सुख हो या दुख, इंसान को समान भाव में रहना चाहिए : कथावाचक / सुख हो या दुख, इंसान को समान भाव में रहना चाहिए : कथावाचक

Jhunjhunu News - मंड्रेला. श्रीश्याम सदन में चल रही रामकथा में मौजूद श्रद्धालु। भास्कर न्यूज | मंड्रेला कस्बे के श्रीश्याम सदन...

Bhaskar News Network

Nov 11, 2018, 08:07 AM IST
Mandrela - happiness or misery the person should live in the same sense narrator
मंड्रेला. श्रीश्याम सदन में चल रही रामकथा में मौजूद श्रद्धालु।

भास्कर न्यूज | मंड्रेला

कस्बे के श्रीश्याम सदन में चल रही श्रीरामकथा के दूसरे दिन शनिवार को कथावाचक आनंदजी महाराज ने कहा कि इंसान को सुख-दुख में समभाव में रहना चाहिए। पूर्व सरपंच सुरेशकुमार सोनी के संयोजन में चल रही कथा में आनंदजी ने कहा मनुष्य व्यर्थ मे ही दुख आने पर दुखी हो जाता है, जबकि हकीकत में दुख में दुखी होने से मनुष्य का दुख बढ़ता ही है। अत: मनुष्य को सदा इस उक्ति में रहना चाहिए ‘जाही विधि राखे राम, ताही विधि रहिए,’कथा में शनिवार को चारों भाइयों राम, लक्ष्मण, भरत तथा शत्रुघ्न का जन्मोत्सव मनाया गया। भव्य झांकी निकाली गई। पूर्व सरपंच सुरेशकुमार सोनी, हरिराम टेलर, किशनलाल रूंगटा, विनोद सोनी, नारमल जोशी, परमानंद सोनी, निर्मल माखरिया मौजूद थे।

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