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रोजा रखने के लिए अजमेर के भवानी सिंह हर साल रमजान में बड़ी खाटू आते, किराए के मकान में रहते हैं

अजमेर के भवानी सिंह हर साल रमजान के महीने में बड़ी खाटू आकर पूरे रोजा रखते हैं। इस दौरान सूफी संत बाबा समन दीवान की...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jun 12, 2018, 04:05 AM IST

रोजा रखने के लिए अजमेर के भवानी सिंह हर साल रमजान में बड़ी खाटू आते, किराए के मकान में रहते हैं
अजमेर के भवानी सिंह हर साल रमजान के महीने में बड़ी खाटू आकर पूरे रोजा रखते हैं। इस दौरान सूफी संत बाबा समन दीवान की इबादत करते हैं। वे पूरे महीने यहां मकान किराए पर लेकर रहते हैं। रोजा खोलने रोज मस्जिद जाते हैं और नमाज अदा करते हैं।

मुस्लिम समुदाय के स्थानीय लोग उन्हें बाबा भवानीसिंह के नाम से पुकारने लगे हैं। बकौल भवानी सिंह, उनके बड़े भाई मदन सिंह को कैंसर था।

बाबा समन दीवार की मजार पर दुआ मांगी तो बीमारी ठीक हो गई। मदनसिंह हर साल रमजान में बड़ी खाटू आकर बाबा की इबादत करते और रोजा रखते थे। वे इससे प्रभावित हुए और 28 साल से रोजा रख बाबा समन दीवान की इबादत कर रहे हैं। उम्र से सात दशक पार कर चुके भवानी सिंह की हिंदू धर्म में भी गहरी आस्था है। वे मां दुर्गा की नियमित पूजा और पाठ भी करते हैं।

सौहार्द्र का संदेश

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भवानी सिंह का कहना है कि परिवार के लोग हर साल बाबा समन दीवान की दरगाह और अजमेर में ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह में चादर चढ़ाने गाजे-बाजे के साथ जाते हैं।

गांव में हिंदू धर्मावलंबी रोज देते हैं रोजा इफ्तार दावत

अजमेर में प्रभात टॉकिज के पास जिस गली में भवानीसिंह रहते हैं।

वहां मुस्लिम आबादी ज्यादा है। वे वहां के व्यापारियों और जनप्रतिनिधियों को दोनों धर्मों में सौहार्द्र बढ़ाने के लिए इफ्तार दावत देने के लिए प्रेरित करते हैं। बड़ी खाटू में उनकी मौजूदगी में रोज इफ्तार दावत होती है। खास बात यह है कि रोज हिंदू धर्मावलंबी रोजेदारों के लिए इफ्तार दावत का आयोजन करते हैं। वे मां दुर्गा की नियमित पूजा और पाठ भी करते हैं।

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