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मिसाल...आर्थिक तंगी से पढ़ाई छूटती देखी तो दंपती ने दो बेटियों को गोद लिया, कारवां बढ़ा...17 महिलाएं भी आगे आईं

Jhalawar News - सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाली प्रतिभावान छात्राओं को आर्थिक तंगी से जूझते देखा तो एक दंपती ने दो छात्राओं को गोद...

Dec 02, 2019, 08:50 AM IST
Jhalawar News - rajasthan news for example when i saw my financial exclusion the couple adopted two daughters raised a caravan 17 women also came forward
सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाली प्रतिभावान छात्राओं को आर्थिक तंगी से जूझते देखा तो एक दंपती ने दो छात्राओं को गोद लिया। उनकी प्रेरणा से 17 और महिलाएं आगे आईं। अब राजकीय उच्च प्राथमिक स्कूल छोटी रायपुर में 16 प्रतिभावान छात्राओं का शैक्षिक खर्च का बीड़ा इन महिलाओं ने उठाया हुआ है। इससे स्कूल में नामांकन तो बढ़ा ही है, साथ ही प्रतिभावान छात्राओं की पढ़ाई में भी कोई दिक्कत नहीं आ रही है। यह महिलाएं प्रतिभावान छात्राओं को पढ़ाई में कोई प्रॉब्लम नहीं आने देती हैं।

राजकीय उच्च प्राथमिक स्कूल छोटी रायपुर में कई प्रतिभावान छात्राएं हैं, लेकिन आर्थिक तंगी के चलते यह छात्राएं न तो आगे पढ़ पाती थीं और न ही आठवीं तक की पढ़ाई भी ढंग से कर पाती थीं। जब तीन साल पहले रोटरी क्लब की ओर से स्कूल में पांच पंखे लगवाए गए तो सीए सौरभ पाटनी और उनकी प|ी आकांक्षा पाटनी ने यहां छात्राओं की स्थिति देखी। उसी समय उन्होंने अपने बच्चे का जन्मदिन सेलिब्रेट नहीं कर विद्यार्थियों के लिए 15 बेंच और टेबलें दी। उसके बाद मुख्यमंत्री विद्यादान कोष के तहत बालक और बालिकाओं के लिए शौचालय का निर्माण करवाया। इसके बाद उनका जुड़ाव स्कूल से ऐसा हुआ कि दो छात्राओं को गोद लिया। इनके तमाम खर्च को वह वहन करने लगे। इसी दौरान वर्क फॉर ह्यूमिनिटी संस्था की महिलाएं आगे आईं।

झालावाड़. उच्च प्राथमिक स्कूल छाेटी रायपुर में गाेद ली हुई बालिकाअाें काे शैक्षिक सामग्री देते दंपती।

इन महिलाओं ने भी यहां एक-एक छात्रा को गोद लिया

इन महिलाओं ने भी यहां एक-एक छात्रा को गोद लिया। अब यहां 16 महिलाओं ने 16 छात्राओं को गोद लिया हुआ है। इन छात्राओं की पूरा शैक्षिक खर्च यही महिलाएं उठाती हैं। इसमें बैग से लेकर शूज तक और कोचिंग का तमाम खर्च महिलाएं अपने पास से देती हैं। इन छात्राओं की पढ़ाई में कोई बाधा नहीं आए, इसके लिए समय-समय पर इनके अभिभावकों और बेटियों से बातचीत भी करती हैं। पढ़ाई में कोई छात्रा परेशानी बताती है तो उस समस्या का तुरंत समाधान भी करवाया जाता है। यहां डाॅ. चेतना जैन, डाॅ. पूनम नागौरी, ऋतु गुप्ता, अनिशा जैन, मीना कोठारी, आकांक्षा पाटनी, दीपशिखा अग्रवाल, कल्पना चतुर्वेदी, स्वाति अग्रवाल, पंखुरी जैन, उर्मिला जैन, सुनीता जैन, श्वेता अग्रवाल, जया खंडेलवाल और रुक्मिणी पाटीदार ने बेटियों को गोद लिया हुआ है। यह लोग तमाम तरह की शैक्षिक गतिविधियों में बच्चों को आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं। इससे स्कूल में पढ़ाई का बेहतर माहौल विकसित हुआ है। सीए सौरभ पाटनी बताते हैं कि स्कूल में शिक्षक आनंद सिंह पंवार ने प्रतिभावान बेटियों को गोद लेने के लिए प्रेरित किया था। यहां स्कूल के संस्था प्रधान उमाकांत शर्मा और शिक्षिका डिंपल पारोठिया ने भी भामाशाहों को जोड़ने में योगदान दिया।

प्रतिभावान बच्चियों की पढ़ाई में नहीं आ रही अड़चन, अब स्कूल का नामांकन भी बढ़ गया

दोनों बेटियों के माता-पिता नहीं, अब कहीं नहीं आ रही है परेशानी

राजकीय उच्च प्राथमिक स्कूल छोटी रायपुर की प्रतिभावान बेटियां सलोनी और मनभर के माता-पिता नहीं हैं। इसके चलते इनके शैक्षिक उन्नयन में रुकावट आ रही थी। यही देखकर दंपती सौरभ और आकांक्षा ने इन बेटियों को गोद लिया। अब इनको निजी कोचिंग दिलवाने से लेकर, शैक्षिक सामग्री का सारा खर्च दंपती ही उठाते हैं। इनका कहना है कि यदि और लोग भी इस पहल में आगे आएं तो प्रतिभावान बेटियों की शिक्षा में आर्थिक तंगी कहीं रोड़ा नहीं आएगी।

इस पहल के बाद बढ़ता गया नामांकन

बेटियों को गोद लेने की पहल के बाद राजकीय उच्च प्राथमिक स्कूल छोटी रायपुर में नामांकन बढ़ गया। पिछले साल जहां 116 विद्यार्थियों का नामांकन था, वहीं इस साल बढ़कर 222 हो गया है। छात्राओं का नामांकन भी यहां तेजी से बढ़ रहा है। साथ ही ड्रॉप आउट बालिकाओं की संख्या अब न के बराबर है।

हैदराबाद और जयपुर के दंपती देते हैं छात्रवृत्ति

यहां पर हैदराबाद और जयपुर के दंपती प्रतिभावान विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति भी देते हैं। हर साल सातवीं और आठवीं में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले दो विद्यार्थियों को हैदराबाद के रचना जैन, मनीष शर्मा और जयपुर के कैलाश अनिला पाटनी यहां आठवीं कक्षा में प्रथम आने पर 2100 रुपए और सातवीं कक्षा में प्रथम आने पर 1100 रुपए का चैक विद्यार्थियों को देते हैं। इससे यहां के विद्यार्थियों में पढ़ाई के प्रति लगन बढ़ी है।

पर्यावरण सुरक्षित रहे, इस बारे में प्लांटेशन करने के लिए प्रेरित करते हैं विद्यार्थियों को

वर्क फॉर ह्यूमिनिटी की महिलाएं यहां विद्यार्थियों को प्लांटेशन के लिए प्रेरित करते हैं, ताकि पर्यावरण सुरक्षित रहे। स्वच्छ भारत मिशन के तहत भी विद्यार्थियों को साफ सफाई की सीख दी जाती है। यहां नेलकटर, बर्तन सहित अन्य सामग्रियां भी बच्चों को वितरित की जाती हैं। इसके अलावा सर्दियों में सभी बच्चों को स्वेटर, जर्सी भी वितरित की जाती है।


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