असली गणतंत्र इन 40 गांवों में, यहां कोई अपराध नहीं, रजामंदी से सुलझ रहे विवाद

Jalore News - गणतंत्र की असली तस्वीर देखनी हो तो जालोर के इन 40 गांवों में आकर देखिए, इन गांवों में बसने वाले ग्रामीण विकास से लेकर...

Jan 26, 2020, 08:45 AM IST
Jalore News - rajasthan news real republics in these 40 villages no crime here disputes resolved with consent
गणतंत्र की असली तस्वीर देखनी हो तो जालोर के इन 40 गांवों में आकर देखिए, इन गांवों में बसने वाले ग्रामीण विकास से लेकर हर छोटे-मोटे विवाद के लिए सरकार या पुलिस के सामने हाथ नहीं फैलाते। वे विकास के प्रस्ताव खुद लेकर सरकारी बजट के साथ ही खुद भी अपनी तरफ से यथासंभव सहयोग करते हैं।

इन गांवों में आपसी प्रेम तथा भाईचारे की मीनार ऐसी मजबूत है कि आपस में होने वाले छोटे-मोटे विवाद के लिए पुलिस में जाना अपना अपमान समझते हैं। गांव के चोहटे या किसी समाज की हथाई में ही ग्रामीणों की मौजूदगी में हर विवाद का सुलटारा आपस में ही हो जाता है। विवाद समाप्त होने पर गुड़ से एक-दूसरे का मुंह मीठा कराने की परंपरा भी इन गांवों काे मानो विरासत में मिली हो। आजादी के बाद जिले में शिक्षा का प्रसार बढ़ रहा है। इससे लोग जागृत हो रहे हैं। यहां पर आपसी समझाइश व मेल-जोल भी बढ़ा है। जालोर जिले के 40 गांवों में बरसों से कोई मामला पुलिस या किसी कोर्ट में नहीं पहुंचा। ग्रामीणाें में प्रेमभाव ही ऐसा है कि वे इसी के बूते पर आपसी मेलमिलाप के गण-तंत्र से लोकतंत्र को मजबूत कर रहे हैं। जिले के आहोर, नोसरा, बागरा, सायला, रानीवाड़ा, करड़ा, जसवंतपुरा, झाब, सरवाना, चितलवाना व भाद्राजून थाना इलाके के ये गांव हैं। इन थानों में 40 गांवों को लेकर कोई मुकदमा, तहरीर या रपट तक पुलिस के रोजनामचे में दर्ज नहीं है। ऐसा नहीं है कि इन गांवों में कोई छोटा-मोटा विवाद या आपस में कहासुनी नहीं होती, लेकिन यह पुलिस में जाने के बजाय गांव के ही मौजीज लोगों की मौजूदगी में ही निपटा दी जाती है। खास बात यह है कि इनमें कई गांव हैं जहां पिछले 30-40 साल से ऐसी व्यवस्था चल रही है कि कोई पुलिस में जाता ही नहीं है। वहीं इसमें कई ऐसे गांव हैं जहां पर पिछले 30 सालों से मामलों का निस्तारण समझाइश से ही हो रहा है।

समाज की हथाई में ही ग्रामीणों की मौजूदगी में हर विवाद का सुलटारा आपस में ही हो रहा

आपसी सद््भाव की मिसाल हैं ये गांव, जहां विवाद समाप्त होने पर मुंह मीठा होता है












जालोर. यह तस्वीर सरवाना थाना क्षेत्र के खेजडिय़ाली के मीठा खागला की हैं। इस गांव में इतनी एकता हैं कि गांव... में ही किसी फैसले को लेकर बैठक का आयोजन किया जाता हैं, जिसके बाद सबकी राय लेकर फैसले लेते हैं।

...लेकिन ये तीन बड़े थाने जहां एक भी गांव नहीं अपराध मुक्त

इधर, जिले के तीन बड़े थानों में एक भी गांव ऐसा नहीं है जो अपराध मुक्त हो। जालोर, सांचौर थाना और भीनमाल थाने जिले के बड़े थाना क्षेत्र हैं। जालोर जिला मुख्यालय है और भीनमाल सांचौर जिले के बड़े शहर हैं। इनके अलावा रामसीन और बागोड़ा थाना क्षेत्र में भी कोई गांव अपराध मुक्त नहीं हैं।

आपसी समझाइश से होती है सुलह

चितलवाना पुलिस थाना क्षेत्र के सेसावा ग्राम पंचायत का सायरकोसिटा में भी पिछले पांच वर्ष के दौरान एक भी मामला पुलिस थाने तक नहीं पहुंचा है। अगर कोई विवाद हो जाता है, तो आपसी सुलह के बाद निपटाया जाता है। सरपंच प्रतिनिधि जगदीश विश्नोई ने बताया कि कई बार अगर कोई विवाद जैसी स्थिति बनती है, तो तत्काल बैठकर बुजुर्ग लोगों की बैठक आयोजित होती हैं, जिससे मामले सुलझा दिया जाता है।

X
Jalore News - rajasthan news real republics in these 40 villages no crime here disputes resolved with consent

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना