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एम्स में बनेगी बोन प्रिपरेशन लैब, दान में आई देह स्टडी के लिए तैयार होगी

3.38 करोड़ रुपए की लागत से देश की तीसरी ऐसी लैब तैयार की जाएगी, स्टूडेंट्स की सुविधा के लिए शॉपिंग सेंटर भी बनेगा

Danik Bhaskar | Mar 13, 2018, 07:36 AM IST

जोधपुर. अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में जल्द ही करीब 3 करोड़ 38 लाख की लागत से बोन प्रिपरेशन लैब और शॉपिंग सेंटर बनेगा। लैब निर्माण का मुख्य उद्देश्य एम्स में होने वाले देहदान के बाद बॉडी को पढ़ाई के लिए केमिकल ट्रीटमेंट कर तैयार करना है। साथ ही यहां होने वाली कैडेवर (बॉडी) कॉन्फ्रेंस और वर्कशॉप के बाद आधी कटी बॉडी से बोन निकालने का काम किया जाएगा।

- जानकारी के अनुसार एम्स में स्थित मोर्चरी के पास खाली जगह पर इनके लिए नई बिल्डिंग बनेगी। बिल्डिंग के प्रथम तल पर बॉडी से बोन निकालकर उससे केमिकल ट्रीटमेंट किया जाएगा। इसमें एमबीबीएस कर रहे स्टूडेंट्स को मनुष्य की शारीरिक व किसी विशेष हड्डी की संरचना को समझने में आसानी होगी।

- लैब के ग्राउंड फ्लोर पर बॉडी रखने के लिए दो-तीन टैंक का निर्माण कराया जाएगा, एक टैंक की क्षमता 9 कैडेवर की होगी। वर्तमान में एम्स मेडिकल कॉलेज में 40-44 कैडेवर सुरक्षित रखने की व्यवस्था है। 3 बड़े टैंक व 2 सिंटेक्स के टैंक हैं। हर साल करीब 10 कैडेवर एमबीबीएस स्टूडेंट्स की स्टडी के साथ कॉन्फ्रेंस व वर्कशॉप में भी काम आती हैं।

- नई बिल्डिंग के प्रथम तल को कैडेवर कॉन्फ्रेंस और वर्कशॉप के लिए तैयार किया जा रहा है। ग्रांउड फ्लोर से प्रथम तल पर लिफ्ट लगेगी, ताकि कैडेवर को आसानी से प्रथम तल पर लाया जा सकेगा। बिल्डिंग में टीचिंग रूम में प्रोजेक्टर व स्क्रीन भी लगाई जाएंगी।

एम्स ने बोन निकालने की नई तकनीक का करवा रखा है पेटेंट

पहले मेडिकल कॉलेज में स्टूडेंट्स को बोन खरीद कर स्टूडेंट्स का ग्रुप बनाकर मेडिकल कॉलेज के एनाटोमी विभाग की लाइब्रेरी से बोन स्टडी के लिए दी जाती थी। कोर्ट के आदेश के बाद अब बाजार में बोन नहीं मिलती हैं और मेडिकल कॉलेज से भी पूरी बोन नहीं मिलती है। इसलिए एम्स जोधपुर ने सात दिन के अंदर कैडेवर से बोन निकालने की तकनीक का पेटेंट करवा रखा है। इसका फायदा नई बन रही बोन प्रिपरेशन लैब में होगा और बिना किसी रुकावट के एम्स स्टूडेंट्स को वहां कैडेवर से बोन निकाल कर दी जा सकेंगी। एम्स के स्टूडेंट्स और फैकल्टी के लिए एम्स में बने रेजिडेंसी एरिया में नए शॉपिंग सेंटर का निर्माण भी किया जाएगा, ताकि सभी तरह की सुविधाएं एम्स परिसर में ही मिल सकें और स्टूडेंट्स को बाहर नहीं जाना पड़े।

राजस्थान में पहली और देश की तीसरी लैब जोधपुर एम्स में
एनाटॉमी विभागाध्यक्ष डॉ. सुरजीत घटक ने बताया कि एम्स जोधपुर में बन रही यह लैब राजस्थान में सरकारी मेडिकल कॉलेज में अपने प्रकार की आधुनिक पहली लैब है। वहीं देश में यदि बात करें तो यह एम्स दिल्ली और किंग जॉज मेडिकल यूनिवर्सिटी(केजीएमयू) लखनऊ के बाद जोधपुर में बन रही है। इस प्रकार की एक लैब बेंगूलोर के निजी मेडिकल कॉलेज में है।