खुशियों की पाठशाला शुरू, ताकि समझ सकें बच्चों का मनोविज्ञान

Jhunjhunu News - भास्कर संवाददाता | झुंझुनूं शहीद कर्नल जेपी जानू स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे मंगलवार को बहुत खुश थे। उन्हें...

Dec 04, 2019, 10:10 AM IST
भास्कर संवाददाता | झुंझुनूं

शहीद कर्नल जेपी जानू स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे मंगलवार को बहुत खुश थे। उन्हें पढ़ाई का कोई बोझ या किसी के डांटने या मारने का कोई डर नहीं सता रहा था, क्योंकि उनके लिए स्कूल में तैयार की गई खुशियों की दीवार पर उनके हाथों की छाप नजर आ रही थी। अलग-अलग रंग की पंजे की छाप से खुशियों की दीवार मानो बच्चों से बात करती प्रतीत हो रही थी। मौका ही कुछ खास था। जिला प्रशासन, शिक्षा विभाग व पीरामल फाउंडेशन के सहयोग से बच्चों के सामाजिक व भावनात्मक मूल्यों के शिक्षण को लेकर खुशियों की पाठशाला का आगाज किया गया था। कलेक्टर रवि जैन, जिला प्रमुख सुमन रायला, नगर परिषद सभापति नगमा बानो ने फीता काट कर स्कूल के इस खास कमरे का लोकार्पण भी किया जिसमें बच्चों को परिवार की तरह का अहसास हो सके। यहां कोई शतरंज खेल रहा था, तो कोई चित्र बना रहा था, कोई दीवार के पास बैठा पक्षियों के चित्रों वाली किताब देख रहा था।

पीरामल फाउंडेशन की पहल पर शुरू हुआ नवाचार

कलेक्टर जैन ने कहा कि यह अभिनव प्रयोग है। इसके तहत जिले की चयनित स्कूलों में खुशियों की पाठशाला की अवधारणा विकसित की जाएगी। फाउंडेशन की टीम तथा ट्रेंड शिक्षक स्कूल वार पांचवीं तक के बच्चों से पारिवारिक माहौल में 48 सवाल पूछ कर उनकी भावनाअों, कमजोरी, मजबूती, ताकत का पता लगाएंगे ताकि बच्चों‌ के भीतर किसी भी तरह का कोई भय, संकोच या असमंजस हो तो उसे दूर किया जा सके। फाउंडेशन के अंकित दीक्षित ने बताया कि इन स्कूलों में एक जगह खुशियों की दीवार बनाई जाएगी जहां से होकर बच्चे स्कूल में प्रवेश करें तो दीवार पर बनाए हंसते-खिलखिलाते चेहरों से देख कर खुशी अौर उत्साह के माहौल में क्लास में आएं। अध्यक्षता मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी घनश्याम दत्त जाट ने की। विशिष्ट अतिथि डीईअो माध्यमिक अमर सिंह पचार, स्कूल की कमेटी के वरिष्ठ सदस्य विजय गोपाल मोटसरा, बाबूलाल थालौर, गजेंद्र सिंह शेखावत थे। प्रधानाचार्या विनोद जानू ने आभार जताया।

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