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12 साल बाद पवित्र जल से स्नान, रात 3 बजे कतार में लगे लाखों श्रद्धालु

अर्द्ध कुंभ सुईंया पोषण मेला आज: गड योग में अनूठा संयोग, 9 डिग्री पारा और स्नान के लिए नलों पर लगी कतारें

Dainik Bhaskar

Dec 18, 2017, 07:35 AM IST
ardh kumbh Sooenya poshan mela ablution

चौहटन/बाड़मेर. अर्द्ध कुंभ सुईंया मेला सोमवार को भरा जाएगा। मेले का पवित्र स्नान पौष मास, सोमवार, अमावस्या, मूल नक्षत्र के गड योग में सुबह 6 बजे शुरू होगा तथा दोपहर 12 बजे तक चलेगा। इस दौरान लाखों श्रद्धालु पवित्र स्नान करेंगे। विशेष योग पर ही सुईंया पोषण मेले का आयोजन हो रहा है। 12 साल के लंबे इंतजार के बाद इस संयोग में 6 घंटे तक स्नान का योग है। रविवार को ही हजारों की संख्या में श्रद्धालु चौहटन पहुंच गए।

इसको लेकर प्रशासन और पुलिस ने लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावनाओं को देखते हुए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है। डूंगरपुरी मठ के महंत जगदीशपुरी के सानिध्य में मेला कमेटी व प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं। किसी तरह की भगदड़ नहीं हो इसके लिए अलग-अलग जगहों पर 300 नल लगाए गए हैं, जहां श्रद्धालु स्नान कर सकेंगे।


मेले में पहुंचे लोगों के ठहरने की विभिन्न समाजों के नोहरों में व्यवस्था की गई है। राजपूत समाज, जाट समाज, रावणा राजपूत समाज, माहेश्वरी, सोनी, सुथार, भील, खत्री समाज सहित विभिन्न समाजों की धर्मशालाएं व नोहरों में अपने अपने समाज के लोगों के ठहरने की व्यवस्था की गई है। इनमें आवास के साथ स्नान व भोजन की व्यवस्था रहेगी।


सुईंया मेले को लेकर 5 किमी. इलाके को सील कर दिया गया। सुरक्षा के माकूल बंदाेबस्त करने के साथ श्रद्धालुओं के ठहरने की पुख्ता व्यवस्था की गई है। मेला स्थल से 5 किमी. पहले ही ट्रैफिक को रोक दिया जाएगा। इसके लिए 5 एसडीएम, 10 डीएसपी, 25 इंस्पेक्टर समेत कुल 1300 पुलिसकर्मी लगाए गए हैं।

मेले से पहले पहुंचे हजारों श्रद्धालु, दिनभर रेलमपेल

सुईंया मेले में रविवार सुबह से ही साधु संत महात्मा सहित श्रद्धालुओं के पहुंचने का दौर शुरू होगा। साधु संतों में परेऊ मठ महंत ओंकार भारती, लीलसर मठ महंत मोटनाथ, बाड़मेर मठ से खुशाल गिरी, हमीरपुरा मठ के नारायणपुरी महाराज, परालिया मठ के गणेशपुरी, ढाढणिया मठ के लिखमपुरी, खारची मठ भवानीगिरी, उमरलाई से महंत रामाचंद, मोहनगढ़ से निरंजन भारती सहित कई संत मेला स्थल पर पहुंचे।


एक श्रद्धालु की मौत

सुईंया मेले में भजन संध्या में नाचते हुए एक श्रद्धालु की अचानक नीचे गिरने से मौत हो गई। नागजीराम पुत्र लक्ष्मणराम जाति कलबी निवासी सांचोर भजनों पर नाच रहा था।

आकर्षक रही रोशनी की सजावट

मेला मैदान, सुईंया कपालेश्वर, विष्णु पगलिया, डूंगरपुरी मठ सहित विभिन्न मंदिरों को आकर्षक रोशनी से सजाया गया। लाेग रात दो बजे भी मंदिरों की सीढिय़ों व मठ परिसर में आयोजित जागरण में आवाजाही करते रहे। पूरी रात श्रद्धालुओंं की आवाजाही लगी रही। रात 2 बजे तक पहुंचे डेढ़ से दो लाख श्रद्धालु पहुंच गए।


स्नान के लिए लगनी शुरू हुई कतारें

अधिकारी ने बताया कि लोगों की तादाद को देखते हुए अब तक करीब डेढ़ से दो लाख तक श्रद्धालु पहुंच गए है। स्नान करने को लेकर उत्साह इतना था कि रात दो बजे ही नलों पर श्रद्धालुओ की कतारें शुरू हो गई।

