• Hindi News
  • National
  • Jhalrapatan News Rajasthan News In Front Of 10 Police Stations And 2 Check Posts The Daily Dumplings Of Illegal Gravel

10 थाने और 2 चौकियों के सामने से रोज बेधड़क निकलते हैं अवैध बजरी के डंपर

2 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
भास्कर न्यूज|झालावाड़

जिले में दस थानों और दो चौकियों के सामने से बजरी के अवैध डंपर रोज निकलते हैं। इन पर कार्रवाई करना तो दूर, हाथ देकर रोकने वाला तक कोई नहीं है। नदियों से निकलने वाले डंपर सुनेल थाने और इसकी दो चौकियों के सामने से निकलते हैं। इसके अलावा पिड़ावा, रायपुर, झालरापाटन, सदर थाना, दांगीपुरा, जावर, उन्हैल, गंगधार, मंडावर थानों के सामने से डंपर बेधड़क निकलते हैं।

चार विभागों के पास बजरी के अवैध खनन को रोकने की जिम्मेदारी है, लेकिन उसके बाद भी कार्रवाई नहीं हो पा रही है। इधर, बजरी के अवैध स्टॉक को भी जब्त नहीं किया गया है। शहर में सिटी फोरलेन के किनारे खेत में बजरी का अवैध स्टॉक हो रहा है। डीटीओ ऑफिस के सामने सहित अन्य स्थानों पर खुले में बजरी रखी हुई है। दैनिक भास्कर में खबर प्रकाशित होने के बाद बजरी माफिया में शनिवार को हड़कंप मचा रहा। माइंस अाैर अन्य विभागों की अाेर से इसके लिए पूरी प्लानिंग के साथ धरपकड़ शुरू होगी। फिलहाल रात के अंधेरे में बजरी का अवैध खनन जारी है। कार्रवाई के लिए माइंस, पुलिस, वन और परिवहन विभाग के पास जिम्मेदारी है, जिनकी संयुक्त टीम बनी हुई है, लेकिन कार्रवाई में ढिलाई बरती जा रही है।

सड़क के किनारे, खेतों में बना दिए अवैध स्टॉक
सुनेल. रीछड़ नदी के पास लगा अवैध बजरी खनन का ढेर। इस पर भी कोई रोक-टोक नहीं है।

पुलिस से फास्ट नेटवर्क है बजरी माफिया का: बजरी माफिया का नेटवर्क पुलिस से भी फास्ट दिखाई दे रहा है। इसी का नतीजा है कि जिले में 400 डंपर हर रोज रात में थानों के सामने से गुजरते हैं और पुलिस को भनक तक नहीं लगती है। कहीं अगर कार्रवाई भी होती है तो एक दो डंपर से अधिक नहीं पकड़ पाते हैं। कार्रवाई से पहले ही बजरी माफिया का खुफिया तंत्र हर तरफ जानकारी दे देता है।

खबर प्रकाशित होने के बाद हरकत में आया प्रशासन: बजरी के रात में अवैध खनन को भास्कर द्वारा शनिवार काे उजागर करने के बाद प्रशासन हरकत में आया। कलेक्टर ने मंगलवार को बजरी का अवैध खनन पूरी तरह से रोकने के लिए बैठक बुलाई है। इसमें माइंस, पुलिस, प्रशासन, परिवहन और वन विभाग के अधिकारी शामिल रहेंगे। खनन को रोकने पर प्लानिंग तैयार होगी। अब प्रशासन ने सख्ती से अवैध खनन को रोकने में जुटेगा।

बजरी माफिया के आतंक के चलते सड़कों के किनारों और खेतों में अवैध स्टॉक बना रखे हैं। कृषि भूमि के उपयोग में आने वाली जमीनों पर टनों से बजरी के स्टॉक किए जा रहे हैं। रसद विभाग के अधीन यह कार्रवाई आती है। 50 टन से अधिक बजरी रखने पर रसद विभाग से लाइसेंस लेना होता है, लेकिन यहां टनों बजरी पड़ी है, उस पर कार्रवाई नहीं हो पाई है।

अवैध खनन पर पिछले साल के मुकाबले अधिक कार्रवाई हुई है। इस साल 76 एफआईआर दर्ज हुई है। फिर भी हमने मंगलवार को पुलिस, प्रशासन, ट्रांसपोर्ट, माइंनिंग-फोरेस्ट विभाग के अधिकारियों की बैठक बुलाई है। इसमें अवैध खनन को रोकने की प्लानिंग तैयार होगी। सिद्धार्थ सिहाग, कलेक्टर

अवैध खनन पर रात के समय कार्रवाई की पूरी तैयारी कर ली है। शनिवार रात को भी हम लोग कार्रवाई में जुटेंगे। नरेंद्र खटीक, एमई

पुलिस सीधे कार्रवाई नहीं कर सकती है। इसकी नोडल एजेंसी माइंस डिपार्टमेंट है। वह जब भी पुलिस की मदद मांगेगी, उनको हमेशा जाब्ता भेजा जाएगा। परिवहन विभाग की ओर से भी वाहनों की चैकिंग की जाती है तो बजरी के ट्रकों को भी रोकना चाहिए। कार्रवाई के लिए बनी संयुक्त टीम काे पुलिस पूरा योगदान देगी। राममूर्ति जोशी, एसपी

खबरें और भी हैं...