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रंजिशन दो नाबालिग को 10 हजार रुपए में दी थी शॉप जलाने की सुपारी

मधुबन में गारमेंट शॉप जलाने वाले 2 नाबालिग पकड़े

Danik Bhaskar | Dec 09, 2017, 06:11 AM IST

जोधपुर. पुरानी लकड़ियां खरीदने व बेचने का कारोबार करने वाले कबाड़ी ने एकतरफा रंजिश के चलते दो नाबालिगों को 10 हजार रुपए में रेडिमेड गारमेंट शॉप में आग लगाने की सुपारी दी थी। मधुबन हाउसिंग बोर्ड इलाके में रविवार देर रात बंद शॉप में शटर के नीचे से पिचकारी से पेट्रोल उड़ेल आग लगाने के इस मामले में बासनी पुलिस ने दो नाबालिग लड़कों को पकड़ा है। इनमें से एक के खिलाफ तो मोबाइल व पर्स लूट के करीब आधा दर्जन मामले दर्ज हो रखे हैं। पुलिस दोनों से पूछताछ कर अब इस वारदात के मास्टर माइंड कबाड़ी की तलाश कर रही है।


डीसीपी (वेस्ट) समीर कुमार सिंह ने बताया, कि मधुबन हाउसिंग बोर्ड निवासी ओमप्रकाश वैष्णव पुत्र पन्नालाल के घर के ग्राउंड फ्लोर पर रेडिमेड गारमेंट शॉप है। रविवार देर रात इस शोरूम में दो लड़कों ने शटर के नीचे से पिचकारी से पेट्रोल उड़ेलकर आग लगा दी और भाग गए। आग से शोरूम में करीब पांच लाख रुपए से ज्यादा के नुकसान की आशंका है। यह पूरी घटना शॉप के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई।

इस संगीन वारदात को अंजाम देने वाले बदमाशों को पकड़ने के लिए बासनी थानाधिकारी राजेश यादव की अगुवाई में विशेष टीम गठित की गई। इसमें एसआई देवाराम, एएसआई जगदीश सिंह, हैड कांस्टेबल तेजाराम, रुगनाथराम, श्रीराम, कांस्टेबल नरसिंहराम, दलाराम, मजीद खां व राजूराम को शामिल किया गया। पांच दिन की मशक्कत के बाद आखिरकार पुलिस टीम ने प्रताप नगर थाना क्षेत्र से दो किशोरों को संरक्षण में लिया। पूछताछ में दोनों ने यह वारदात करना स्वीकार किया।

इसी में सामने आया कि परिवादी ओमप्रकाश वैष्णव के इस शोरूम में आग लगाने के लिए चांदणा भाखर ज्योति नगर निवासी कबाड़ी सलीम ने 10 हजार रुपए देने का वादा किया था। सलीम ने दोनों को वारदात से पहले 5 हजार रुपए दिए, शेष पांच हजार बाद में देना तय किया। पुलिस टीम ने दोनों लड़कों से वारदात में प्रयुक्त बाइक, पेट्रोल छिड़कने के काम में ली गई पिचकारी भी बरामद की है।

परिवादी के गांव का ही रहने वाला है मास्टरमाइंड पहले भी धमका चुका है
पुलिस सूत्रों के अनुसार, सलीम कबाड़ी परिवादी के गांव भटिंडा का ही रहने वाला है। इसी जान-पहचान की वजह से परिवादी के किराएदार ने सलीम को पुरानी लकड़ियां बेची थी। बाद में पता चला, कि ये लकड़ी गुजरात से चोरी की हुई थीं। वहां की पुलिस ने चोरी के आरोप में बालेसर और शेरगढ़ निवासी दो जनों को पकड़ा था, साथ ही सलीम के यहां रखी लकड़ियां भी जब्त कर ली थी। इसी के चलते सलीम परिवादी से रंजिश पाले बैठा था, जबकि किराएदार और सलीम के बीच हुए सौदे में परिवादी की कोई प्रत्यक्ष भूमिका भी नहीं थी। सलीम ने परिवादी के खिलाफ पूर्व में एक झूठा मुकदमा भी दर्ज कराया था, लेकिन उसमें भी जांच के बाद एफआर लग गई। इसके बाद सलीम ने कई बार खुद व गुंडों को भेजकर परिवादी को धमकाया भी था।