एक्ने पर कोई भी ट्यूब नहीं लगाएं, स्किन बनेगी पतली

Jhalawar News - हैल्थ रिपोर्टर . जयपुर चेहरे पर मुंहासे,दाग-धब्बे होने या फिर गोरे रंग के लिए कैमिस्ट की सलाह पर किसी भी ट्यूब का...

Bhaskar News Network

Sep 16, 2019, 08:00 AM IST
Dag News - rajasthan news do not put any tube on the skin skin will become thin
हैल्थ रिपोर्टर . जयपुर

चेहरे पर मुंहासे,दाग-धब्बे होने या फिर गोरे रंग के लिए कैमिस्ट की सलाह पर किसी भी ट्यूब का इस्तेमाल शुरू कर देते हैं। ये ट्यूब लगाने से पेशेंट को तुरंत आराम मिलता है। यह सही है। शुरूआत में उसे महसूस होता है कि बीमारी ठीक हो चुकी है। जबकि वास्तविकता में ऐसा नहीं होता है। ये ट्यूब धीरे-धीरे स्किन को नुकसान पहुंचाते हुए इसे पतला बना देती हैं।

लंबे समय तक इन ट्यूब का इस्तेमाल करने से चेहरे पर लंबे-लंबे निशान पड़ जाते है। धूप में जाते ही स्किन लाल हो जाती है। खुजली चलने के साथ-साथ चेहरे की खून की नलियां चमकती है। फिर इस बीमारी काे ठीक होने में एक से छह महीने का समय लगता है। कई बार इन ट्यूब के कारण ही स्ट्रेच मार्क्स भी पड़ जाते हैं। चेहरे पर लंबे-लंबे बाल आना शुरू हो जाते हैं। इनमें स्टीरॉयड मिक्स होने के कारण इस तरह के साइड-इफेक्ट्स होते हैं। इन साइड-इफेक्ट्स का इलाज करते वक्त इन ट्यूब को लगाने की आदत धीरे-धीरे छुड़वाते हैं। नई दवाइयां लगाने की आदतें उनमें डालते हैं। इसलिए चर्म रोग से संबंधित कोई भी ट्यूब बिना डॉक्टर की सलाह नहीं लगाएं। ज्यादातर केसों में कैमिस्ट एक जैसी ट्यूब का इस्तेमाल करते हैं। जबकि हर बीमारी की दवाइयां अलग-अलग होती हैं। इन्हें लगाने से चमड़ी में सिस्टेमेटिक बदलाव आते हैं। हर चर्म रोग की प्रॉब्लम दिखने में छोटी होती है। किसी भी ट्यूब का इस्तेमाल करने से यह बड़ी बन सकती है।

-डॉ. मनीषा निझावन, डर्मेटोलॉजिस्ट, जयपुर

चेहरे पर मुंहासे,दाग-धब्बे होने या फिर गोरे रंग के लिए कैमिस्ट की सलाह पर किसी भी ट्यूब का इस्तेमाल शुरू कर देते हैं। ये ट्यूब लगाने से पेशेंट को तुरंत आराम मिलता है। यह सही है। शुरूआत में उसे महसूस होता है कि बीमारी ठीक हो चुकी है। जबकि वास्तविकता में ऐसा नहीं होता है। ये ट्यूब धीरे-धीरे स्किन को नुकसान पहुंचाते हुए इसे पतला बना देती हैं।

लंबे समय तक इन ट्यूब का इस्तेमाल करने से चेहरे पर लंबे-लंबे निशान पड़ जाते है। धूप में जाते ही स्किन लाल हो जाती है। खुजली चलने के साथ-साथ चेहरे की खून की नलियां चमकती है। फिर इस बीमारी काे ठीक होने में एक से छह महीने का समय लगता है। कई बार इन ट्यूब के कारण ही स्ट्रेच मार्क्स भी पड़ जाते हैं। चेहरे पर लंबे-लंबे बाल आना शुरू हो जाते हैं। इनमें स्टीरॉयड मिक्स होने के कारण इस तरह के साइड-इफेक्ट्स होते हैं। इन साइड-इफेक्ट्स का इलाज करते वक्त इन ट्यूब को लगाने की आदत धीरे-धीरे छुड़वाते हैं। नई दवाइयां लगाने की आदतें उनमें डालते हैं। इसलिए चर्म रोग से संबंधित कोई भी ट्यूब बिना डॉक्टर की सलाह नहीं लगाएं। ज्यादातर केसों में कैमिस्ट एक जैसी ट्यूब का इस्तेमाल करते हैं। जबकि हर बीमारी की दवाइयां अलग-अलग होती हैं। इन्हें लगाने से चमड़ी में सिस्टेमेटिक बदलाव आते हैं। हर चर्म रोग की प्रॉब्लम दिखने में छोटी होती है। किसी भी ट्यूब का इस्तेमाल करने से यह बड़ी बन सकती है।

-डॉ. मनीषा निझावन, डर्मेटोलॉजिस्ट, जयपुर

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