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रक्षा मंत्री निर्मला आज सुखोई में उड़ान भरेंगी, पश्चिमी मोर्चे की हवाई ताकत देखेंगी

सुबह साढ़े दस बजे बाद शुरू होगी उड़ान, को-पायलट के रूप में उड़ेंगी,

Danik Bhaskar | Jan 17, 2018, 05:53 AM IST
रक्षा मंत्री सुबह साढ़े दस बजे विशेष विमान से दिल्ली से जोधपुर आएंगी। - फाइल रक्षा मंत्री सुबह साढ़े दस बजे विशेष विमान से दिल्ली से जोधपुर आएंगी। - फाइल

जोधपुर. जोधपुर एयरबेस की लॉयंस स्क्वाड्रन के सुपरसोनिक लड़ाकू विमान सुखोई 30 एमकेआई में बुधवार सुबह रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण उड़ान भरेंगी। संभवत: इस स्क्वाड्रन के सीओ मुख्य पायलट के रूप में होंगे। इसके लिए रक्षा मंत्री सुबह साढ़े दस बजे विशेष विमान से दिल्ली से जोधपुर आएंगी। वे सुखोई में उड़ान भरने के बाद पश्चिमी मोर्चे पर हवाई ताकत का जायजा लेंगी। इसके बाद जोधपुर एयरफोर्स स्टेशन की तैयारियां देखेंगी और जवानों से रूबरू होंगी।

- रक्षा मंत्री का पिछले साल 26 दिसंबर को जोधपुर में सुखोई से उड़ान भरने का प्रोग्राम तय था, लेकिन हिमाचल प्रदेश के चुनाव के बाद पर्यवेक्षक के तौर पर शिमला जाने के कारण उनका जोधपुर दौरा टल गया था।

- दरअसल, रक्षा मंत्री बनने के बाद से वे लगातार तीनों सेनाओं की ऑपरेशनल तैयारियों का जायजा ले रही हैं।

- बीते सप्ताह ही उन्होंने एयरक्राफ्ट कैरियर आईएनएस विक्रमादित्य का दौरा कर मिग 29 लड़ाकू विमान की तैयारी देख चुकी हैं। इससे पहले वे बाड़मेर में उत्तरलाई एयरबेस का दौरा भी कर चुकी हैं।

सुखोई में उड़ान भरने वाली दूसरी रक्षा मंत्री

- बतौर रक्षा मंत्री सुखोई 30 एमकेआई लड़ाकू विमान में उड़ान भरने वाली निर्मला सीतारमण दूसरी रक्षा मंत्री हैं।

- इससे पहले एनडीए सरकार में रक्षा मंत्री रह चुके जॉर्ज फर्नाडिस पुणे से सुखोई में उड़ान भर चुके हैं।

- वहीं, बतौर राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम, प्रतिभा पाटिल ने भी सुखोई में उड़ान भरी है। मौजूदा केंद्र सरकार में मंत्री राजीव प्रताप रूडी और किरण रिजीजू भी उड़ान भर चुके हैं।

यहां से 20 मिनट में पाकिस्तान पर अटैक की क्षमता
- सुखोई-30 एमकेआई पलक झपकते ही दुश्मन को आसमान में ही ढेर करने की क्षमता रखता है।

- जोधपुर एयरबेस से यह विमान महज 20 मिनट में पाकिस्तान में जाकर हमला करने में सक्षम है। भारतीय वायुसेना के पास अभी 220 सुखोई विमान हैं।
- इसकी रफ्तार 2200 से 2400 किलोमीटर प्रति घंटा है व एक बार में तीन हजार किलोमीटर की दूरी तक हमला बोल सकता है।

- हवा से हवा में ईंधन ले यह 8 हजार किलोमीटर तक जा सकता है। यह आठ हजार किलोग्राम भार के चौदह बम ले जा सकता है।

- अब इसे ब्रह्मोस मिसाइल ले जाने में भी सक्षम बना दिया गया है। सुखोई 350 किलोमीटर दूर तक नजर रख एक साथ 20 लक्ष्य देख सकता है। 8 सबसे खतरनाक लक्ष्य पहचान कर उन्हें भेद सकता है।

सुखोई में उड़ान भरने के बाद पश्चिमी मोर्चे पर हवाई ताकत का जायजा लेंगी। - फाइल सुखोई में उड़ान भरने के बाद पश्चिमी मोर्चे पर हवाई ताकत का जायजा लेंगी। - फाइल