Hindi News »Rajasthan »Jobner» सावन में खेत सूखे, झुलसने लगी फसलें, ‘अन्नदाता’ की आंखें नम

सावन में खेत सूखे, झुलसने लगी फसलें, ‘अन्नदाता’ की आंखें नम

भास्कर न्यूज | हस्तेड़ा/बधाल पिछले दिनों क्षेत्र में हुई बरसात के बाद ज्यादातर किसानों ने अपने-अपने खेतों में...

Bhaskar News Network | Last Modified - Aug 08, 2018, 05:00 AM IST

सावन में खेत सूखे, झुलसने लगी फसलें, ‘अन्नदाता’ की आंखें नम
भास्कर न्यूज | हस्तेड़ा/बधाल

पिछले दिनों क्षेत्र में हुई बरसात के बाद ज्यादातर किसानों ने अपने-अपने खेतों में बोआई कर दी। खेतों में बीज डाले तो अंकुर भी फूट आए। किसानों की उम्मीद परवान चढ़ती, इससे पहले ही खेतों में उगी फसलें झुलसने लगी हैं। एक तो सावन भी सूखा गुजर रहा है, उपर से बिजली कटौती ने कोढ़ में खाज का काम किया। सिंचाई बिना बर्बाद होती फसलों को देखकर किसानों की आंखें भर आती हैं।

आसपास के गांवों में किसानों ने पिछले दिनों हुई बरसात के बाद खेतों में महंगी दरों पर बीज व खाद खरीद कर मूंगफली, मूंग, बाजरा, ग्वार आदि फसलों की बोआई तो कर दी, लेकिन मौसम की बेरूखी के चलते खेतों में फसलें झुलसने लगी हैं। वहीं बिजली कटौती के कारण किसानों को बिजली भी पर्याप्त नहीं मिल पा रही है। ऐसे में किसान फसलों को लेकर चिंता में डूब गए हैं। किसान नेता प्रभुनारायण यादव, नाथूराम, सीताराम बागड़ा, रामरतन कुमावत, ओमसिंह शेखावत आदि ने बताया कि बिजली निगम यदि पर्याप्त बिजली बिना ट्रिपिंग व पूरी सप्लाई के साथ दे तो कम से कम पशुओं के लिए चारे का तो इंतजाम करें।

अरदास : वर्षा के लिए गांव गांव रामधुनी का हो रहा आयोजन

मंमाणा |
क्षेत्र में पिछले एक पखवाडे़ से भी ज्यादा समय से बरसात न होने से ग्वार, बाजरा, मूंग, तिल, चवला की फसलें जलने के कगार पर हैं। यदि एक दो रोज में बरसात नहीं आती है तो फसलों को भारी नुकसान होगा। श्रावण मास के दस रोज गुजर जाने के बाद भी एक बूंद बरसात की भी नहीं गिरी। श्रावण मास सूखा जाने से किसानों के चेहरे पर चिन्ता की लकीरें साफ नजर आ रही हैं। वर्षा की कामना को लेकर चौक वाले बालाजी के मंदिर में अखंड रामधुनी का आयोजन किया जा रहा है। इसके अलावा गांव गांव देवी देवता की पूजन भी की जा रही है। कई प्रकार के पुरानी परिपाटियों के अनुसार इन्द्र को रिझाने के लिए कई प्रकार के टोटके भी इन दिनों गांवों में किए जा रहे हैं।

फव्वारों से की जा रही सिंचाई

जोबनेर : कालख बांध-माच्छरानी तालाब में पानी की आवक नहीं होने से सूखे

जोबनेर | सावन से पहले थोड़ी बहुत हुई बारिश से मौसम तो खुशनुमा हो गया था, लेकिन उसके बाद बारिश बिल्कुल गायब हो गई। सावन की शुरुआत सूखी रही, लेकिन तीन दिन बाद मंगलवार को फव्वारों ने मौसम खुशनुमा बना दिया तथा सावन माह होने का अहसास हुआ। क्षेत्र में पिछली बार सावन में अच्छी बारिश हुई थी। इस बार बारिश नहीं होने से लोग मायूस हैं। वहीं कालख बांध, माच्छरानी तालाब में पानी की आवक नहीं होने से सूखे ही पडे़ हैं। दिनभर बारीश होने का मौसम बना रहा तथा गर्मी से राहत मिली। लोगों ने बताया कि बरसात नहीं हुई तो फसलें जल जाएंगी।

चाकसू में काफी इन्तजार के बाद हल्की बरसात

चाकसू. कई दिनों के इन्तजार के बाद मंगलवार शाम हल्की बरसात शुरु होने से किसानों के चेहरे खिल उठे। बरसात के अभाव में बाजरा, ज्वार, मूंगफली, तिल,ग्वार, मूंग, उड़द की फसले सूखने लगी थी। मंगलवार सवेरे से ही आसमान में घने बादल छाए हुए थे। उमस के कारण लोगों को काफी परेशानी हो रही थी। बरसात होने से लोगों को गर्मी से भी राह त मिली।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Jobner

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×