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14 फीसदी स्कूल भी नहीं ला पाए 5 स्टार रेटिंग 311 में से 41 स्कूलों का ही बेहतर रहा रिजल्ट

Jhalawar News - स्कूलों में शिक्षा का स्तर सुधारने और नामांकन बढ़ाने के लिए सरकार लाख प्रयासरत हो, लेकिन फिर भी सरकारी स्कूलों का...

Oct 13, 2019, 07:26 AM IST
स्कूलों में शिक्षा का स्तर सुधारने और नामांकन बढ़ाने के लिए सरकार लाख प्रयासरत हो, लेकिन फिर भी सरकारी स्कूलों का रिजल्ट बेहतर नहीं हो पा रहा है। इसका खुलासा राजस्थान कौंसिल ऑफ स्कूल एजुकेशन के नतीजों से हुआ है। सरकारी स्कूलों के 10वीं और 12वीं बोर्ड के रिजल्टों पर आधारित आंकड़ों में सामने आया कि जिले में सिर्फ 13.18 फीसदी स्कूल ही 5 स्टार रेटिंग ला पाए हैं। यानी फाइव स्टार रेटिंग लाने के मामले में स्कूल 14 फीसदी का आंकड़ा भी पार नहीं किया है।

ऐसे में जिले की शिक्षण परफार्मेंस सुधारने की जरूरत सामने आई है। जिले में 311 स्कूल हैं, इनमें से 41 स्कूलों को ही फाइव स्टार रेटिंग मिली है। इसके अलावा 108 स्कूलों को 4 स्टार रेटिंग, 109 स्कूलों को 3 स्टार रेटिंग मिल पाई है। 35 स्कूल ऐसे हैं, जो 2 स्टार रेटिंग और 13 स्कूल ऐसे रहे जो 1 स्टार रेटिंग ही ला पाए। दरअसल करीब दो साल से स्कूलों की रेटिंग व्यवस्था लागू की गई है, ताकि एक क्लिक में ही अधिकारी स्कूलों की पूरी परफार्मेंस पता कर सकें। बोर्ड परीक्षाओं का रिजल्ट आने के बाद जिले के सभी स्कूलों के परिणामों के आधार पर यह रेटिंग निकाली गई। सबसे बड़ी बात यह रही कि जिले के पांच स्कूल ऐसे रहे जो कोई रेटिंग ही प्राप्त नहीं कर पाए। ऐसे में अब कमजोर परफार्मेंस वाले स्कूलों पर शिक्षा विभाग ने कार्रवाई की तैयारी कर ली है। फिलहाल करीब 15 स्कूलों के नाम निदेशालय को कार्रवाई के लिए भेजे गए हैं। इसके अलावा जिन व्याख्याताओं, शिक्षकों के रिजल्ट भी कमजोर रहे हैं उन पर भी कार्रवाई होगी।

रिजल्ट में बेहतर परफॉर्मेंस पर दी जाती है फाइव स्टार रेटिंग

फाइव स्टार रेटिंग उन स्कूलों को दी जाती है जिनका 10वीं और 12वीं में रिजल्ट बेहतर रहा हो। स्कूल का परिणाम बोर्ड के कुल परिणाम से अधिक हो और प्रथम श्रेणी से पास विद्यार्थियों का प्रतिशत भी राज्य में प्रथम श्रेणी से पास विद्यार्थियों के प्रतिशत से अधिक हो। ऐसे स्कूलों को फाइव स्टार रेटिंग में शामिल किया जाता है। होटलों की तर्ज पर शिक्षा विभाग ने यह कवायद शुरू की है। इसमें जिला काफी पिछड़ा दिखाई दे रहा है। जबकि सुविधाओं के नाम पर वर्तमान में माध्यमिक शिक्षा विभाग के सभी स्कूलों में खुद के भवन हैं।

रेटिंग के मामले में सबसे खराब परफार्मेंस खानपुर, बकानी ब्लॉक की रही

फाइव स्टार रेटिंग के मामले में सबसे खराब परफार्मेंस खानपुर और बकानी ब्लॉक की रही। इन दोनों ब्लॉकों में केवल 2- 2 स्कूलों को ही फाइव स्टार रेटिंग मिल पाई है। इसके अलावा अकलेरा ब्लॉक के 3 स्कूल, भवानीमंडी ब्लॉक के 5, डग ब्लॉक के 5, झालरापाटन ब्लॉक के 11, मनोहरथाना ब्लॉक के 6 और सुनेल ब्लॉक के 7 स्कूलों को ही फाइव स्टार रेटिंग मिल पाई है।

न व्याख्याताओं की कमी और न ही शिक्षकों की,फिर भी सुधार नहीं

जिले में पिछले करीब दो सालों में व्याख्याताओं से लेकर शिक्षकों की नई भर्तियां हुई हैं। इसके अलावा प्रारंभिक शिक्षा विभाग से माध्यमिक शिक्षा विभाग में भी 500 से अधिक शिक्षकों का सेटअप परिवर्तन हुआ। यानी अब स्कूलों में शिक्षकों के अधिक पद रिक्त नहीं हैं, उसके बाद भी रिजल्ट की परफार्मेंस में सुधार नहीं हो पा रहा है।

स्कूलों की सुविधाएं भी बढ़ी जानिए इस फैक्ट फाइल से




-जिले के 90 स्कूलों में आर्ट एंड क्राफ्ट कक्ष हैं



अब बताना होगा कारण, कि क्यों गई परफार्मेंस कम

फाइव स्टार रेटिंग से कम आने वाले स्कूलों को बकायदा इसका कारण बताना होगा कि उनके स्कूलों की परफार्मेंस कम क्यों आई। इसके अलावा 40 फीसदी से कम परिणाम देने वाले शिक्षकों पर भी कार्रवाई होगी। इनकी भी सूची तैयार की जा रही है।

सहायक निदेशक सुभाष सोनी से सीधी बात

सवाल- जिले के 41 स्कूल ही फाइव स्टार रेटिंग ला पाए हैं, आपको नहीं लगता यह आंकड़ा काफी कमजोर साबित हो रहा है

जवाब- हां परफार्मेंस कमजोर है, इसको इस साल ही बेहतर करके दिखाएंगे।

सवाल- जिन लोगों ने स्कूलों में सुविधाएं होने के बाद भी अपने दायित्व नहीं निभाए ऐसे लोगों पर क्या कार्रवाई होगी

जवाब- जिन स्कूलों के रेटिंग में कमजोर प्रदर्शन रहा है उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए जांच कमेटी बनाई। जांच हो चुकी है। ऐसे 15 से अधिक स्कूलों के नाम कार्रवाई के लिए निदेशालय भेजे जा चुके हैं।

सवाल- अब क्या प्लानिंग है किस तरह से आप रेटिंग बढ़ाएंगे

जवाब- हमने गणित, अंग्रेजी और विज्ञान विषय को टारगेट विषय के रूप में लेकर रेटिंग बढ़ाने की तैयारी शुरू की है। इनकी तैयारी करवाई जा रही है। मासिक टेस्ट भी आयोजित करवाए जा रहे हैं। जहां जो बच्चा कमजोर रहेगा उस पर विशेष फोकस किया जा रहा है, ताकि रिजल्ट में सुधार हो सके। इस साल निश्चित रूप से हम फाइव स्टार रेटिंग में काफी बेहतर प्रदर्शन कर पाएंगे।

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