला में एक साथ दो हजार लोग बैठकर भोजन

कर सकते है।

महावीर जयंती- अाज

1996 में शुरू हुआ निर्माण कार्य

वर्ष 1991 में सुमेरमल लुंकड़ ने त्रिस्तुतिक जैनाचार्य हेमेंद्रसूरीश्वर मसा से प्रेरणा लेकर मंदिर की शुरुआत की। लुंकड़ परिवार ने मुनि ऋषभविजय के साथ तीर्थ के लिए जमीन की खोजबीन की कवायद शुरू की। सभी वास्तुशास्त्र एवं दिशाओं को ध्यान में रखते हुए रामसीन रोड़ पर जमीन खरीदी गई। 2 मई 1996 में शुभ मुहूर्त में इस महातीर्थ के नींव का शिलान्यास किया गया। फरवरी 2011 में इसकी प्रतिष्ठा की गई।

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