आज सुबह 6 बजे से पवित्र स्नान, यहां है नलों की व्यवस्था
सुईंया मेले का पवित्र स्नान सोमवार सुबह छह बजे से शुरू होगा। हालांकि योग सुबह तीन से चार बजे के बीच भी है लेकिन व्यवस्थाओं को ध्यान में रखते हुए उसके बाद आने वाले 6 से 12 बजे तक के योग में पवित्र स्नान का प्रचार किया गया है। ताकि व्यवस्थाएं बनी रहे। सुबह योग के दौरान सुईंया, कपालेश्वर, विष्णु पगलिया व धर्मराज की बेरी से पानी लाकर पानी की टंकियों में मिलाया जाएगा। इसके बाद तुरी की नाद से स्नान का आगाज किया जाएगा। इसके बाद स्नान शुरू होगा। कस्बे में विभिन्न जगहों पर लगाए गए तीन सौ से अधिक नलों से लोग स्नान करेंगे।

मेले में आए तो यहां के भी दर्शन जरूर करें

- धर्मराज मंदिर इंद्रभाण बेरी पवित्र जल: पुराने जमाने में इस बेरी से आसपास के 50 किमी. तक के इलाके के लोग पानी पीते थे। इस बेरी के जल को पवित्र बेरी माना जाता है।

- सुईया महादेव व कपालेश्वर मंदिर का झरना: इस मंदिर के झरने की खासियस यह है कि 1000 साल से यह झरना सदैव बहता रहता है। अकाल हो या सुकाल इस झरने में कभी पानी खत्म नहीं हुआ।
- विष्णु पगलिया मंदिर व झरना: भगवान विष्णु ने राक्षस भष्मासुर को मारा था। इस स्थान विष्णु पगलिया के नाम से पहचाना जाता है।


सरगा सैरी (अंधेरी कोठी)

- मान्यता है कि जिसके संतान नहीं है, उसे इस कोठी के अंदर से निकलने पर संतान प्राप्ति का सुख प्राप्त होता है। इसके अलावा गुफा में निकलने से पाप-पुण्य की परीक्षा होती है।

चौहटन के सुईंया मेले में ये भी खास है

400 दुकानों का हाट बाजार: खिलौने से लेकर कपड़ों सहित करीब 400 दुकानों का हाट बाजार सजा हुआ है, जहां खरीददारी का आंनद ले सकते है।
7 झूले, सर्कस: सुईंया मेले में जोईंट बिल, बैक डांस, नाव, डोरा डोरा, बच्चों के झूले, कोस विल, ट्रीरेस्टर सहित 7 तरह के झूले लगाए गए है। सर्कष, मौत का कुआ है।
300 नल: 4 किमी. के इलाके में 300 नल लगाए गए है, जहां पवित्र जल का स्नान कर सकेंगे।

आपतकाल में इन नंबरों पर फोन करें

मेले में आने वाले श्रद्धालु किसी मुसीबत में है या कोई घटना है तो तत्काल कंट्रोल रूम में सूचना दें। इसके लिए तहसील कंट्रोल रूम 02989-286130, भूपेंद्र यादव 9785969218, सुरेंद्र कुमावत डीएसपी चौहटन 8414088050, सुरेंद्र प्रजापत थानाधिकारी 8890062838, एएसपी रामेश्वरलाल 9414373801 नंबर पर कॉल करें।

यहां से लगाएं सुईंया की छाप

मेले के दौरान पवित्र स्नान के बाद सुईंया मेले की छाप लगाई जाती है। छाप लगाने के लिए बाध्यता किसी को नहीं है, लेकिन यह मेले की प्रतीक है। रविवार से ही मठ की तलहटी में सीढिय़ों के पास छाप लगानी शुरू कर दी गई है। इसके अलावा धर्मराज के मंदिर के पास व मठ के पीछे जाळ के पास छाप लगाने की व्यवस्था की गई है।

हर 10 मिनट में मिलेगी बसें

जिला मुख्यालय से सुईंया धाम पहुंचने के लिए रोडवेज ने बाड़मेर से 100 बसों की व्यवस्था की है। बाड़मेर के अंबेडकर सर्किल, सिणधरी चौराहा से हर 10 मिनट में रोडवेज बसें रवाना होगी। धोरीमन्ना, बालोतरा, सिणधरी, गुड़ामालानी, सेड़वा, शिव, बायतु सहित कई इलाकों से बस की व्यवस्था रहेगी। मेले में वाहनों को कस्बे के बाहर पार्किंग स्थल बनाने के कारण श्रद्धालुओं को 3 किमी तक पैदल सफर तय करना पड़ रहा है।

- सुबह 6 बजे शुरू होगा तथा दोपहर 12 बजे तक चलेगा

- 12 साल के लंबे इंतजार के बाद इस संयोग में 6 घंटे तक स्नान का योग

- 4 किमी. क्षेत्र में 300 नल श्रद्धालुओं के स्नान करने के लिए लगाए

- 5 किमी. एरिया सील, 1300 पुलिसकर्मी, एसडीएम व डीएसपी को मेले की जिम्मेदारी

- 400 दुकानों का हाट बाजार सुईंया मेले में सजा हुआ

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