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कथा में सजाई कृष्ण-रुक्मणि विवाह की झांकी

2 वर्ष पहले
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देवीपुरा पंचायत की चंदाका की ढ़ाणी नर्बाणों की ढ़ाणी में स्थित हीरामलजी महाराज के मंदिर परिसर में भागवत कथा शुभारंभ कलश यात्रा के साथ हुआ। महिलाअें द्वारा कलश यात्रा मुख्य मार्गो से होते हुए निकाली गई। कथा प्रवचन करते हुए पं. सुशील आनंद महाराज ने कहा कि भागवत कथा कल्याणकारी ग्रंथ है जिसके श्रवण मात्र से मनुष्य के सभी पाप नष्ट हो जाते है। मनुष्यों को चाहिए कि वे ऐसे कल्याण्कारी ग्रंथ को एकाग्रचित्त होकर श्रवण करें। कथा वाचक ने भागवत के अनंक प्रसंगाें को संगीतमय भजनों के माध्यम से विस्तार पूर्वक समझाया। इस मौके पर चिंरजीलाल जांगिड़, कालूराम पोषवाल, गुगाराम, नंदलाल डोई, सुभाषचंद्र डोई, नरपत सिंह, ताराचंद, मेवाराम, मूलचंद, बालूराम भाटी आदि मौजूद थे।

भागवत कथा में कृष्ण-रुक्मणि विवाह की झांकी सजाई : बिसाऊ| गोविंद देव मंदिर में चल रही श्रीमद भागवत कथा के छठे दिन कृष्ण-रुक्मणि विवाह प्रसंग की कथा हुई। भगवान की 16 हजार 108 रानियों के साथ विवाह करने की कथा सुनाई गई। यूपी के चित्रकूट धाम के संत राजाराम महाराज ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने भोमासुर राक्षस द्वारा अपहरण कर ले जाई गई 16 हजार 108 रानियों को मुक्त करवाकर उनके साथ विवाह किया था। रुक्मणि हरण व उनसे विवाह करने का प्रसंग भी सुनाया गया। इस दौरान विवाह की झांकी भी सजाई गई।

देवीपुरा में हीरामलजी महाराज के मंदिर परिसर में भागवत कथा शुभारंभ हुआ

खिरोड़. भागवत कथा में मौजूद श्रद्धालु।

नारायण नाम के उच्चारण से भगवान की प्राप्ति संभव : बिहारी

मंडावा | नूआं में सरकारी अस्पताल के सामने धाभाईयों के कुआं परिसर में वैद वेदांग सरंक्षण समिति राजस्थान के अध्यक्ष वासुदेव शर्मा वैदाचार्य के सानिध्य में संगीतमय कथा के आठवें दिन समापन पर व्यास पीठ से वृंदावन के बांके बिहारी नेे कहा कि नारायण नाम के उच्चारण मात्र से भगवान की प्राप्ति संभव है। इस दौरान बांके बिहारी ने भगवान के स्वयं के रहस्य का वर्णन करते हुए बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने कौरवों का वध कर पृथ्वी का भार हल्का किया। भागवत कथा के समापन राजकुमार शर्मा, रामस्वरूप धाभाई, मोहनलाल शर्मा, शंकरलाल स्वामी, ओमप्राकशनायक, जितेंद्रसिंह गुर्जर, बजरंग धाभाई, रामावतार धाभाई, श्याम लाल शर्मा, सवाईसिंह धाभाई, सुमेरसिंह, सहित बड़ी संख्या में महिला श्रद्धालु मौजूद थी।

बिसाऊ. कृष्ण-रुक्मणि विवाह की झांकी।

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