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सरकारी नौकरी में थे, फिर भी तथ्य छिपा दाे रुपए किलाे वाले गेहूं उठाए, अब चुकाने हाेंगे एक किलो के 27 रुपए
सरकारी नाैकरी में रहते हुए तथ्य छिपा कर खाद्य सुरक्षा याेजना में नाम जुड़वाने अौर दो रुपए किलो की दर से गेहूं उठाने वालों के खिलाफ अब प्रशासन एक्शन ले रहा है। झुंझुनूं क्षेत्र में एेसे 237 लाेगाें की पहचान हुई है जिन्होंने सरकारी लाभ के पद पर रहते खाद्य सुरक्षा याेजना में 960 क्विंटल गेहूं उठा लिए। प्रशासन एेसे लाेगाें से करीब 26 लाख रुपए की रिकवरी करेगा। एस़डीएम सुरेंद्र कुमार यादव ने इसके लिए आदेश जारी किए हैं। उधर मलसीसर में भी एेसे ही मामले सामने आने पर एसडीएम की अोर से नोटिस जारी किए गए हैं। वहां अब तक 122 लोगों से 26 लाख रुपए वसूले जा चुके हैं।
राज्य सरकार की अाेर से गरीबाें, मजदूराें, सीमांत लघु किसानाें, मजदूर काे खाद्य सुरक्षा याेजना के माध्यम से दाे रुपए किलाे गेहूं मुहैया कराया जाता है। जिले में बड़ी संख्या में लाेगाें ने सरकारी सेवाअाें में रहते हुए, या पेंशन याफ्ता होने के बावजूद तथ्य छिपा कर अपना नाम खाद्य सुरक्षा याेजना में जुड़वा लिया। ये लोग लंबे समय तक दो रुपए किलो गेहूं कर उठाते रहे। पिछले दिनाें प्रदेश स्तर पर इसकी शिकायत हुई ताे सरकार ने इसकी जांच कराई तो यह फर्जीवाड़ा सामने आया। फिलहाल झुंझुनूं अौर मलसीसर ब्लाॅक में ही एसडीएम ने एक्शन लिया है। अन्य आठ ब्लाॅक में भी जांच करवाई जा रही है। झुंझुनूं एसडीएम ने पटवारी व ग्राम सचिवाें की टीम बना कर झुंझुनूं उपखंड क्षेत्र के गांवाें में जांच कराई ताे 237 लाेगाें के नाम सामने अाए। प्रशासन ने इन्हें करीब 26 लाख लौटाने के लिए नाेटिस दिए हैं।
सात दिन में रुपए जमा कराने के थमाए नोटिस, रुपए जमा नहीं कराने पर होगा मुकदमा
खाद्य सुरक्षा याेजना के तहत सरकार की अाेर से दाे किलाे रुपए गेहूं दिया जाता है। प्रशासन काे एक किलाे गेहूं देने पर 27 रुपए लागत अाती है। इसमें गेहूं की खरीद, ट्रांसपाेर्ट एवं राशन डीलर का कमीशन शामिल है। प्रशासन इन लाेगाें से 27 रुपए किलाे की दर से वसूली करेगा। झुंझुनूं एसडीएम ने एेसे लाेगाें काे सात दिन में रुपए लौटाने के नाेटिस दिए हैं। एसडीएम यादव ने बताया कि फर्जीवाड़ा कर गेहूं उठाने वालाें ने समय रहते रुपए जमा नहीं कराए ताे उनके खिलाफ एफअाईअार दर्ज कराई जाएगी। झुंझुनूं एसडीएम की अाेर से अभी तक उपखंड के ग्रामीण इलाकाें में ही सर्वे कराया गया है। शहरी क्षेत्र झुंझुनूं, मंडावा व बगड़ कस्बे में जांच हाेनी बाकी है।
मलसीसर में वसूले 54 लाख रुपए
मलसीसर में सच सामने आने के बाद तहसील में करीब 1450 लाेगाें काे नाेटिस जारी किए गए हैं। इनमें से करीब 240 लाेगाें ने 28 लाख रुपए की रिकवरी जमा कराकर अपने राशन कार्ड सरेंडर किए है। कम अायु व सरकारी कर्मचारी व पेंशनर्स वृद्धावस्था पेंशन भी उठाई है।
हनुमानपुरा का संत कुमार सेना से सेवानिवृत्त है। पेंशन ले रहा है। फिर भी खाद्य सुरक्षा याेजना में नाम जुड़वाया अौर सस्ते गेहूं उठा लिए। अब प्रशासन ने रिकवरी के नाेटिस दिए हैं।
कराया जाता है। जिले में बड़ी संख्या में लाेगाें ने सरकारी सेवाअाें में रहते हुए, या पेंशन याफ्ता होने के बावजूद तथ्य छिपा कर अपना नाम खाद्य सुरक्षा याेजना में जुड़वा लिया। ये लोग लंबे समय तक दो रुपए किलो गेहूं कर उठाते रहे। पिछले दिनाें प्रदेश स्तर पर इसकी शिकायत हुई ताे सरकार ने इसकी जांच कराई तो यह फर्जीवाड़ा सामने आया। फिलहाल झुंझुनूं अौर मलसीसर ब्लाॅक में ही एसडीएम ने एक्शन लिया है। अन्य आठ ब्लाॅक में भी जांच करवाई जा रही है। झुंझुनूं एसडीएम ने पटवारी व ग्राम सचिवाें की टीम बना कर झुंझुनूं उपखंड क्षेत्र के गांवाें में जांच कराई ताे 237 लाेगाें के नाम सामने अाए। प्रशासन ने इन्हें करीब 26 लाख लौटाने के लिए नाेटिस दिए हैं।
बहादुरवास निवासी शिवकरण सिंह शिक्षा विभाग से पेंशन ले रहे हैं, उन्होंने भी तथ्य छिपा कर खाद्य सुरक्षा याेजना में नाम जुड़वा लिया अौर गरीबाें काे मिलने वाला गेहूं दो रुपए किलो के हिसाब से उठाया।
नयासर निवासी राव वीरेंद्र सिंह फाैज में हैं। खुद को सरकारी लाभ के पद पर न होना बता कर खाद्य सुरक्षा में दाे रुपए किलाे से 800 किलाे गेहूं उठाए। उन्हें 21 हजार 600 रुपए का नाेटिस दिया है।
नयासर के शीशराम सरकारी शिक्षक हैं। खुद को लाभ के पद पर न हाेना बता कर 840 किलाे गेहूं दाे रुपए की दर से उठा लिए। प्रशासन ने उन्हें 22 हजार 680 रुपए लौटाने का नाेटिस दिया है।