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सरकारी नौकरी में लोक कलाकारों को भी कोटा मिले : गुलाबो

Dainik Bhaskar

Mar 17, 2019, 03:11 AM IST

Jhunjhunu News - भास्कर संवाददाता | झुंझुनूं राजस्थान लोक नृत्य को पूरी दुनिया में एक अलग पहचान दिलाने वाली गुलाबो का कहना है कि...

Jhunjhunu News - rajasthan news public artists also get quota gulabo
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भास्कर संवाददाता | झुंझुनूं

राजस्थान लोक नृत्य को पूरी दुनिया में एक अलग पहचान दिलाने वाली गुलाबो का कहना है कि लोक कलाओं के सरंक्षण के लिए जरूरी है कि जिस तरह से सरकारी नौकरी में खिलाड़ियों को कोटा दिया जाता है। वैसे ही लोक कलाकारों को भी दिया जाए। गुलाबो राजस्थान के कालबेलिया नृत्य को विश्व स्तर पर पहचान दिलाने वाली कलाकार हैं। उन्होंने दुनिया के करीब 165 देशों में इस नृत्य की प्रस्तुति दी। यही कारण है कि आज यह नृत्य सीखने के लिए देश और दुनिया से कई लोग उनके पास आते हैं। शनिवार को एक कार्यक्रम में प्रस्तुति देने आई 60 वर्षीय गुलाबों इस बात से बेहद खुश हैं कि आज यह नृत्य अपनी अलग पहचान बनाने में कामयाब रहा, लेकिन उन्हें लोक कलाकारों के आर्थिक विकास की भी पीड़ा है। उन्होंने कहा कि अब भी बहुत से कलाकारों को उचित मंच नहीं मिला है और ना ही वे आगे आ पा रहे हैं। जिसका सबसे बड़ा कारण आर्थिक कमजोरी है। उन्होंने कहा कि इसके लिए सरकार सरकारी नौकरियों में कलाकारों का कोटा तय करे।

कलाकारों के लिए बोर्ड बने : गुलाबो ने कहा कि आज वैसे तो कलाकारों के लिए कई योजनाओं की बात होती है, लेकिन इनका सही मायनों में लाभ नहीं मिल पा रहा। इसके लिए जरुरी है कि सरकार को लोक कला को संरक्षण देने के लिए एक प्रभावशाली बोर्ड का गठन करे। इस बोर्ड में लोक कलाकारों को शामिल करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हकीकत यह है कि प्रस्तुति के बाद कलाकार से कोई नहीं पूछता कि वह किन हालात में है।

गुलाबो सपेरा संस्थान बनाया : उन्होंने बताया कि एक वह भी दौर था जब कालबेलिया नृत्य लुप्त होने की कगार पर था, लेकिन फिर मेरे जैसे कलाकारों ने इसे दुनिया के सामने रखा। यह खूब सराहा गया। आज दुनिया भर से हमारे पास डिमांड आती है। देश ही नहीं दुनिया भर से लोग सपेरा डांस सीखने के लिए आ रहे है। मैं अभी जयपुर में लड़कियों को डांस सीखा रही हूं। पुष्कर में गुलाबो सपेरा संस्थान का भवन बनकर तैयार है। जहां इस नृत्य को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का काम किया जाएगा।

पुरस्कार एक कलाकार को नई ऊर्जा देते हैं

गुलाबो का मानना है कि पुरस्कार एक कलाकार को नई उर्जा देते हैं। वह अन्य सब कुछ भूलकर नई ताकत के साथ काम करता है। चाहे यूनेस्को की ओर से कल्चर एंबेसेडर पुरस्कार या पद्म श्री। इन पुरस्कारों ने मुझे आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया है और यही कारण है कि मैं आज जीवन के छह दशक बाद भी उसी उर्जा के साथ नृत्य की प्रस्तुति दे पाती हूं।

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