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भुगतान रुकने पर ठेकेदार कोर्ट पहुंचा, नर्मदा विभाग का फर्नीचर व दो गाडि़यां कुर्क की

3 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज | सांचौर/जालोर

न्यायालय के आदेश पर गुरुवार को नर्मदा विभाग के अधिकारियों के दो वाहनों और फर्नीचर को कुर्क किया गया है। नर्मदा का काम करने वाली कंपनी को समय पर भुगतान नहीं करने के आरोप के चलते न्यायालय ने कुर्की के आदेश दिए थे। जिस पर गुरुवार को कार्रवाई की गई। इधर, नर्मदा के अधिकारियों का कहना है कि ठेकेदार की गारंटी अवधि में काम करने की जिम्मेदारी थी, जिस कारण जो कार्य किया उसका कोई भुगतान नहीं बन रहा था। उच्च अधिकारियों से गाइडलाइन मांगी गई है। जिला न्यायालय के आदेश पर सेल अमीन महेन्द्र कुमार, प्रोसेस सर्वर हरेन्द्र पालीवाल व डिक्रीदार के प्रतिनिधि फूलचंद सैनी के द्वारा नर्मदा केनाल सांचौर के मुख्य अभियंता व नर्मदा केनाल प्रोजेक्ट सांचौर खंड चतुर्थ के अधिशासी अभियंता के वाहनो को सीज किया गया। साथ ही भुगतान की रकम ज्यादा होने के कारण विभाग के फर्नीचर को भी सीज किया गया।

65 लाख 14 हजार 808 रुपए का बिल पेश किया : दरअसल, जानकारी के अनुसार 2010-11 में मैसर्स हनुमान ट्यूबवेल कंपनी जयपुर की ओर से नर्मदा विभाग के अंतर्गत सांचौर के गांवों में नहर पर बनी डिग्गियों पर पंप फिटिंग का कार्य किया गया था। पंप फिटिंग का कार्य पूरा होने के बाद मैसर्स हनुमान ट्यूबवेल कंपनी के द्वारा विभाग को भुगतान के लिए 65 लाख 14 हजार 808 रुपए का बिल पेश किया गया। जिसके बाद में विभाग की ओर से समय पर भुगतान नहीं किया। भुगतान नहीं करने पर मैसर्स हनुमान ट्यूबवेल कंपनी ने न्यायालय में भुगतान को लेकर अर्जी पेश की। जिसके बाद न्यायालय के द्वारा विभाग को भुगतान करने के आदेश दिए, लेकिन विभाग की ओर से फिर भी भुगतान नहीं करने के बाद जिला एवं सेशन न्यायालय जालोर ने विभाग में कुर्की कार्रवाई करने के आदेश दिए।

जानकारी मिलते ही फरार हो गए थे अधिकारी : कुर्क करने की भनक लगते ही नर्मदा विभाग से कई अधिकारी कर्मचारी विभाग में ताला लगाकर फरार हो गए। वहां से कम्प्यूटर समेत कई प्रकार का सामान भी गायब कर दिया। वहां मौजूद इन वाहनों को भी अन्य का होने का हवाला देकर कुर्क कार्रवाई में बाधा डालने का प्रयास किया, लेकिन कुर्की हुई।

65 लाख 14 हजार 808 रुपए का बिल का नहीं हुआ भुगतान, कुर्क सामान व वाहनों की अधिकतम करीब साढ़े तीन लाख रुपए
कुर्क वाहनों और सामान की कीमत करीब साढ़े तीन लाख
न्यायालय के आदेश पर 65 लाख 14 हजार 808 रुपए की वसूली के लिए कुर्क किए सामान की कीमत करीब पांच लाख रुपए अनुमानित बताई जा रही है। नर्मदा केनाल प्रोजेक्ट सांचौर खंड चतुर्थ के अधिशासी अभियंता की डीआई महिन्द्रा जीप कुर्क की गई। जिसकी अनुमानित कीमत दो लाख रुपए आंकी जा रही है। उसी प्रकार अधीक्षण अभियंता के वाहन बोलेरो की भी कीमत डेढ़ लाख रुपए तक की बताई जा रही है। इसके अलावा अधिशासी अभियंता की कुर्सी, कंप्यूटर टेबल समेत कुछ फर्नीचर कुर्क किया गया है। ऐसे में पूरे की कीमत करीब साढ़े तीन लाख रुपए के बराबर हो रही है।

भास्कर न्यूज | सांचौर/जालोर

न्यायालय के आदेश पर गुरुवार को नर्मदा विभाग के अधिकारियों के दो वाहनों और फर्नीचर को कुर्क किया गया है। नर्मदा का काम करने वाली कंपनी को समय पर भुगतान नहीं करने के आरोप के चलते न्यायालय ने कुर्की के आदेश दिए थे। जिस पर गुरुवार को कार्रवाई की गई। इधर, नर्मदा के अधिकारियों का कहना है कि ठेकेदार की गारंटी अवधि में काम करने की जिम्मेदारी थी, जिस कारण जो कार्य किया उसका कोई भुगतान नहीं बन रहा था। उच्च अधिकारियों से गाइडलाइन मांगी गई है। जिला न्यायालय के आदेश पर सेल अमीन महेन्द्र कुमार, प्रोसेस सर्वर हरेन्द्र पालीवाल व डिक्रीदार के प्रतिनिधि फूलचंद सैनी के द्वारा नर्मदा केनाल सांचौर के मुख्य अभियंता व नर्मदा केनाल प्रोजेक्ट सांचौर खंड चतुर्थ के अधिशासी अभियंता के वाहनो को सीज किया गया। साथ ही भुगतान की रकम ज्यादा होने के कारण विभाग के फर्नीचर को भी सीज किया गया।

65 लाख 14 हजार 808 रुपए का बिल पेश किया : दरअसल, जानकारी के अनुसार 2010-11 में मैसर्स हनुमान ट्यूबवेल कंपनी जयपुर की ओर से नर्मदा विभाग के अंतर्गत सांचौर के गांवों में नहर पर बनी डिग्गियों पर पंप फिटिंग का कार्य किया गया था। पंप फिटिंग का कार्य पूरा होने के बाद मैसर्स हनुमान ट्यूबवेल कंपनी के द्वारा विभाग को भुगतान के लिए 65 लाख 14 हजार 808 रुपए का बिल पेश किया गया। जिसके बाद में विभाग की ओर से समय पर भुगतान नहीं किया। भुगतान नहीं करने पर मैसर्स हनुमान ट्यूबवेल कंपनी ने न्यायालय में भुगतान को लेकर अर्जी पेश की। जिसके बाद न्यायालय के द्वारा विभाग को भुगतान करने के आदेश दिए, लेकिन विभाग की ओर से फिर भी भुगतान नहीं करने के बाद जिला एवं सेशन न्यायालय जालोर ने विभाग में कुर्की कार्रवाई करने के आदेश दिए।

जानकारी मिलते ही फरार हो गए थे अधिकारी : कुर्क करने की भनक लगते ही नर्मदा विभाग से कई अधिकारी कर्मचारी विभाग में ताला लगाकर फरार हो गए। वहां से कम्प्यूटर समेत कई प्रकार का सामान भी गायब कर दिया। वहां मौजूद इन वाहनों को भी अन्य का होने का हवाला देकर कुर्क कार्रवाई में बाधा डालने का प्रयास किया, लेकिन कुर्की हुई।

इनका कहना है
गारंटी अवधि में नहीं किया तो समय निकलने के बाद भी उनसे करवाया गया। जिस कारण किसी प्रकार का भुगतान ही नहीं बन रहा था। - हनुमान परिहार, कार्यवाहक एक्सईएन

हमने पूरा कार्य टेंडर प्रक्रिया से ही किया था। विभागीय अधिकारी झूठ बोल रहे हैं। - फूलचंद सैनी, डिक्रीदार के प्रतिनिधि

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