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11 साल पहले बंद हुअा स्कूल, 90 बच्चे छोड़ चुके पढ़ाई, अब फिर से शुरू होने की जगी उम्मीद
नामांकन के अभाव में 11 वर्ष तलका भील की ढाणी प्राथमिक विद्यालय को बंद किया था
निकटवर्ती तलका भील की ढाणी में 11 साल से बंद पड़े प्राथमिक विद्यालय के अब फिर से शुरू होने की उम्मीद जगी है। इसके लिए शिक्षा विभाग ने स्थानीय सीबीईओ कार्यालय से इस विद्यालय के बारे में पूरा ब्यौरा भी मांगा है जिस पर यहां से विस्तृत रिपोर्ट भेजी गई है। अब ग्रामीणों को उम्मीद है कि जल्द ही यह विद्यालय शुरू हाेने से ढाणी के बच्चों को शिक्षा के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।
इधर, इस मामले में शिक्षा मंत्री गोविंदसिंह डोटासरा ने भी ट्वीट कर गंभीरता दिखाई है। गौरतलब है कि तलका भील की ढाणी में करीब 90 बच्चों का नामांकन है, लेकिन ज्यादातर बच्चे प्राथमिक विद्यालय के अभाव में खेलकूद में ही समय व्यतीत कर रहे हैं। इस विद्यालय काे नामांकन के अभाव में 11 साल पूर्व बंद कर दिया गया था। एेसे में कई बच्चे 4 किमी दूर स्थित राउप्रावि हातिमताई की ढाणी विद्यालय में अध्ययन के लिए जाते हैं।
तीसरी कक्षा के बाद पढ़ाई छोड़नी पड़ी
करीब 11 साल पूर्व हमारी ढाणी में प्राथमिक विद्यालय था, उस समय मैं तीसरी कक्षा तक पढ़ा था। उसके बाद विद्यालय बंद हो जाने से मुझे पढ़ाई ही छोड़नी पड़ी। अगर विद्यालय शुरू रहता तो मैं भी पढ़ाई कर के जीवन में कुछ कर सकता। अब मैं मकान निर्माण के कार्य में मजदूरी कर रहा हूं।
- गोपाल भील, पूर्व छात्र
यह स्कूल जल्द ही शुरू होने की उम्मीद है
तलका भील की ढाणी में विद्यालय में पर्याप्त नामांकन होने के बावजूद पूर्व सरकार ने इसे शुरू नहीं कर बच्चों के साथ अन्याय किया है। अब विद्यालय को शुरू करवाने के लिए मैंने शिक्षा मंत्री को भी अवगत करवाया है। इसके बाद रिपोर्ट मांगी गई है। उम्मीद है यह विद्यालय जल्द ही शुरू होगा।
- डॉ. समरजीतसिंह राठौड़, कांग्रेस जिलाध्यक्ष जालोर
हमने इस मामले में रिपोर्ट बनाकर भेजी है
शिक्षा विभाग द्वारा तलका भील की ढाणी विद्यालय के बारे में गत वर्ष अप्रैल में हमने विभाग को लिखा था। अब हाल ही में शिक्षा विभाग द्वारा इस बारे में विद्यालय का ब्यौरा मांगा है। इस पर हमने रिपोर्ट बनाकर भेज दी है। फिलहाल, यह विद्यालय हातिमताई में चल रहा है।
- सच्चिदानंद शर्मा, मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी, भीनमाल
तालका भील की ढाणी का प्राथमिक स्कूल बंद हाेने से 90 बच्चे शिक्षा से रह गए वंचित
तलका भील की ढाणी के प्राथमिक विद्यालय के सामने खड़ी 9 वर्षीय पूजा कुमारी बताती है कि वह अपने जन्म से ही इस विद्यालय को बंद ही देख रही है। उसे पढ़ना था, लेकिन माता-पिता विद्यालय बंद होने की बात कहते रहे। वह ढाणी से 4 किमी दूर दूसरे विद्यालय में पढ़ने नहीं जा सकी। इसी तरह 7 वर्षीय डिंपल कुमारी ने बताया कि उसे भी अब तक स्कूल शिक्षा नहीं मिल पाई है। तलका भील की ढाणी सहित आसपास की ढाणियों के करीब 90 बच्चे वर्तमान में शिक्षा से वंचित है। इनमें ज्यादातर बच्चे छोटे होने से वे 4 किमी का सफर तय कर हातिमताई ढाणी के विद्यालय नहीं पहुंच पाते हैं। ऐसे में ढाणियों के सभी बच्चे पूरा दिन घर पर खेलकूद में ही बिता रहे हैं।
बच्चाें काे पढ़ाना चाहते हैं, लेकिन स्कूल ही बंद है
हमारी ढाणी में प्राथमिक विद्यालय कई साल पहले शुरू था, लेकिन बाद में इसे बंद कर दिए जाने से अब बच्चों को दूसरे विद्यालय में नहीं भेज पा रहे हैं। सभी बच्चे पूरे दिन घर पर ही रहते हैं।
- नितेश राणा, तलका की ढाणी, भीनमाल
90 बच्चों का भविष्य हो रहा खराब
अगर हमारी ढाणी में प्राथमिक विद्यालय फिर शुरू हो जाता है तो ढाणी के करीब 90 बच्चों का भविष्य संवर जाएगा। दूसरा विद्यालय 4 किमी दूर होने के कारण बच्चे इतनी दूरी तय नहीं कर पाते हैं।
-जोईताराम भील, तलका की ढाणी, भीनमाल
भास्कर की खबर देख शिक्षा मंत्री डोटासरा ने ट्वीट कर कहा-मामले काे दिखाएंगे
तलका की ढाणी के अभिभावक अपने बच्चों को विद्यालय तो भेजना चाहते हैं, लेकिन ढाणी का प्राथमिक विद्यालय बंद है। दूसरा विद्यालय हातिमताई की ढाणी करीब 4 किमी दूर है। इस विद्यालय तक पहुंचने के लिए खेतों का रास्ता तय करना पड़ता है। बुवाई के समय तो खेतों का रास्ता भी बंद हो जाता है। इससे बच्चाें काे भीनमाल-रामसीन मुख्य मार्ग होते हुए विद्यालय पहुंचना पड़ता है। ऐेसे में भास्कर में प्रकाशित खबर काे तलका भील ढाणी निवासी जयेश भील ने ट्वीटर पर पाेस्ट की ताे उसे देखकर शिक्षा मंत्री ने भी रि ट्वीट करते हुए कहा कि वे इस मामले को दिखवाएंगे।