मृत व्यक्ति के लाइसेंस का उपयोग कर रहा था युवक, पकड़ा तो खुल गई पोल

Jhalawar News - झालावाड़/चौमहला|अभी तक मृत व्यक्ति के नाम से बैंक से लोन लेना या अन्य फर्जीवाड़े के बारे में आपने सुना होगा, लेकिन अब...

Bhaskar News Network

Sep 14, 2019, 08:06 AM IST
Choumehla News - rajasthan news the young man was using the license of the dead person caught the pole
झालावाड़/चौमहला|अभी तक मृत व्यक्ति के नाम से बैंक से लोन लेना या अन्य फर्जीवाड़े के बारे में आपने सुना होगा, लेकिन अब फर्जी लाइसेंस बनाकर उनका उपयोग करने का भी मामला सामने आया है। एक अज्ञात व्यक्ति चौमहला निवासी मृतक राजेंद्र कुमार कसेरा के लाइसेंस का उपयोग कर वाहन चला रहा था, जिसकी मौत 8 साल पहले ही हो चुकी है। मृत व्यक्ति के लाइसेंस की अवधि भी 2014 में समाप्त हो गई थी। मृतक के लाइसेंस की मूल कॉपी आज भी परिवार वालों के पास मौजूद है। इससे यह तो साफ हो गया कि अज्ञात व्यक्ति ने मृतक के नाम से फर्जी लाइसेंस बनाया है।

मामला तब सामने आया, जब अज्ञात व्यक्ति बिना सीट बेल्ट लगाए अपने वाहन को तेज गति से चला रहा था और उसे पुलिस ने पकड़ लिया। बाद में परिवहन विभाग से लाइसेंस निलंबित करने की अनुशंसा की। इस पर परिवहन विभाग ने मृत व्यक्ति के घर पर डाक से लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई के लिए विभाग में उपस्थित होने की सूचना भेजी तो फर्जी लाइसेंस की पोल खुली।

परिवहन विभाग ने यह भेजा था पत्र में

चौमहला निवासी मृतक के बेटे मनोज कुमार कसेरा ने बताया कि 11 सितंबर को उनके घर पर परिवहन विभाग का एक पत्र आया। जो उनके स्वर्गीय पिता राजेंद्र कुमार कसेरा के नाम पर थी। इसमें परिवहन विभाग ने लिखा था कि प्रासंगिक रिपोर्ट के अनुसार कार्यालय प्रभारी यातायात शाखा झालावाड़ से 20 अगस्त 2019 को पत्र मिला है, इसमें बिना सीट बेल्ट लगाए एवं निर्धारित गति सीमा से अधिक गति से वाहन चलाने पर आपको जारी ड्राइविंग लाइसेंस नंबर आरजे 17/डीएससी/2009/38742 को निलंबन की अनुशंसा प्राप्त हुई है। अत: आप अपने ड्राइविंग लाइसेंस की मूल प्रति के साथ 30 अगस्त तक कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हों, ताकि मोटर वाहन अधिनियम की धारा 19 के तहत आपके ड्राइविंग लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई की जा सके। इस पर परिजनों ने मृतक पिता का लाइसेंस ढूंढा तो मूल लाइसेंस घर पर ही मिला।

चाैमहला. मृतक राजेंद्र कुमार, जिसके ड्राइविंग लाइसेंस की अवधि 2014 में खत्म हाे गई थी।

पुलिस ने जिसका चालान किया, वह घाटोली गांव का निवासी है: यातायात पुलिस ने अकतासा में 6 अगस्त को जिस व्यक्ति को बिना सीट बेल्ट के तेज गति से वाहन चलाते पकड़ा और उसका चालान बनाया, वह घाटोली निवासी राजेंद्र कुमार पुत्र कल्याण प्रसाद था, लेकिन उसने जो लाइसेंस नंबर लिखाया, वह चौमहला निवासी राजेंद्र कुमार कसेरा पुत्र रामनारायण कसेरा के लाइसेंस का नंबर था। राजेंद्र कुमार कसेरा की तो आठ साल पहले मौत हो चुकी है।

पुलिस की खामियां : बिना दस्तावेज के बना देती है चालान: फर्जी लाइसेंस मामले में यातायात पुलिस की कमियां भी सामने आई हैं। चालान के दौरान यातायात पुलिस ने उसका लाइसेंस सहित अन्य दस्तावेजों की जांच नहीं की। जैसा वाहन चालक ने बताया, वैसी जानकारी भर कर चालान काट दिया। फिर चाहे वाहन चालक ने गलत जानकारी ही क्यों न दी हो। अगर पुलिस उसका लाइसेंस मांगती तो उसी समय बड़ी कार्रवाई होती।



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