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गुर्जरों को 13 साल में 5वीं बार आरक्षण, गुर्जर बोले-ड्राफ्ट देखे बिना नहीं हटेंगे

Dainik Bhaskar

Feb 14, 2019, 06:35 AM IST

Jhunjhunu News - गुर्जरों को 5वीं बार आरक्षण मिला है। इसके लिए 4 बार बिल लाया गया, एक बार नोटिफिकेशन जारी हुआ। पांचों ही बार यह कोर्ट...

Tai News - rajasthan news gujjars will not be rescued for the 5th time in 13 years without seeing gujjar speak drafts
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गुर्जरों को 5वीं बार आरक्षण मिला है। इसके लिए 4 बार बिल लाया गया, एक बार नोटिफिकेशन जारी हुआ। पांचों ही बार यह कोर्ट में इसलिए अटक गया, क्योंकि इस 5% आरक्षण के कारण प्रदेश में कुल आरक्षण 50% से ज्यादा हो रहा था। इस कारण सरकार ने इन पांच में से दो बार 1 फीसदी आरक्षण दिया। यह 1% आरक्षण अब भी जारी है। आरक्षण के लिए गुर्जरों ने 2006 में पहली बार आंदोलन किया था। तब से अब तक के 13 वर्षों में ये छठी बार आंदोलन पर उतरे हैं।

अति पिछड़ा वर्ग के लिए अब क्रीमीलेयर सीमा 2.5 लाख से बढ़ाकर 8 लाख रु.

पॉलिटिकल रिपोर्टर | जयपुर

पिछले 13 साल से आरक्षण की लड़ाई लड़ रहे गुर्जरों को 5वीं बार आरक्षण दिया गया है। इसके लिए सरकार ने बुधवार को विधानसभा में बिल पास कर दिया। इसमें गुर्जर सहित 5 जातियों को सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में 5% आरक्षण देने का प्रावधान है। इसके अलावा सवर्णों को 10% आरक्षण भी लागू कर दिया गया है। अति पिछड़ा वर्ग के लिए अब क्रीमीलेयर सीमा भी 2.5 लाख से बढ़ाकर अब 8 लाख रुपए की गई है। दूसरी ओर, पिछले 6 दिन से प्रदेश में रेलवे ट्रैक और सड़कें जाम किए हुए बैठे गुर्जरों ने कहा है कि अभी आंदोलन जारी रहेगा। कर्नल किरोड़ी सिंह बैसला ने कहा कि हमारे पास बिल का ड्राफ्ट संभवत: गुरुवार तक पहुंचेगा।

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गुर्जरों को 13 साल में...

हम अध्ययन करेंगे और संघर्ष समिति से राय लेंगे। सरकार से गारंटी भी लेंगे कि यह हाईकोर्ट में चैलेंज नहीं हो जाए। इसके बाद ही आंदोलन खत्म करने पर निर्णय होगा।





करने के बारे में अंतिम निर्णय लिया जाएगा। तब तक गुर्जर समाज के लोग सड़कें जाम रखेंगे और हम मलारना डूंगर में रेल रोककर बैठे रहेंगे। उधर, गुर्जरों को मनाने के लिए बनाई गई मंत्रियों की कमेटी में शामिल पर्यटन मंत्री विश्वेंद्र सिंह ने कहा कि अभी बिल पर राज्यपाल के हस्ताक्षर होने हैं। हस्ताक्ष्रर होने के बाद वे बिल की कॉपी लेकर कर्नल किरोड़ी सिंह बैसला से बात करेंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि राज्य सरकार की ओर से बिल पास किए जाने के बाद अब आंदोलन का शांति पूर्वक हल निकल गया है। जल्द ही गुर्जर आंदोलन समाप्त हो जाएगा। इससे पहले गुर्जर सहित पांच जातियों को 5 फीसदी आरक्षण से जुड़ा बिल कैबिनेट मंत्री बीडी कल्ला ने सदन में रखा। राजस्थान पिछड़ा वर्ग अधिनियम 2017 के संशोधन विधेयक के रूप में गुर्जर, गूजर के अलावा बंजारा, बालदिया, लबाना, गाड़िया लोहार, गाडोलिया, राईका, रैबारी, देवासी, गडरिया, गाडरी व गायरी जातियों के लिए इस आरक्षण का प्रावधान किया गया है। विधानसभा में बिल पास करने के बाद सरकार की ओर से उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट और सभी 200 विधायकों की ओर से विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी ने सदन से आंदोलनकारियों से अपील की है कि वे अब आंदोलन का रास्ता छोड़कर प्रदेश में शांति व्यवस्था कायम करें।







बिल में केंद्र सरकार से आग्रह किया गया है कि इन जातियों के सामाजिक और आर्थिक पिछड़ेपन को देखते हुए संविधान में संशोधन कर नौवीं अनुसूची में शामिल किया जाए।

सरकारें देती रही आरक्षण...कोर्ट खत्म करता रहा

...क्योंकि इस आरक्षण के लिए संविधान में संशोधन करना जरूरी है

गुर्जरों को आरक्षण तभी, जब केंद्र सरकार संविधान में संशोधन करके इसे नौवीं अनुसूची में शामिल कराए। चूंकि 16वीं लोकसभा का आखिरी सत्र बुधवार को खत्म हो गया। अब या तो विशेष सत्र हो या नई सरकार के गठन के बाद ही इस पर कोई फैसला होगा।

महिलाओं को लोकसभा-विधानसभा में 33% आरक्षण के लिए संकल्प पत्र

महिलाओं के लिए लोकसभा व विधानसभा में 33 प्रतिशत सीटें रिजर्व करने के लिए केंद्र सरकार से आग्रह का संकल्प पत्र भी विधानसभा में पारित किया गया। इसमें केंद्र सरकार से आग्रह किया गया है कि वह महिलाओं के लिए लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में एक तिहाई सीट आरक्षित करने के लिए अतिशीघ्र महिला आरक्षण बिल पारित करवाए।

पहली बार: भाजपा ने 2008 में गुर्जरों को 5% व सवर्णों को 14% आरक्षण दिया। जुलाई 2009 में लागू हुआ। 7 दिन हाईकोर्ट की रोक।

दूसरी बार: कांग्रेस सरकार ने विशेष पिछड़ा वर्ग में 5% आरक्षण देने का वादा किया। जुलाई 2012 में पिछड़ा वर्ग आयोग ने 5% आरक्षण की सिफारिश की। मामला पहले से कोर्ट में था, इसलिए नोटिफिकेशन से विशेष पिछड़ा वर्ग एक प्रतिशत आरक्षण दिया।

तीसरी बार : 22 सितंबर 2015 को बिल पारित। गुर्जरों सहित 5 जातियों को 5% आरक्षण दिया। कोर्ट में 9 दिसंबर 2016 को इसे खत्म कर दिया। सुप्रीम कोर्ट में सरकार की एसएलपी आज भी लंबित है।

चौथी बार : 17 दिसंबर 2017 को गुर्जर सहित पांच जातियों को 1% आरक्षण का बिल पास। गुर्जर सहित 5 जातियों को एमबीसी कैटेगरी में एक प्रतिशत आरक्षण का फायदा मिल रहा है।

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