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50 Km लंबी पाइप लाइन में बह प्लांट तक पहुंचा शव, आज 119 गांवों में नहीं आएगा पानी

इंद्रोका में हौद के गेट व जाली के बीच से शव के पाइप लाइन में बहने की आशंका...

Dainik Bhaskar

Dec 28, 2017, 04:27 AM IST
डेड बॉडी पिलरनुमा पाइप लाइन के वेंटिलेटर्स में अटका हुआ है।  दोनों पैर व एक हाथ अलग-अलग वेंटिलेटर में फंसे हुए हैं। इसके अलावा दांतीवाड़ा फिल्टर प्लांट की तस्वीर। साथ ही देर रात शुरू हुई बॉडी निकालने की कवायद। डेड बॉडी पिलरनुमा पाइप लाइन के वेंटिलेटर्स में अटका हुआ है। दोनों पैर व एक हाथ अलग-अलग वेंटिलेटर में फंसे हुए हैं। इसके अलावा दांतीवाड़ा फिल्टर प्लांट की तस्वीर। साथ ही देर रात शुरू हुई बॉडी निकालने की कवायद।

जोधपुर/डांगियावास/कापरड़ा. यहां पानी की तकरीबन 50 किलोमीटर लंबी पाइप लाइन से एक डेड बॉडी बहकर फिल्टर प्लांट तक पहुंच गई। बुधवार दोपहर बाद फिल्टर प्लांट पर लगी सीमेंट की जाली में शव के हाथ-पैर नजर आए, तो वहां सनसनी फैल गई। प्लांट पर काम करने वाले पीएचईडी कर्मचारियों ने इसकी सूचना अफसरों को दी, बाद में डांगियावास पुलिस भी वहां पहुंची। अब शव को बाहर निकालने के लिए सीमेंट के पिलरनुमा पाइप की जाली काटने की कवायद गुरुवार सुबह शुरू की जाएगी। ऐसे में गुरुवार को पीपाड़, बिलाड़ा सहित 119 गांवों में पानी नहीं आएगा। जलापूर्ति शुक्रवार को भी बंद रह सकती है।


- डांगियावास थानाधिकारी सुरेश चौधरी के अनुसार, बुधवार सुबह करीब तीन बजे जलदाय विभाग के एक्सईएन सत्यनारायण दाधीच की ओर से सूचना मिली कि इंद्रोका से माणकलाव होते हुए दांतीवाड़ा फिल्टर प्लांट तक आने वाली पाइप लाइन में से किसी का शव बहकर आया है। इस पर वे पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। तब तक दाधीच औरअन्य अधिकारी भी दांतीवाड़ा पहुंचे।

- हर कोई यही सोच कर हैरान था कि इंद्रोका से दांतीवाड़ा तक पहुंचने वाली यह पाइप लाइन बीच रास्ते में कहीं भी खुली नहीं है, तो शव कैसे आया? ऐसे में संभव है कि यह शव इंद्रोका से बहकर यहां तक पहुंचा होगा।

- यहां फिल्टर प्लांट में सीमेंट के बने विशाल पिलर (जिसमें वेंटिलेटर के जरिए पानी फिल्टर हौद में पहुंचता है) के वेंटिलेटर्स में हाथ और पैर नजर आ रहे थे।

- शव को बाहर निकालने के लिए विभाग के अधिकारियों ने आरसीसी के वेंटिलेटर्स काटने के लिए मशीनें मंगवाई हैं। इस काम के लिए और बाद में मरम्मत पर लाखों रुपए खर्च होने की संभावना है।

- थानाधिकारी चौधरी की सूचना पर स्टेट डिजास्टर रिलीफ फोर्स (एसडीआरएफ) की टीम भी दांतीवाड़ा पहुंची।

डेड बॉली का टी-पॉइंट पर घूमना आश्चर्यजनक

- थानाधिकारी चौधरी ने बताया कि जलदाय विभाग के अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, इंद्रोका के 15 मील से दांतीवाड़ा तक की पाइप लाइन में कहीं कोई खुली जगह नहीं है।

- इंद्रोका में स्थित हौद, जहां से पानी बड़ी पाइप लाइन से जोधपुर के लिए निकलता है, वहां लगे गेट और जाली के बीच थोड़ी जगह है। ऐसे में संभावना यही है कि शव यहीं से पाइप लाइन में पहुंचा होगा।

-हालांकि, यह भी आश्चर्यजनक है कि शव दो मीटर चौड़ी पाइप लाइन में होते हुए सीधे जोधपुर की तरफ आने की बजाय 15 मील पर टी पाॅइंट पर घूमकर दांतीवाड़ा तक पहुंच गया। इस पर भी असमंजस की स्थिति बताई जा रही है।

10 लाख लीटर पानी खाली कर की जाएगी पूरे हौद की सफाई
- एक्सईएन दाधीच के अनुसार शव दिखने के बाद जनहित में दांतीवाड़ा फिल्टर प्लांट से जुड़े तमाम इलाकों में जलापूर्ति बंद कर दी गई है।

