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छात्र-छात्राएं बाल विवाह की रोकथाम के लिए दूत बनकर कार्य करें: चौधरी

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Dainik Bhaskar

Apr 02, 2018, 02:45 AM IST
छात्र-छात्राएं बाल विवाह की रोकथाम के लिए दूत बनकर कार्य करें: चौधरी
झालावाड़. बाल विवाह रोकथाम के अभियान के तहत निकाली गई रैली

भास्कर न्यूज| झालावाड़.

जिले में बाल विवाह रोकथाम के लिए रविवार को जिला एवं सेशन न्यायाधीश डॉ. राजेंद्र सिंह चौधरी ने अभियान की शुरुआत की। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय से छात्रों की विशाल रैली को हरी झंडी दिखाकर किया, जो शहर के मुख्य मार्गो से होती हुई स्काउट गाइड कार्यालय गढ़ परिसर पहुंची। वहां पर विधिक जागरूकता कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला एवं सेशन न्यायाधीश डॉ. चौधरी ने कहा कि झालावाड़ जिला कोटा संभाग में बाल विवाह के मामले में ऊपर है। इसलिए सभी सरकारी संस्थाएं एवं अधिकारी समन्वय से बाल विवाह रोकथाम के लिए कार्य कर झालावाड़ जिले को बाल विवाह मुक्त जिला बनाएं।

उन्होंने कहा कि जब देश में 18 वर्ष से कम उम्र का बच्चा न तो मतदान कर सकता है और न ही राजकीय सेवा में आ सकता है तो फिर 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों का विवाह कैसे जायज हो सकता है। उन्होंने बताया कि 18 वर्ष से कम उम्र की लड़की और 21 वर्ष से कम उम्र के लड़के का विवाह करना गैर कानूनी है। अगर कोई माता-पिता, रिश्तेदार इससे कम उम्र के बच्चों का विवाह करता हुआ पाया गया और इससे संबंधित टेंट, बैण्ड बाजे डेकोरेशन, कार्ड छापने वाली प्रिंटिंग मशीन के मालिक, किराना दुकानदार सहित अन्य विवाह में सेवाप्रदाता कोई भी व्यक्ति शामिल होता है तो उसे कानूनी तौर पर बाल विवाह का गुनहगार मानते हुए 2 वर्ष की सजा व 2 लाख रुपए के अर्थ दण्ड से दंडित किया जा सकता है। उन्होंने नागरिकों से कहा कि अब उनके घर कोई भी विवाह आमंत्रण पत्र आएं उस पर वर-वधू की जन्म तिथि अंकित होना जरूर देखें। उन्होंने जिले में बाल विवाह रोकने के लिए 2 से 16 अप्रेल तक विशेष अभियान के दौरान डीईओ माध्यमिक, प्राथमिक, स्काउट गाइड, प्राईवेट स्कूल एसोसिएशन को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने की बात कही। उन्होंने बताया कि 2 से 9 अप्रेल तक एसडीएम, डीएसपी, बीडीओ, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी, सीडीपीओ के साथ नियमित रूप से वीडियो कॉन्फ्रेंस की जाएगी। एसपी आनंद शर्मा ने बाल विवाह रुकवाने में पुलिस की भूमिका के बारे में विस्तार से बताया। पूर्णकालिक सचिव हनुमान सहाय जाट ने आभार व्यक्त किया। पूर्णकालिक सचिव ने बताया कि झालावाड़ में बाल विवाह को रोकने की सूचना पुलिस के 100 नम्बर, चाइल्ड हैल्पलाइन 1908, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के 07432-231135 एवं जिला कन्ट्रोल रूम दूरभाष नम्बर 07432-230645, 230646 पर दे सकते हैं। इस अवसर पर पारिवारिक न्यायाधीश पारस कुमार जैन, सीजेएम स्वाति शर्मा, एडीएम भवानीसिंह पालावत, न्यायिक एवं प्रशासनिक अधिकारियों अलावा एएनएम, आशा सहयोगिनी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, स्काउट गाइड छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। कृष्ण मोहन देवडा ने बाल विवाह न करने और न होने देने की शपथ दिलवाई। रैली का पुष्प वर्षा से स्वागत किया। जिला एवं सेशन न्यायधीश डॉ. राजेन्द्र सिंह चौधरी की अध्यक्षता में पंचायत समिति झालरापाटन के सभागार में रविवार को बाल विवाह रोकथाम के सम्बन्ध में सरपंचों को विधिक रूप से जागरूक करने के लिए कार्यशाला आयोजित की गई। उन्होंने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि सरपंच बाल विवाह रुकवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। कलेक्टर ने सभी सरपंचों से बाल विवाह मे शामिल नहीं होने और बाल विवाह रुकवाने में सहयोग करने का आह्वान किया। एसपी शर्मा ने कहा कि बाल विवाह रोकथाम पर सख्ती से कार्यवाही की जाएगी। कार्यशाला में न्यायिक मजिस्ट्रेट तापस सोनी, ग्राम न्यायाधिकारी शारिक हुसैन, प्रधान भारती नागर, तहसीलदार, सरपंच, ग्राम सेवक, पार्षदगण आदि उपस्थित रहे। अन्त में बीडीओ जितेन्द्र सिंह चुडावत ने आभार व्यक्त किया।

