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अब बिना कैश-डेबिट कार्ड भी होगी शॉपिंग, आधार बता थंब इंप्रेशन से हो जाएगा पेमेंट

भीम आधार बेस्ड पे स्कीम शुरू| एक बार में अधिकतम 2 हजार रुपए का कर सकेंगे भुगतान

Danik Bhaskar | Dec 18, 2017, 04:55 AM IST

जोधपुर. बाजार में आपके पास ना कैश है और ना ही डेबिट कार्ड, तो आप खरीदारी नहीं कर पाएंगे, लेकिन अब केंद्र सरकार ने आमजन को केशलैस की तरफ ले जाने के लिए कदम बढ़ाने शुरू कर दिए हैं। सरकार ने भीम आधार बेस्ड पे नाम से नई योजना शुरू की है, जो खास तौर पर छोटे व्यापारियों, सीमित खरीदारी करने वालों और ग्रामीण तबके के लोगों के लिए है। इसके तहत कैश और डेबिट कार्ड के बगैर आधार के जरिए एक बार में अधिकतम दो हजार रुपए का पेमेंट किया जा सकेगा।

- केंद्र सरकार की इस योजना में बैंकों की सहभागिता भी है। छोटे शॉप ऑनर और व्यापारी बैंक से ये डिवाइस खरीद कर सकते हैं।

- उन्हें बैंक जाकर एक रजिस्ट्रेशन फाॅर्म भरना होगा। यहां से उन्हें केओ कोड नंबर इश्यू हो जाएंगे। इसके बाद वे ग्राहकों के आधार नंबर और थंब इंप्रेशन ले कर उनके नाम पेमेंट डेबिट करवा सकेंगे।

- यह पेमेंट सीधे व्यापारी के खाते में क्रेडिट हो जाएगा। इसके लिए ग्राहक से पिन लेने की जरूरत भी नहीं पड़ेगी, 0.25 प्रतिशत कमीशन भी मिलेगा।


शुरुआत में सरकारी संस्थाओं को फ्री में डिवाइस
सरकार की ओर से बैंकों को यह डिवाइस उपलब्ध करवा दिए गए हैं। सरकारी संस्थाओं जैसे स्कूल, कॉलेज और अस्पतालों को यह डिवाइस फ्री में उपलब्ध करवाए गए हैं। जोधपुर एम्स में भी डेढ़ दर्जन से अधिक डिवाइस दिए गए हैं, ताकि ग्रामीण इलाके से आने वाले मरीज आधार से लिंक करवा कर पेमेंट दे सकें।

सुरक्षित-सरल, व्यापारियों को बस एप लोड करना होगा

बैंक ऑफ बड़ौदा के रीजनल मैनेजर केसी पाठक ने बताया, कि व्यापारियों को भीम एप मोबाइल में अपलोड करना होगा। इसके बाद बैंक में जाकर रजिस्ट्रेशन करवा कर केओ कोड जनरेट करवा लें। इसका संचालन सरल है, ग्राहकों के लिए फायदा यह है कि आधार से लिंक होने के कारण पिन, नेट बैंकिंग पासवर्ड चोरी होने के चांस ना के बराबर है।


पिन, ओटीपी आदि पूछ होने वाली ठगी पर लगाम कसेगी
आईटी एक्सपर्ट देवेंद्र गहलोत के अनुसार ऑनलाइन, नेट बैंकिंग में कई तरह की ठगी होने लगी है। ठग बैंक अधिकारी बनकर पिन पूछ रहे हैं और खाते से पैसा डेबिट कर रहे हैं। यह सिस्टम उन पर लगाम कसेगा। ग्रामीण तबके के लोग, जो नेट बैंकिंग को सुरक्षित नहीं मानते और उपयोग नहीं करते, उनके उपयोग के लिए यह सरल और सुरक्षित सिस्टम है।

एम्स में सुविधा शुरू
एम्स के सुपरिंटेंडेंट डॉ. अरविंद सिन्हा ने बताया, कि बैंक ऑफ बड़ौदा की ओर से एम्स में कई मशीनें दी गई थीं, इनमें वर्तमान में 3 मशीन कार्यरत हैं। मरीज या उनके परिजन अपना आधार नंबर बता मशीन पर अंगूठा लगाकर पेमेंट कर सकेंगे। इससे उसके खाते से पैसे डेबिट हो जाएंगे।