Hindi News »Rajasthan »Jodhpur »News» Airport Apron Work Lasts For Six Months

बजरी पर रोक के कारण एयरपोर्ट एप्रिन का काम छह माह लेट, नई फ्लाइट्स भी देरी से मिलेंगी

बीते ढाई माह से बजरी नहीं मिलने से एप्रिन बनाने का अटका, केंद्र सरकार से विशेष अनुमति का इंतजार

Bhaskar News | Last Modified - Feb 02, 2018, 06:11 AM IST

बजरी पर रोक के कारण एयरपोर्ट एप्रिन का काम छह माह लेट, नई फ्लाइट्स भी देरी से मिलेंगी

जोधपुर. जोधपुर सिविल एयरपोर्ट का विस्तार काम बजरी की सप्लाई बंद होने के कारण अटक गया है। गत 16 नवबंर को बजरी के खनन पर रोक लगने के बाद से 4 नए एप्रिन, यानी विमानों की पार्किंग बनाने मुख्य काम रुक गया है। अब तक सिर्फ एप्रिन बनाने के लिए पांच फीट खुदाई व बेस बनाने का काम ही पूरा हो पाया है, जबकि सीमेंट का एप्रिन बनाने के लिए बजरी की जरूरत है। ऐसे में एयरपोर्ट विस्तार के पहले चरण का काम छह माह तक लेट होने की संभावना है। इसका असर यह होगा कि गर्मी की सीजन में जोधपुर को नई फ्लाइट्स नहीं मिलेंगी। अब अक्टूबर के पहले सप्ताह में टूरिस्ट सीजन शुरू होने के बाद ही नई फ्लाइट्स मिल पाएंगी।

गौरतलब है कि सरकारी संस्थानों को बजरी के लिए केंद्र सरकार से विशेष अनुमति का लंबे समय से इंतजार करना पड़ रहा है। जोधपुर एयरपोर्ट निदेशक जीके खरे का कहना है कि बजरी नहीं मिलने के कारण एयरपोर्ट विस्तार का काम प्रभावित हो रहा है। पहले चरण का काम छह माह से ज्यादा लेट होने की संभावना है।

टैक्सी-वे का आधा काम ही हुआ

विस्तार के लिए 16 अक्टूबर को एयरफोर्स की जमीन पर 800 मी. लंबे टैक्सी-वे का काम शुरू हुआ था। यह काम आधा ही हो पाया है। इसके दिसंबर में पूरा होने की उम्मीद थी, लेकिन अब बजरी नहीं मिलने से यह काम भी लेट होगा।

इसलिए जरूरी एप्रिन का काम

- अभी जोधपुर एयरपोर्ट से रोजाना संचालित फ्लाइट्स की संख्या 26 हो जाएगी। इनमें 16 शिड्यूल और 10 नॉन शिड्यूल फ्लाइट शामिल हैं।
- टूरिस्ट सीजन के बाद स्पाइस जेट की जयपुर, सूरत व दिल्ली की छह फ्लाइट बंद होंगी, इसके बाद रोजाना 20 फ्लाइट ही रहेंगी।
- जोधपुर सेक्टर को 408 सीटों का नुकसान होगा, विभिन्न फ्लाइट्स में कुल सीटों की संख्या 1825 से घटकर 1417 रह जाएगी।
- 3 फ्लाइट बंद हो रही हैं, उनकी जगह इंदौर सहित नए रूट पर प्रस्ताव है। एप्रिन बनने के बाद, फ्लाइट शुरू होने की उम्मीद थी।
- मौजूदा तीन पार्किंग के साथ चार और विमानों की पार्किंग मिलने से एक साथ सात विमान ऑपरेट होने की उम्मीद थी। अब बड़े विमान पार्क होने और रात में ऑपरेशन की संभावना 6-7 माह तक संभव नहीं।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From News

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×