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35 साल से किसी ने नहीं करवाया मंदिर कंस्ट्रक्शन, डर है कहीं ट्रांसफर न हो जाए

जिस भी थानाधिकारी ने निर्माण करवाया उसका यहां से ट्रांसफर हो गया

Dainik Bhaskar

Jan 28, 2018, 01:23 AM IST
जर्जर हाल में अधूरा मंदिर। जर्जर हाल में अधूरा मंदिर।

शेरगढ़/जोधपुर. बात 1982 की है। तब जोधपुर जिले के शेरगढ़ थाने में कपूराराम मेघवाल थानाधिकारी थे। उनकी तीन बेटियां थीं। बेटे की चाह में ज्योतिष की सलाह पर उन्होंने थाने में लोकदेवता बाबा रामदेव के मंदिर का निर्माण शुरू करवाया, लेकिन कुछ दिन बाद ही उनका ट्रांसफर जोधपुर हो गया। तब से आज 35 साल हो गए अधूरा निर्माण जस का तस पड़ा है।

- इतने वर्षों में 31 थानाधिकारी आए-गए, लेकिन किसी ने भी मंदिर पूरा नहीं बनवाया, क्योंकि पुलिस वालों में मान्यता है कि मंदिर का मुख्य द्वार गलत दिशा में है। इस कारण जो भी थानाधिकारी निर्माण शुरू करवाएगा, उसका तबादला हो जाएगा। इस अंधविश्वास के फेर में आज मंदिर चारों तरफ से बबूल की झाड़ियों से घिर चुका है। अंदर चमगादड़ों की भरमार है और दीवारों पर दरारें पड़ गई हैं।

- ग्रामीण इसे पूरा बनवाना चाहते हैं, लेकिन पुलिस प्रशासन की ओर से उन्हें मदद नहीं मिल रही। थानाधिकारियों द्वारा मंदिर का काम शुरू करवाने की कोशिश करते ही उनके ट्रांसफर के कई किस्से भी यहां प्रचलित हैं।

- 2009 से 2010 तक यहां सीआई रहे वीरेंद्र सिंह बताते है कि मेरी तैनाती के दौरान मंदिर में मूर्ति स्थापित नहीं थी। मैंने साफ-सफाई के साथ आसपास तारबंदी करवाई। फिर मंदिर का निर्माण पूरा करवाने का भी सोचा, लेकिन इतने में ही मेरा पोकरण ट्रांसफर हो गया।

- वहीं, हाल में पाली के पदस्थापित बंशीलाल रामावत ने बताया कि मैं पहले 2006 और बाद में जनवरी 2013 से जून 2013 तक शेरगढ़ में थानाधिकारी रहा।

- स्टाफ का सहयोग नहीं मिलने के कारण मंदिर नहीं बनवा पाया। दूसरी बार फिर जब तैनाती हुई तो कोशिश भी की, लेकिन फिर तबादला हो गया।

baba ramdev temple Construction does not make fear of transfer
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जर्जर हाल में अधूरा मंदिर।जर्जर हाल में अधूरा मंदिर।
baba ramdev temple Construction does not make fear of transfer
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