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दिल्ली से 48 ऊंट मंगवाने पर खर्च होंगे 20 लाख, मेले का बजट ही 30 लाख रुपए

डेजर्ट फेस्टिवल में बीएसएफ का एक ऊंट मंगवाने पर खर्च होंगे 45 हजार रुपए

Danik Bhaskar | Jan 16, 2018, 01:51 AM IST

जैसलमेर. इस बार मरु महोत्सव की शोभा यात्रा की शान कहे जाने वाले बीएसएफ के ऊंटों को जैसलमेर लाना महंगा साबित हो रहा है। इस बार 26 जनवरी और मरु महोत्सव में केवल तीन दिन का ही अंतराल है इसके चलते पर्यटन विभाग को दिल्ली से ऊंट लाने पड़ेंगे।

- गौरतलब है कि बीएसएफ के यही ऊंट 26 जनवरी के दिल्ली में आयोजित होने वाले कार्यक्रम का भी अभिन्न हिस्सा हैं।

- हर बार 26 जनवरी के 15 से 20 दिन बाद मरु महोत्सव का आयोजन होता है।

- इसके चलते जोधपुर तक ऊंट बीएसएफ द्वारा लाए जाते हैं और बाद में जोधपुर से इन्हें पर्यटन विभाग की ओर से जैसलमेर लाया जाता है, लेकिन इस बार सीधे ही दिल्ली से ऊंट लाने पड़ेंगे।

जोधपुर से खर्च आया था साढ़े छह लाख
- जानकारी के अनुसार, पिछले बार जोधपुर से बीएसएफ के ऊंटों को जैसलमेर मरु महोत्सव के लिए लाया गया था। उसका खर्च करीब साढ़े छह लाख रुपए आया था। ऐसे में इस बार दिल्ली से ऊंट मंगवाने पर करीब 20 लाख रुपए खर्च होने तय हैं।

- 26 जनवरी और मरु महोत्सव की तारीखें नजदीक होने के चलते पहले यह संशय था कि मरू महोत्सव में ऊंट शामिल नहीं होंगे, लेकिन अब पर्यटन विभाग ने दिल्ली से ऊंट मंगवाने के लिए टेंडर जारी कर दिए हैं।

उम्मीद इस बार शामिल होंगे बीएसएफ के ऊंट
- मरु महोत्सव के आगाज पर निकलने वाली शोभा यात्रा की शान है बीएसएफ के सजे धजे ऊंट। कुछ दिन पहले तक 26 जनवरी के कार्यक्रम की वजह से ऊंटों के मरु महोत्सव में शामिल होने पर संशय था।

- जानकारी के अनुसार पूर्व में भी एक बार ऐसा हो चुका है उस समय ऊंट मरु महोत्सव में शामिल नहीं हुए थे, लेकिन अब पर्यटन विभाग ने दिल्ली से ऊंट मंगवाने का प्रयास शुरू कर दिया है और 26 जनवरी की रात को वहां से ट्रकों में ऊंट रवाना हो जाएंगे।

शोभा यात्रा और कैमल टैटू शो में लेते हैं हिस्सा
- सजे धजे ऊंटों पर सवार बांके जवानों की कतार ही शोभा यात्रा की शोभा बढ़ाती है। शोभा यात्रा को देखने के लिए हजारों की संख्या में सैलानी मौजूद रहते हैं।

- इसके अलावा बीएसएफ के यही ऊंट केमल टैटू शो में रोमांचक करतब भी दिखाते हैं।

18 ट्रक, एक बस और एक इनोवा चाहिए
ऊंटों को लाने के लिए 18 ट्रकों की जरूरत रहेगी। जानकारी के अनुसार एक ट्रक में 3 तीन ऊंट लाए जाते हैं। 48 ऊंटों के लिए 16 ट्रक और दो ट्रक उनके सामान के लिए। इसके अलावा बीएसएफ के जवानों के लिए एक बस व एक इनोवा की जरूरत रहेगी। इसका अनुमानित खर्च 20 लाख हो सकता है।

इस बार दिल्ली से ऊंट लाए जाएंगे। टेंडर जारी किए हैं, कितना खर्च बैठेगा यह अभी तक तय नहीं है। उच्चाधिकारियों के निर्देशानुसार बीएसएफ से बात हो चुकी है और टेंडर जारी कर दिए हैं। मेले से पहले सभी व्यवस्थाएं होगी।
- भानुप्रताप, सहायक निदेशक, पर्यटन