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चेन्नई पुलिस टीम पर हमला: साथी इंस्पेक्टर की पिस्टल से लगी थी गोली

Bhaskar News | Last Modified - Dec 14, 2017, 06:11 AM IST

जैतारण में चेन्नई पुलिस टीम पर हमला, 4 पुलिसकर्मी भागे
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    बदमाशों की गोली से मारे गए इंस्पेक्टर पेरिया पंडियन। वे लूट के आरोपियों को पकड़ने के लिए राजस्थान आए थे। यहां मुठभेड़ में बदमाशों ने उन्हें गोली मार दी।

    जोधपुर/पाली. चेन्नई स्थित महालक्ष्मी ज्वैलर्स के यहां पिछले माह हुई चोरी के आरोपी नाथुराम को पकड़ने आई वहां की पुलिस टीम पर जैतारण के पास करोलिया गांव में मंगलवार देर रात हमला हो गया। इसमें मदुरावोयल थाने के इंस्पेक्टर पेरियापांडीयन की गोली लगने से मौत हो गई। चेन्नई पुलिस की रिपोर्ट के मुताबिक रात करीब ढाई बजे जब उन्होंने आरोपी को पकड़ने के लिए चूने के भट्‌टे पर दबिश दी थी, तब वहां मौजूद औरतों-बच्चों व आरोपी ने उन पर हमला कर दिया। इस दौरान इंस्पेक्टर की सर्विस पिस्टल गिर गई, उससे आरोपी ने फायर किया और गोली इंस्पेक्टर पेरियापांडीयन के आर-पार हो गई। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर हमले में शामिल आरोपियों को हिरासत में ले लिया, हालांकि जिसे पकड़ने आए थे वह फरार होने में कामयाब रहा। भास्कर ने पैरेलल इन्वेस्टिगेशन करते हुए घटनास्थल से सबूत जुटाए और हालात देखे जिसके अनुसार घटनाक्रम चौंकाने वाला था।

    न तो पिस्टल गिरी और न ही पिस्टल छीनी गई

    - पेरियापांडीयन की जान लेने वाली गोली तो साथी इंस्पेक्टर मुनीशेखर की पिस्टल से निकली थी।

    - बहरहाल, जैतारण पुलिस मामले की जांच कर रही है और चेन्नई पुलिस के जॉइंट कमिश्नर संतोष कुमार राजस्थान के लिए रवाना हो गए हैं।

    - इधर एमडीएमएच में शव का पोस्टमार्टम करवाया गया, गुरुवार को फ्लाइट से चेन्नई ले जाया जाएगा।

    - उधर, चेन्नई पुलिस कमिश्नर एके विश्वनाथन इंस्पेक्टर पेरियापांडीयन के घर पहुंचे और मौत के जिम्मेदारों को सख्त सजा दिलाने का भरोसा दिलाया।

    #चेन्नई पुलिस की एफआईआर साथी इंस्पेक्टर को बचाने व शहीद का दर्जा दिलाने की कहानी

    क्यों-कैसे? सेठ के इशारे पर चले

    - चेन्नई पुलिस के दो इंस्पेक्टर समेत 5 जनों की टीम महालक्ष्मी ज्वैलर्स के मालिक सुरेश जैन को साथ लेकर आई थी। कुछ दिन पहले 4 आरोपियों को पाली पुलिस ने पकड़ उन्हें सौंपा था, जिन्हें चेन्नई भेजा जा चुका था।

    - मंगलवार शाम को ही यह टीम पाली एसपी दीपक भार्गव से मिली थी, उन्होंने कहा भी था कि शेष आरोपी भी पकड़वा देंगे।

    - नाथुराम की लोकेशन भी निकाल कर दे दी, बुधवार अलसुबह दबिश की बात भी हुई, लेकिन सेठ को जल्दबाजी थी। इसलिए टीम उसके कहने पर चली और रात 2:30 बजे ही तेजाराम जाट के चूना भट्टा पर पहुंच गए। दरवाजा खटखटाया तो नाथुराम समझ गया कि पुलिस है, वह लाठी लेकर ही सोता था। उसने दरवाजा खोलते ही इंस्पेक्टर के सिर पर लाठी मार दी। घर में से महिलाओं व बच्चों ने भी हमला कर दिया। टीम बाहर भागी, परंतु इंस्पेक्टर पेरियापांडीयन घिर गए। अचानक गोली चली, पेरियापांडीयन गिर पड़े और उनकी मौत हो गई। यह गोली दूसरे इंस्पेक्टर की पिस्टल से निकली थी, हमला करने वालों ने नहीं चलाई थी।

    सबूत क्या? सिर्फ 1 गोली चली, जिसका खोल घर के बाहर मिला था

    1. नाथुराम साथियों के पकड़े जाने पर यहां छुपा था, वह अलर्ट था। इसलिए उसने लाठी से हमला किया और भाग गया। वह क्यों रुकता? घरवालों ने पुलिस को घेरा ताकि वह भाग सके।

    2. यह गोली रिवाॅल्वर की नहीं थी, पिस्टल की थी। जिससे गोली चलाने के लिए कोक करना पड़ता है, सीधे ट्रिगर दबाने से नहीं चलती है। नाथुराम ने कभी पिस्टल नहीं चलाई होगी, क्योंकि वह हथियार चलाना जानता तो हथियार रखता, लाठी लेकर नहीं सोता।

    3. एफएसएल की टीम ने मौका देखा, पिस्टल पर से फिंगर प्रिंट भी लिए। पोस्टमार्टम के दौरान बॉडी को देखा तो गोली का निशान (नेचर ऑफ मार्क्स) भी ऐसा नहीं था कि गोली सटा कर चली हो, वह भी दूरी से मारी लगती है।

    4. सबसे अहम बात जो उक्त घटना को सही ठहराती है, वह है गोली का खोल घर के बाहर दीवार के पार मिलना। गुत्थमगुत्था भीतर हुए थे और पिस्टल वहीं गिरी या छीनी गई थी, तो गोली भी वहीं से चलती और उसका खोल चारदीवारी के बाहर नहीं मिलता।

    5. टीम के 5 लोगों को हिंदी बिल्कुल ही नहीं आती है, अंग्रेजी भी कोई नहीं जानता था। यानी कम्युनिकेट करना नहीं आता था, ऐसे में घरवाले रात में बदमाश भी समझ सकते हैं।

    होगा क्या? 302 में चार्जशीट मुश्किल

    चेन्नई पुलिस की रिपोर्ट पर जैतारण में राजकार्य में बाधा, पुलिस पर हमला और हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ है। मर्डर की धारा 302 टिकने वाली नहीं है, क्योंकि आरोपी के हाथ से गोली चलने के सबूत नहीं है। आखिरकार यह एक्सीडेंटल माना जा सकता है और दुर्घटनावश गोली चलने से मौत होना मानते हुए 304-ए में चालान हो सकता है। इसमें साथी इंस्पेक्टर को आरोपी बनाया जा सकता है।

    पुलिस की पिस्टल से निकली गोली का खोल घर के बाहर मिला है। किसने, कैसे व कितनी दूर से मारी या एक्सीडेंटल लगी, यह जांच में सामने आएगा।

    - दीपक भार्गव, एसपी पाली

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    अचानक गोली चली, पेरियापांडीयन गिर पड़े और उनकी मौत हो गई।
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Web Title: Bhaskar Parallel Investigation In Chennai Police Inspector Death Case
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