अब अाईसीअाईसीअाई के जरिए चेक क्लीयरिंग
निर्वाचन विभाग ने नगर निगम हैरिटेज व ग्रेटर के चुनावों की प्रक्रिया घोषित की है। इसके साथ ही चुनावों को लेकर निर्वाचन विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी। चुनाव राजस्थान नगर पालिका नियम 1994 के तहत करवाएं जाएगें। वार्डों के आरक्षण की 11 मार्च काे लॉटरी निकालने के साथ ही चुनाव प्रक्रिया प्रारंभ हाे जाएगी। जिला निर्वाचन अधिकारी व कलेक्टर डाॅ. जोगाराम ने बताया कि रिटर्निंग अधिकारियों व सहायक रिटर्न अधिकारियों की नियुक्ति कर मतदान गठन दलों का गठन किया जाएगा। निगम चुनावों में डाक मतपत्रों का वितरण किया जाएगा। ईवीएम मशीनों के द्वारा चुनाव करवाए जाएंगें। इसके लिए मशीनों की जांच इलेक्ट्रॉनिक्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के इंजीनियरों के द्वारा की जाएगी। मशीनों की जांच का कार्य 21 मार्च तक पूर्ण कर लिया जाएगा। जांच के साथ ही मशीनों के लॉगिन व पासवर्ड उपलब्ध करवा दिए जाएंगे।
नोवेक्स अधिकृत संगीत का उपयोग नहीं करे जी-क्लब : कोर्ट
जयपुर। कोर्ट ने जी-क्लब को अस्थाई निषेधाज्ञा के जरिए पाबंद किया है कि वह वादी नोवेक्स द्वारा अधिकृत किसी भी संगीत का उपयोग नहीं करे। कोर्ट ने यह आदेश नोवेक्स कम्युनिकेशन के वाद पर दिया। इसमें कहा कि वादी कंपनी बड़े बॉलीवुड लेबल के कॉपीराइट वाले संगीत को चलाने के लिए एनओसी का व्यवसाय करती है। लेकिन शहर के डेज होटल परिसर में स्थित जी-क्लब अपने क्लब में वादी के कॉपीराइट वाले संगीत का व्यावसायिक उपयोग कर रहा है और यह कॉपीराइट एक्ट की धारा 51 का उल्लंघन है। इसलिए क्लब को पाबंद किया जाए कि वह उनके कॉपीराइट संगीत का उपयोग नहींं करे।
युवक को पीटा, कार व नकदी लूट ले गए
जयपुर। प्रताप नगर इलाके में कार सवार बदमाशों द्वारा एक युवक से मारपीट कर नकदी व कार छीनने का मामला सामने आया है। इस संबंध में टोंड हाल किरायेदार रीको कॉलोनी प्रतापनगर निवासी रामलाल माली ने रिपोर्ट दर्ज करवाई है। पुलिस ने बताया कि तीन मार्च को पीड़ित अपने गांव से प्रतापनगर आया था। देर रात उसने अपने रूम पार्टनर सीताराम सैनी को फोन किया लेकिन उसने फोन रिसीव नहीं किया। तो वह कार को कैंब्रिज कोर्ट कॉलेज के पास सड़क किनारे लगाकर सो गया।
निगम चुनावों की प्रक्रिया घोषित
राजस्थान
जयपुर। यस बैंक के वित्तीय संकट में फंसने के बाद राज्य के अपेक्स ने अपना चैंक क्लीयरिंग बैंक बदल लिया है। रिजर्व बैंक द्वारा यस बैंक के लेनदेन पर राेक लगाने के बाद अपेक्स बैंक खाताधारकाें के करीब 1 कराेड़ रुपए के चैक क्लीयर हाेने से रूक गए थे। खाताधारकाें की शिकायत के बाद अपेक्स बैंक प्रबंधन ने अाईसीअाईसी बैंक काे अपना चैक क्लीयरिंग बैंक बनाया है। दरअसल, 2014 से अपेक्स का चैक क्लीयरिंग बैंक यस बैंक था अाैर हाल में वित्तीय लेनदेन पर राेक लगने के बाद अपेक्स बैंक खाताधारकाें के सामने परेशानी खड़ी हाे गई थी। एक दिन में करीब 1 कराेड़ रुपए के चैक अटक गए थे। इसके अलावा अपेक्स बैंक के 12 लाख रुपए डिपाेजिट के रूप में जमा था। अपेक्स बैंक की राज्यभर में 17 ब्रांच है अाैर ज्यादातर खाताधारक किसान है। 2014 से अपेक्स बैंक के चैक क्लीयरिंग यस बैंक के जरिए हाेती थी, क्याेंकि अपेक्स बैंक मापदंड पूरे नहीं कर पाने कारण एनपीसीअाई का सदस्य नहीं था।
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, झुंझुनूं, सोमवार 09 मार्च, 2020