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िसंथेटिक रंगों से स्किन डैमेज ही नहीं, दमा होने का भी खतरा

होली खेलें। सिंथेटिक कलर से नहीं गुलाल से खेलें। सिंथेटिक रंग लगाना स्किन के लिए नुकसानदायक है। साथ ही इनसे कई तरह...

Danik Bhaskar | Mar 01, 2018, 03:50 AM IST
होली खेलें। सिंथेटिक कलर से नहीं गुलाल से खेलें। सिंथेटिक रंग लगाना स्किन के लिए नुकसानदायक है। साथ ही इनसे कई तरह की बीमारियां होने का भी खतरा है। इन रंगों में मौजूद कैमिकल्स एलर्जी तक पैदा कर सकते हैं। इनमें मौजूद क्रोमियम, सिलिका, लेड, अल्कालाइन और कांच का चूरा स्किन डेमेज करता है। साथ ही स्किन डिजीज, आंखों में इंफेक्शन, अल्पकालीन अंधत्व, दमा और स्किन कैंसर जैसे रोग होने का भी खतरा बढ़ जाता है। हर्बल रंग और गुलाल से खेलें।

लाल रंग

यह रंग मरक्यूरी सल्फेट से बनता है और इससे स्किन डिजीज के अलावा लकवा और आंखों की रोशनी जाने का भी खतरा बना रहता है।

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हरा रंग

हरे रंग में कॉपर सल्फेट मौजूद होने से आंखों में एलर्जी हो सकती है। साथ ही स्किन लाल और छोटे-छोटे दाने होना शुरू हो जाते हैं। इनमें खुजली के साथ पानी भर जाता है।

सिल्वर रंग

यह रंग एल्युमिनियम ब्रोमाइड से बनाया जाता है, जो कि एक कारसिनोजेनिक है। इसे कैंसर पैदा करने वाले एलिमेंट के रूप में जाना जाता है। लंबे समय तक इस रंग का इस्तेमाल नहीं करें।

झुंझुनूं, गुरुवार 01 मार्च, 2018 | 6

काला रंग

यह रंग लेड ऑक्साइड से बनता है। स्किन के जरिए लेड ऑक्साइड बॉडी में अब्जॉर्व होता है। इससे किडनी प्रभावित होने से यह काम करना बंद कर देती है। ब्रेन की क्षमता पर भी असर पड़ता है।

ट्रीटमेंट

रंगों से खेलने से पहले किसी भी प्रकार का तेल यह फिर क्रीम लगानी चाहिए ताकि रंग स्किन पर ना बैठे लेकिन केमिकल रंगों से बचने का यह प्रॉपर तरीका नहीं है। रंगों से स्किन पर किसी भी प्रकार का इंफेक्शन हो तो उसे तुरंत पानी से धो लेना चाहिए और जल्द से जल्द डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।

-डॉ. एस.आर. शुक्ला, डर्मोटोलॉजिस्ट, फोर्टिस