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2 हजार परिवारों का गेहूं देना ही भूल गया खाद्य आपूर्ति विभाग
जिले में इस बार करीब 2 हजार गरीब परिवारों को राशन मिलने पर संकट खड़ा हो गया है। खाद्य आपूर्ति विभाग जयपुर मुख्यालय की गलती से इस बार जिले को करीब 3 हजार क्विंटल गेहूं कम मिला है। ऐसे में गरीब परिवार राशन का गेहूं लेने पहुंच रहे है तो उनको निराश लौटना पड़ रहा है। इसकी शिकायत राशन डीलरों से स्थानीय डीएसओ विभाग को भी की है। उपभोक्ता सप्ताह को शुरू हुए 12 दिन गुजर गए, लेकिन अभी भी उपभोक्ता राशन का गेहूं लेने से वंचित रह गए हैं। विभाग का दावा है कि उन्होंने जिन डीलरों के पास पुराना स्टॉक पड़ा है, उनके यहां से उपभोक्ताओं को राशन उपलब्ध करवाया जा रहा है।
जिले के उपभोक्ताओं के लिए खाद्य आपूर्ति विभाग द्वारा 57 हजार क्विंटल गेहूं दिया जाता है, लेकिन इस बार जयपुर मुख्यालय से ऑनलाइन जारी किए गए गेहूं में 3 हजार क्विंटल की कटौती करते हुए 54 हजार क्विंटल गेहूं ही उपलब्ध करवाया गया। कटौती भी ऐसे वर्ग की गई है। यानी बीपीएल परिवारों के गेहूं की कटौती की गई। अब कैरी फॉरवर्ड सिस्टम भी नहीं है, ताकि इस बार गेहूं नहीं मिला तो उपभोक्ता अगले महीने दो माह का गेहूं एक साथ उठा ले। ऐसे में लगता है कि इस बार का गेहूं तो उनका लैप्स होगा। इधर, स्थानीय विभाग द्वारा लगातार बच रहे स्टॉक का समर्पण करता आ रहा है, ऐसे में विभाग के पास अतिरिक्त गेहूं भी नहीं बचा है। ऐसे में विभाग ने वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में उन डीलरों के यहां उपभोक्ताओं को भेजा जा रहा है, जिनके पास पुराना गेहूं मौजूद है।
उपभोक्ताओं को दूसरे वार्डों में जाना पडे़गा
इस बार गेहूं कम मिलने पर रसद विभाग द्वारा वैकल्पिक व्यवस्था के तहत उपभोक्ताओं को उन डीलरों के पास भेजा जा रहा है, जिनके पास पुराना स्टॉक मौजूद है। ऐसे में उपभोक्ताओं को अपना वार्ड छोड़कर दूसरे वार्डों में राशन लेने जाना पड़ रहा है। जबकि पहले उनको अपने ही वार्ड में राशन मिल रहा था। यह समस्या केवल शहर में ही नहीं बल्कि ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं के साथ भी है, उनको भी राशन लेने दूसरे वार्ड में जाना पड़ रहा है।
फैक्ट फाइल
{खाद्य सुरक्षा योजना में 2 लाख 91 हजार परिवार
{आवंटित गेहूं- करीब 57 हजार क्विंटल
{मार्च में आवंटित गेहूं - 54 हजार क्विंटल
{मार्च माह में ही करीब 2 हजार परिवारों काे राशन के लिए जाना पड़ा दूसरे वार्डाें में
मार्च में जयपुर से ऑनलाइन जारी किए गए गेहूं के कोटे में कटौती कर दी गई है, इससे गेहूं कम मिला है। लगातार समर्पण करने हमारे पास स्टॉक नहीं है। ऐसे में उपभोक्ताओं को उन डीलरों के पास गेहूं लेने भेजा जा रहा है, जिनके पास पुराना स्टॉक पड़ा है।
प्रशांत यादव, ईओ, रसद विभाग