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महाराष्ट्र की घटना के विरोध में दलित संगठनों का बंद, रहा मिलाजुला असर

पर्याप्त पुलिस बल नहीं होने पर युवकों ने जमकर हंगामा किया।

Danik Bhaskar | Jan 09, 2018, 06:46 AM IST

जोधपुर. भीमा कोरेगांव दलित अत्याचार संघर्ष समिति के बैनर सोमवार को आयोजित जोधपुर बंद का मिलाजुला असर रहा। कुछ जगह बंद समर्थकों ने दुकानें बंद करवाईं, वहीं शहर के मुख्य मार्गों पर करीब चार घंटे तक बाजार बंद रहे। महावीर कॉम्पलेक्स के बाहर एक सिटी बस के कांच फोड़ दिए गए, तो एक संगठन की शोभायात्रा के लिए बनाया गया स्वागत द्वार तोड़ दिया गया। इस दौरान कुछ बुजुर्गों के चोट भी आई।

- इस संबंध में सरदारपुरा थाने में आरोपियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की गई। बंद समर्थकों ने जालोरी गेट पर टायर जलाए व पुतला दहन किया।

- यहां से कलेक्ट्रेट तक वाहन रैली निकाल विरोध जताया। इसके बाद कलेक्ट्रेट के बाहर सभा आयोजित की। बंद के दौरान स्थितियों से निपटने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने ना तो कोई प्लानिंग की और ना ही किसी तरह की सूचनाएं प्रसारित की। इससे लोग परेशान होते रहे।

- समिति के बैनर तले हाथों में आसमानी रंग के झंडे थामे कई युवक सोमवार को सुबह साढ़े आठ बजे जालोरी गेट पहुंचे और यहां दुकानें बंद करवाई। कुछ युवकों ने यहां से फूलमाला बेचने वाले की मालाएं ले गए।

- इसके बाद सरदारपुरा एरिया में गए, जहां दुकानों के बाहर लगे बैनर और होर्डिंग्स उखाड़ने के साथ उन पर लगी डंडिया भी अपने साथ ले गए।

- यहां से महावीर कॉम्पलेक्स पहुंचे तो तारघर के आसपास की दुकानें बंद करवाते हुए एक सिटी बस के कांच फोड़ दिए। वापसी में शनिश्चरजी का थान पर एक स्वागत द्वार तोड़ दिया। इससे यहां पर दो पक्षों के आमने-सामने की स्थिति पैदा हो गई। हालांकि मौके पर मौजूद पुलिस ने दोनों पक्षों को शांत कराया।

- इसके बाद एक पक्ष ने दूसरे पक्ष के खिलाफ सरदारपुरा थाने में शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की।

- इधर, बंद समर्थक जालोरी गेट पहुंचे, यहां से वाहन रैली के रूप में नई सड़क पहुंच दुकानें बंद करवाई और नारेबाजी की। यहां से रैली कलेक्ट्रेट पहुंच सभा के रूप में विसर्जित हो गई।

हुड़दंग के बाद पहुंची पुलिस
समिति की ओर से जोधपुर बंद का समय सुबह नौ से दोपहर दो बजे तक का था, लेकिन बंद समर्थक निर्धारित समय से आधा घंटे पहले सुबह साढ़े आठ बजे जालोरी गेट पहुंचे और हंगामा करने लगे। इस दौरान पर्याप्त पुलिस बल नहीं होने पर युवकों ने जमकर हंगामा किया। करीब साढ़े नौ बजे पुलिस फोर्स पहुंची, तब तक यहां से बंद समर्थक पुतला दहन करके निकल गए।

दोनों रैलियों को किया डाइवर्ट

बंद के दौरान बंद समर्थकों ने जालोरी गेट चौराहे पर जाम लगा रखा था, लेकिन करीब दोपहर पौने बारह बजे रामावत वैष्णव समाज के धर्मगुरु रामानंदाचार्य की जयंती पर ओलिंपिक से जालोरी गेट वाया शनिश्चरजी का थान होते हुए शोभायात्रा आनी थी। ऐसे में पुलिस प्रशासन ने बंद समर्थकों को नई सड़क की तरफ डाइवर्ट करके वैष्णव समाज की शोभायात्रा को जालोरी गेट से निकाल कानून-व्यवस्था को कायम रखने में सफलता हासिल की।

सूरसागर में हंगामा
बंद समर्थकों ने एक माह पूर्व दो पक्षों में विवाद वाले स्थान पर जाकर नारेबाजी कर हंगामा किया और दुकानें बंद करवाने की कोशिश। इस पर वहां पुलिस ने सड़क पर डंडे फटकार कर उन्हें खदेड़ा और दो बाइक के चालान भी किए।