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4 सालों में कोई बड़ी घोषणा नहीं थी, छोटे वादे भी रहे अधूरे, अब चुनावी बजट से बंधी है उम्मीद

पिछले साल 140 करोड़ की योजनाएं बताईं पर पैसा नहीं मिलने से कई आगे नहीं बढ़ पाई

Bhaskar News | Last Modified - Feb 12, 2018, 06:27 AM IST

  • 4 सालों में कोई बड़ी घोषणा नहीं थी, छोटे वादे भी रहे अधूरे, अब चुनावी बजट से बंधी है उम्मीद
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    जोधपुर. मौजूदा भाजपा सरकार का यह आखिरी बजट है। पिछले चार साल में जोधपुर के लिए कोई बड़ी घोषणा नहीं थी, बेसिक जरूरतों के कार्यों में पैसा तो आया परंतु एक साल पहले 140 करोड़ की योजनाएं दिखाई थी, वे भी पैसा नहीं मिलने से आगे नहीं बढ़ पाईं। संभाग स्तरीय एमडीएम अस्पताल में 100 बेड का ट्रोमा सेंटर भूमि पूजन तक सीमित रह गया। बिलाड़ा में ट्रोमा सेंटर बना है, वह लोगों के जनसहयोग से। उसे ही सरकार ने अपने बजट में जोधपुर जिले की सौगात बताया था।

    अब पांचवां बजट आ रहा है, लोग भी उस पर नजर टिकाए हुए हैं, भाजपा को जिले की विधानसभा की दस में से नौ सीटें देने वाला जोधपुर पर लगा उपेक्षा का दाग संभवतया सोमवार के चुनावी बजट से धुल जाए, यह उम्मीद हर शहरवासी की है। दो साल से शहर के विधायक एलिवेटेड रोड की मांग कर रहे हैं, शायद उनकी मांग इस बार सुन ली जाए। और भी बहुत सारी घोषणाओं की उम्मीद सूर्यनगरी के लोग सरकार के चुनावी साल के बजट से लगाए बैठे हैं।चार साल के बजट और पब्लिक ओपिनियन के आधार पर भास्कर का बजट विश्लेषण कुछ इस तरह है-

    जोधपुर के लिए 140 करोड़ रुपए की घोषणा, मौजूदा समय में क्या स्थिति

    - बिलाड़ा में ट्रोमा सेंटर, जन सहयोग से इसका निर्माण किया जा रहा है।
    - जोधपुर में 40 करोड़ की लागत से 100 बेड की क्षमता का ट्रोमा सेंटर। अब तक केवल भूमि पूजन ही हुआ।
    - भड़ला सोलर पार्क के लिए बाप से कानासर तक 45 किमी डबल लेन सड़क निर्माण, लागत 38 करोड़। कार्य शुरू हुआ है। बाप से भड़ला तक सड़क की घोषणा हुई थी। इसका कार्य एक माह पूर्व शुरू हो गया।
    - बनाड़ से भोपालगढ़ के बीच 10 किमी तक की सड़क का विकास, 12 करोड़ की घोषणा।
    - जोधपुर में 8.75 करोड़ से राजकीय संग्रहालय का पुनरुद्धार। कार्य चल रहा है।
    - मंडोर में 1.5 करोड़ से मंडोर संग्रहालय का संरक्षण। कार्य शुरू नहीं हुआ।
    - जेएनवीयू में 1.5 करोड़ से नया उद्यमिता ट्रेनिंग सेंटर। एमबीएम कॉलेज में कार्य चल रहा है।
    - देचू, बापिणी, सेखाला में नई आईटीआई खोलने के लिए 27 करोड़। एक भी आईटीआई नहीं खुली।
    - एमडीएमएच के आईसीयू में 10 करोड़ की नई कैथ लेब। अब तक केवल टेंडर ही हुआ।
    - सिलिकोसिस उपचार के लिए 8.20 करोड़ से अलग विंग। अब तक विंग ही नहीं बनी।
    - पीपाड़ के सोयला व बिराई के लिए पीएचसी। नहीं खुली।
    - भोपालगढ़ में उप कोष कार्यालय। नए कार्यालय का काम शुरू नहीं।
    - ओसियां में 50 लाख की लागत से उपकोष कार्यालय। पुराने भवन में ही चल रहा कार्यालय।
    - पशु चिकित्सालय में कलर डॉप्लर मशीन व अन्य उपकरण। अब तक नहीं लग सके।
    - उम्मेद स्टेडियम में 1.35 करोड़ का सिंथेटिक बास्केटबॉल कोर्ट। तैयार हो गया।
    - पुलिस यूनिवर्सिटी में फोरेंसिक विंग की स्थापना। अब तक कुछ नहीं मिला।
    - बालेसर उपखंड व तहसील भवन का निर्माण पूरा नहीं हुआ। दोनों ही अभी तक पुराने भवन में संचालित हो रहे। उपकोष कार्यालय भवन बनकर तैयार नहीं हुआ, किसी अन्य भवन में चल रहा है।
    - डिगाड़ी से गगाड़ी 13 किमी डामर सड़क का निर्माण, 3.5 करोड़ रुपए की लागत से कार्य जारी।

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