- इससे गुरुवार को पीपाड़ शहर, बिलाड़ा सहित 119 गांवों में जलापूर्ति नहीं होगी। दांतीवाड़ा फिल्टर प्लांट पर बने हौद की क्षमता करीब 10 लाख लीटर है।

- जलदाय विभाग जलापूर्ति बहाल करने से पहले शव निकलवाकर पूरी तरह सफाई कराएगा।

- दाधीच के अनुसार, आमजन के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर न पड़े, इसके लिए सावधानी बरतनी जरूरी है, इसलिए यह निर्णय लेना पड़ा।

दांतीवाड़ा तक पाइप लाइन में हैं कई मोड़

- पीएचईडी के एक्सईएन एसएन दाधीच के अनुसार इंद्रोका से जोधपुर तक मुख्य पाइप लाइन दो मीटर चौड़ी है, जिसमें कोई इंसान खड़े होकर चल भी सकता है।

- इसी मुख्य लाइन से इंद्रोका के 15 मील इलाके में टी पॉइंट लगाकर 1000 एमएम की पाइप लाइन माणकलाव तक पहुंचती है।

- माणकलाव में इसी लाइन पर टी पॉइंट के जरिए 800 एमएम की पाइप लाइन माणकलाव फिल्टर प्लांट तक जाती है, जबकि 1000 एमएम वाली लाइन कई मोड़ होते हुए बनाड़ तक और वहां से सीधे दांतीवाड़ा फिल्टर प्लांट तक आती है। माणकलाव से दांतीवाड़ा तक यह लाइन 42 किमी है, जबकि इंद्रोका से माणकलाव के बीच की दूरी 8-10 किमी है।

दांतीवाड़ा फिल्टर प्लांट। दांतीवाड़ा फिल्टर प्लांट।
पीएचईडी ने देर रात दांतीवाड़ा में मशीनों से पिलरनुमा पाइप को काटना शुरू किया और सुबह होने से पहले ही बॉडी बाहर निकाल ली गई। पहचान के लिए शव को महात्मा गांधी अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है। पीएचईडी ने देर रात दांतीवाड़ा में मशीनों से पिलरनुमा पाइप को काटना शुरू किया और सुबह होने से पहले ही बॉडी बाहर निकाल ली गई। पहचान के लिए शव को महात्मा गांधी अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है।
इंद्रोका-माणकलाव-दांतीवाड़ा पेयजल परियोजना में बिछी है करीब सवा 3 फीट की लाइन इंद्रोका-माणकलाव-दांतीवाड़ा पेयजल परियोजना में बिछी है करीब सवा 3 फीट की लाइन
दांतीवाड़ा तक करीब 50  किमी लंबी लाइन में सिर्फ इंद्रोका में एक जगह है गैप। दांतीवाड़ा तक करीब 50 किमी लंबी लाइन में सिर्फ इंद्रोका में एक जगह है गैप।
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डेड बॉडी पिलरनुमा पाइप लाइन के वेंटिलेटर्स में अटका हुआ है।  दोनों पैर व एक हाथ अलग-अलग वेंटिलेटर में फंसे हुए हैं। इसके अलावा दांतीवाड़ा फिल्टर प्लांट की तस्वीर। साथ ही देर रात शुरू हुई बॉडी निकालने की कवायद।डेड बॉडी पिलरनुमा पाइप लाइन के वेंटिलेटर्स में अटका हुआ है। दोनों पैर व एक हाथ अलग-अलग वेंटिलेटर में फंसे हुए हैं। इसके अलावा दांतीवाड़ा फिल्टर प्लांट की तस्वीर। साथ ही देर रात शुरू हुई बॉडी निकालने की कवायद।
दांतीवाड़ा फिल्टर प्लांट।दांतीवाड़ा फिल्टर प्लांट।
पीएचईडी ने देर रात दांतीवाड़ा में मशीनों से पिलरनुमा पाइप को काटना शुरू किया और सुबह होने से पहले ही बॉडी बाहर निकाल ली गई। पहचान के लिए शव को महात्मा गांधी अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है।पीएचईडी ने देर रात दांतीवाड़ा में मशीनों से पिलरनुमा पाइप को काटना शुरू किया और सुबह होने से पहले ही बॉडी बाहर निकाल ली गई। पहचान के लिए शव को महात्मा गांधी अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है।
इंद्रोका-माणकलाव-दांतीवाड़ा पेयजल परियोजना में बिछी है करीब सवा 3 फीट की लाइनइंद्रोका-माणकलाव-दांतीवाड़ा पेयजल परियोजना में बिछी है करीब सवा 3 फीट की लाइन
दांतीवाड़ा तक करीब 50  किमी लंबी लाइन में सिर्फ इंद्रोका में एक जगह है गैप।दांतीवाड़ा तक करीब 50 किमी लंबी लाइन में सिर्फ इंद्रोका में एक जगह है गैप।
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