स्कूल - स्किल -स्टार्टअपशिक्षा का 3S विजन

Jalore News - गुरुवार को प्रस्तुत बजट में शिक्षा में स्कूल से लेकर हायर व टेक्निकल एजुकेशन तक कई उपयोगी घोषणाएं की गई।...

Feb 21, 2020, 09:35 AM IST
Khara News - rajasthan news school skill startup education 3s vision
गुरुवार को प्रस्तुत बजट में शिक्षा में स्कूल से लेकर हायर व टेक्निकल एजुकेशन तक कई उपयोगी घोषणाएं की गई।

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का शिक्षा को लेकर विजन 3एस पर केंद्रित रहा। उन्होंने स्कूल्स के साथ ही युवाओं के लिए स्किल्स और स्टार्टअप से जुड़ी कई घोषणाएं की। बजट में शिक्षा के सभी विभागों के लिए 39 हजार 524 करोड़ 27 लाख रुपए का प्रावधान किया गया है। पुरानी घोषणाओं को आगे बढ़ाने के साथ नई भर्तियों और तकनीकी शिक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण एलान किए गए। अब सरकारी स्कूलों में पढ़ाई के लिए फाइव डे वीक होगा। इसके लिए हर शनिवार को स्कूलों में नो बैग डे मनाने का एलान किया गया है। यानि इस दिन बच्चों को स्कूल में बस्ते का बोझ नहीं उठाना पड़ेगा। छात्रों की रुचि के अनुसार सांस्कृतिक गतिविधियां व खेलकूद प्रतिस्पर्धाओं का आयोजन होगा। टेक्निकल एजुकेशन में अब आरटीयू व बीटीयू के बाद सरकार जोधपुर के एमबीएम इंजीनियरिंग काॅलेज में भी विश्वविद्यालय स्तर की सुविधाएं देगी। बजट में छोटी कक्षाओं से लेकर शोध स्तर तक कोई न कोई घोषणा जरूर की गई है। खास बात है कि रोजगार उपलब्ध करवाने के साथ सरकार ने स्वरोजगार के रास्ते भी प्रदेश के युवाओं के लिए खोल दिए हैं।

बजट 2020

प्रतापगढ़, डूंगरपुर, उदयपुर में कौशल विकास केंद्र शुरू किए जाएंगे। इसके तहत 5 हजार युवाओं को कौशल और 15 हजार को कम्प्यूटर प्रशिक्षण दिया जाएगा।


आरटीई नियमों के तहत निर्धारित मापदंडों के अनुसार नए स्कूल खोले जाएंगे। इसके अलावा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस लैब की स्थापना होगी।

खेलों को बढ़ावा देने के लिए और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी तैयार करने के लिए संविदा पर विभिन्न खेलों के 500 कोच लगाए जाएंगे। इस पर करीब 10 करोड़ खर्च होंगे।


आरकेसीएल के जरिए राज्य कौशल विकास विश्वविद्यालय (रीसु) के सहयोग से इमर्जिंग न्यू डिजिटल टेक्नोलॉजीज में ऑनलाइन स्किल कोर्स शुरू किए जाएंगे।


पिछले बजट में राजकीय कॉलेज खोलने के लिए नीति बनाने की घोषणा हुई थी। यह नीति जारी हो चुकी है। पिछले साल खोले गए कॉलेजों में भवन और स्टाफ की व्यवस्था की जा रही है।


मुख्यालय जयपुर में 100 बेड के अल्पसंख्यक बालक छात्रावास भवन का निर्माण कराया जाएगा। इस पर 5 करोड़ रुपए खर्च होंगे। साथ ही अजमेर और जोधपुर में होम्योपैथी कॉलेज खोले जाएंगे।


शारीरिक शिक्षा कॉलेज जोधपुर में अतिरिक्त कक्ष, छात्रावास, बैडमिंटन कोर्ट, स्वीमिंग पुल, आॅडिटोरियम आदि सुविधाएं विकसित करने पर 5 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

प्रदेश के 229 सरकारी आईटीआई कॉलेजों में ई क्लास रूम की स्थापना की जाएगी। स्किल और आईटी के तालमेल से फिजिकल टू डिजिटल सिस्टम की ओर ले जाया जाएगा।


हैंडबाल और क्रिकेट के ब्लॉक, जिला और राज्य स्तरीय आयोजन करवाए जाएंगे। इसके अलावा जयपुर एयरपोर्ट पर स्टेट फ्लाइंग स्कूल (क्लब) फिर से शुरू होगा।

कॉलेज छात्रों को आॅफलाइन, ऑनलाइन वीडियो लेक्चर की सुविधा देने के लिए राजीव गांधी ई कंटेंट बैंक की स्थापना होगी। इसमें कॉलेज शिक्षकों के लेक्चर रिकाॅर्ड होंगे।

स्टार्टअप प्लेटफॉर्म आई स्टार्ट आंत्रप्रेन्योरशिप को बढ़ाने के लिए 75 संस्थानों के साथ टाई अप करेगा। इसकी मदद से नए स्टार्टअप्स आईआईटी जाेधपुर, बिट्स पिलानी, एमएनआईटी जयपुर व एम्स जोधपुर का सपोर्ट ले पाएंगे। इससे वे मार्केट में अपने आइडिया व बिजनेस मॉडल को बेहतर तरीके से पेश कर पाएंगे। उच्च संस्थानों से जुड़ने व 75 करोड़ रुपए के राजीव@75 फंड की स्थापना से राजस्थान स्टार्ट अप्स की सफलता के लिहाज से देश में श्रेष्ठ बन सकता है।

11वीं के विद्यार्थियों की प्रतिभा और रुचि के अनुसार स्किल डेवलपमेंट के लिए मुख्यमंत्री कौशल मार्गदर्शन योजना शुरू होगी। इसके लिए विस्तृत गाइडलाइन तैयार की जाएगी। 200 सीनियर सेकंडरी स्कूलों में अतिरिक्त संकाय और 300 स्कूलों में आवश्यकतानुसार अतिरिक्त विषय शुरू होंगे। इस पर 25 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इसके लिए स्कूलों से प्रस्ताव मांगे जाएंगे। जहां विद्यार्थियों की संख्या पर्याप्त होगी। उसके हिसाब से संकाय और विषय स्वीकृत किए जाएंगे। इसके अलावा आने वाले तीन सालों में 66 कस्तूरबा गांधी अावासीय विद्यालय स्थापित होंगे।

आरएसएलडीसी व स्किल यूनिवर्सिटी की ओर से करीब 40 सेक्टर्स में दस हजार स्टूडेंट्स की स्किल्स को निखारा जाएगा। इसके लिए स्किल एन्हेसमेंट एंड एम्प्लॉयबल ट्रेनिंग (सीईईटी) शुरू किया जाएगा। यहां स्टूडेंट्स अपनी रुचि के अनुसार सेक्टर का चयन करेंगे। सरकार की मंशा यह है कि फाइनल ईयर पास करने के बाद युवा एक ऐसे सेक्टर में स्किल हासिल करें, जिससे उन्हें अासानी से रोजगार मिल सके। 30 स्टूडेंट्स का एक बैच रहेगा। छात्रों की संख्या को देखते हुए अधिक बैच भी तैयार किए जा सकते हैं। सभी काेर्सेज स्किल यूनिवर्सिटी की ओर से मान्यता प्राप्त होंगे।

3

स्टार्टअप

2

स्किल

1

स्कूल

X
Khara News - rajasthan news school skill startup education 3s vision

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना