- Hindi News
- National
- Jalore News Rajasthan News The Procession Of Iloji Came Out In Jalore The Citizens Welcomed The Enthusiasm In Bhinmal39s Scam
जालोर में निकली इलोजी की बारात, शहरवासियों ने किया स्वागत, भीनमाल की घोटा गेर में दिखा उत्साह
हिंदू नववर्ष व रंगों का त्यौहार होली का पर्व जिलेभर में हर्षोल्लास एवं विभिन्न रिती रिवाजों के साथ मनाई गई। जिला मुख्यालय पर होली के अवसर पर आयोजित होने वाली इलोजी की बारात विशेष आर्कषण का केंद्र रही। होली परंपराओं में आनंद भेरुजी का बारात का रिवाज आज भी जालोर में त्योहारी परंपरा को बनाए हुए हैं। होली के दिन किसी मजबूत व्यक्ति को राजा इलोजी अर्थात आनंद भेरुजी के रूप में सज धज कर तैयार दुल्हें के रूप में तैयार किया जाता है। इस वर्ष भी आनंद भैरव के रुप में इलोजी की बारात शहर के माणक चौक से रवाना हुई। कार्यक्रम के शुरुआत में चौक में बिराजित आनंद भैरव की प्रतिमा की पूजा अर्चना की गई उसके पश्चात जालोर एसडीएमए पुलिस उप अधीक्षक जयदेव सियाग, नगर परिषद के सभापति गोविंद टांक और उपसभापति अंबालाल व्यास का माला व साफा पहनाकर स्वागत किया गया।
आहोर | कस्बे की खारा वेरा सेरी स्थित चारभुजा मंदिर में श्री बालमुकुन्द फागोत्सव आयोजन समिति के तत्वावधान में छ: दिवसीय कार्यक्रम मंगलवार को फागोत्सव रास गीत के साथ समापन हुआ। फागोत्सव के तहत प्रतिदिन शाम को फाग भजन गायकों द्वारा फाग भजन गायन के साथ एक से बढ़कर एक भजनों की प्रस्तुती दी गई। वही मंगलवार को दिनभर फाग भजन गायक दशरथ वैष्णव, हंसराज सुथार, गुणेशदास, राजू जालोर, कानदास द्वारा हालो सत्संग में सतगुरू जी वालों ज्ञान सुनावे ओ हालो..., महिनों फागण रो सावरिया थारी औलू आवे रे महीनों..., वालो कोनजी सावरिया थासू प्रीतो किनी ओ वालो कोनजी..., भरदे मायरो सावरियां नैनी बाई रो भरदे मायरों..., ठाकुरजी रे मंदिर में सोने रा पाट जडिया रे लक्ष्मण जी रे मंदिर में रूपा रा जडिय़ा रे वाडी सीता री... सहित कई फाग भजनों पर श्रोता भी झूम उठे।
उम्मेदपुर | क्षेत्र में सोमवार को शाम को सामाजिक रीति रिवाज के अनुसार होली का दहन का कार्यक्रम हुआ तथा मंगलवार को धुलंडी खेली गई। जिसमें गांव के युवाओं द्वारा पुलिस चौकी प्रभारी राजेश कुमार को होली की बधार्इ देकर रंगो का त्यौहार मनाया गया।
सुराणा | होली के अवसर पर कस्बे में ढूंढोत्सव की रस्म हर्षोल्लास से मनाई गई। इस दौरान बैटो को कुलदीपक मानकार एवं बेटी को लक्ष्मी का रूवरुप मानकर ढूंढोत्सव मनाया गया। ऐसे में ग्रामीणो ने बेटियों का भी ढूंढोत्सव भी हर्षोल्लास से मनाया गया।
हरजी | बुडतरा गावं में मंगलवार को होली पर्व पर शाम को पत्थर मार होली यानि भाटागेर का ग्रामीणो द्वारा परंपरागत ढंग से आयोजन किया गया। शाम को हांसोवा माताजी मंदिर प्रांगण में गेर नृत्य का आयोजन हुआ। गांव में हनुमान मंदिर के पास आम रास्ते पर भाटागेर के तहत ग्रामीणों ने कांटोए लकडियों की बाढ से फला तैयार किया गया। इसके बाद गेरिये नाचते झूमते भाटागेर स्थल पहुंचे तथा फला तोडने ने की हूंकार भरी। फले के दूसरी तरफ खडे ग्रामीणों ने फला भेदने वाले गेरियों पर पत्थर बरसाने शुरु कर दिये। काफी मशक्कत के बाद कुछ गेरियों ने अपनी जान की परवाह किए बगैर कांटो के फले में कूद गये तथा फले को भेद
कर दिया।
सायला | उपखंड क्षेत्र में रंगों का त्यौहार होली हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। होली पर पुराना बस स्टेंड पर होली का दहन किया गया। दूसरे दिन मंगलवार को धुलंडी का पर्व मनाया गया। एक दूसरे के घर जाकर गुलाल लगाकर होली की बधाई दी और नोनिहालो को ढूढंने की रस्म निभाई गई। वही कस्बे में सुप्रसिद्ध डबल गेर के सात दिवसीय महोत्सव का शुभारंभ हुआ।
नारणावास | क्षेत्र में होली का पर्व हर्षोल्लास उत्साह एवं उमंग के साथ मनाया गया। जिसके दौरान नारणावास, नया नारणावास, धवला, बागरा, डूडसी, दीगांव, नागणी, सांथू, धानपुर, भागली सिंधलान आदि गांवों में रंगों का पर्व होली का त्योहार हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।
बागोड़ा | रंगों का त्योहार होली उत्साह के साथ मनाया गया चंग की थाप और पारंपरिक गैर नृत्य व रंगों की बौछार के साथ खुशियां मनाई सोमवार को विधिवत पूजा कर होलिका दहन किया गया।
बडग़ांव | निकटवर्ती बामनवाड़ा, जेतपुरा, माटासन, रामपुराए रोड़, धामसीन आदि कस्बो में होली का पर्व मनाया गया। जेतपुरा में धरणीधर भगवान मंदिर में हमेशा की तरह होली के त्योहार का ढोल पर गैर नृत्य कर बड़ी धूमधाम से मनाया गया।
भीनमाल में तीसरे दिन मनाई धुलंडी, घोटा गेर का हुआ आयोजन, गेरियों ने घर-घर पहुंच ढूंढ़ की रस्म निभाई
भीनमाल | शहर सहित आसपास के गांवों में होली का पर्व उत्साह-उमंग के साथ मनाया गया। शहर के विभिन्न गली-मौहल्लो में होली का दहन किया गया। दूसरे दिन ढूंढोत्सव व गैर नृत्य का आयोजन हुआ। वही शहर में परंपरा के अनुसार तीसरे दिन रंगो की होली खेली गई। शहर के माघ कॉलोनी, होली चौक, जालवाला चौहटा, घांचियों का चौहटा, मेघवालों का वास, पुराना नरता रोड, रेबारियों का वास सहित कई जगहों पर होलीका दहन किया गया। दूसरे दिन अल सवेरे ढोल-थाली के साथ गैरियों ने घर-घर पहुंचकर नन्हें बच्चों को ढूंढने की रस्म निभाई। होली के दूसरे दिन शहर में विभिन्न जगहों पर आयोजित होने वाली ऐतिहासिक घोटा आकर्षण का केंद्र रही। दोपहर में बाबैया ढोल के साथ शहर के गणमान्य लोगों ने विभिन्न जातियों के मौजिज लोगों के घर पहुंचकर करबा पीने की रस्म निभाई। सांय 4 बजे चण्डीनाथ महादेव मंदिर में गणमान्य लोगों ने ढोल की पूजा करके गैर जुलूस को रवाना किया। बाबैया ढोल जैसे ही खारी रोड़ पर पहुंचा तो वहा पहले से मौजूद भारी जनसमूह में उत्साह का माहौल नजर आया। इसके पश्चात देतरियों का चौहटा, गणेश चौक होते हुए घोटा गैर बड़े चौहटे पर पहुंची।
स्वर्णगिरी दुर्ग पर मनाया होली का पर्व
जालोर| पुरातन समय से स्वर्णगिरी दुर्ग पर मनाई जाने वाली शाही होली दहन का कार्यक्रम पिछले करीब एक दशक से भी ज्यादा समय से बंद पडा था। इस परंपरा को पुन: जीवंत करते हुए शहर के व्यापार संघ द्वारा दुर्ग पर होलिका दहन कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसके दौरान ढोल ढमाकों के साथ विधि विधान से दुर्ग पर होलिका दहन किया गया।
भीनमाल. बड़े चौहटे पर घोटा गेर खेलते शहरवासी।
जालोर. होलिका दहन की स्थल पर पहुंची बारात।