बालविवाह पर कार्यशाला हुई

झालरापाटन. पंचायत समिति परिसर में बालविवाह की रोकथाम के लिए कार्यशाला हुई। कार्यशाला में झालरापाटन ब्लॉक के सरपंच, ग्राम सेवकों ने भाग लिया। अतिथियों ने बाल विवाह एक अभिशाप पर रोकथाम के अनेक उपाय बताए। कलेक्टर डॉॅ. जितेंद्र कुमार सोनी ने कहा कि अगर पंचायतों के सरपंच चाहे तो एक भी बाल विवाह नहीं हो सकता। इन्हे जिम्मेदारी देते हुए कलेक्टर ने सभी सरपंचों, ग्राम सचिवों को अटल सेवा केंद्रों स्कूलों के बाहर बाल विवाह के दुष्परिणाम, बाल विवाह एक अभिशाप है बैनर लगाने की बात कही। कलेक्टर ने कहा कि जनप्रतिनिधि अगर चाहे तो ग्रामीण क्षेत्र में हो रहे बाल विवाह में नहीं जाए तथा समझाइश कर बाल विवाह रुकवा सकते हैं। एसपी आनंद शर्मा ने कहा कि भारत में राजस्थान बाल विवाह में प्रथम आता है। इस अभिशाप को हमें रोकना है। जिला प्रशासन तो सूचना पर काम करता है, लेकिन सरपंच तो इन्हीं क्षेत्रों में निवास करते हैं। जिनकी जानकारी के बिना एक भी बाल विवाह नहीं हो सकता। यदि ग्रामीण क्षेत्रों के जनप्रतिनिधि चाहें तो उनके क्षेत्र में हो रहे बाल विवाह को शीघ्र रोका जा सकता है। कार्यशाला में जज सीजीएम, प्रधानभारती नागर, विकास अधिकारी जितेंद्र सिंह चूडावत आदि मौजूद रहे।

चौमहला. बाल विवाह रोकथाम अभियान के तहत रविवार को छात्राओं द्वारा जागरूकता रैली निकाली गई। लाेगों को जागरूक करने के लिए आदर्श बालिका उच्च माध्यमिक स्कूल से रैली शुरू हुई। जो नगर के मुख्य बाजारों से गुजरी। इसके माध्यम से बाल विवाह रोकथाम के लिए जागरूक किया गया।

झालरापाटन. बालविवाह की रोकथाम को लेकर हुई कार्यशाला।

झालावाड़. अभियान के तहत निकाली गई रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना करते हुए।

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