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50 हजार के टैक्स योग्य आइटम होने पर ही लगेगा ई-वे बिल

यदि ट्रांसपोर्टर रजिस्टर्ड व्यक्ति से वैधता लेता है तो वह ई-वे बिल का पार्ट-ए जनरेट कर पाएगा।

Dainik Bhaskar

Mar 13, 2018, 07:27 AM IST
E-way bills will only take place after taxable items

जोधपुर. प्रदेश के साथ देशभर में आगामी एक अप्रैल से ई-वे बिल व्यवस्था लागू होनी है। सरकार ने इसमें पूर्व में तय नियमों में कई बदलाव करते हुए नए नियम जारी किए हैं। नए नियमों के मुताबिक 50 हजार रुपए से अधिक के माल में यदि कर योग्य आइटम केवल 30 हजार के हैं और शेष आइटम बिना टैक्स कैटेगरी के हैं, तो उस पर अब ई-वे बिल जारी नहीं होगा। ई-वे बिल केवल उसी पर लगेगा, जिसने टैक्स वाले आइटम मंगवाए हों और टैक्स की राशि भी कम से कम 50 हजार रुपए हो। इससे व्यापारियों को राहत मिलने की उम्मीद है।

नए नियमों में एक और राहत ई-वे बिल की वैधता को लेकर दी गई है, अब ई-वे बिल 24 घंटे की बजाय 72 घंटे तक वैध रहेंगे। पहले प्रावधान था, कि यदि माल 10 किमी दूर भेजा जा रहा है तो संबंधित को बिल के पार्ट ए और पार्ट बी के तहत वाहन की जानकारी देना जरूरी था, लेकिन अब इसमें छूट दे दी गई है। अब इस दायरे को बढ़ाकर 20 किमी कर दिया गया है।

नियमों में इन बदलाव से राहत की उम्मीद

- यदि ट्रांसपोर्टर रजिस्टर्ड व्यक्ति से वैधता लेता है तो वह ई-वे बिल का पार्ट-ए जनरेट कर पाएगा।
- ई-काॅमर्स कंपनी या कूरियर एजेंसी वैधता देती है तो ट्रासंपोर्टर पार्ट-ए जनरेट कर पाएंगे।
- केवल कर योग्य वस्तु की कीमत को देखकर ही ई-वे बिल लगेगा।
- पब्लिक ट्रांसपोर्ट अर्थात बस इत्यादि में 50 हजार रुपए से अधिक का माल परिवहन किया जा रहा है तो ई-वे बिल जनरेट करना होगा।
- ई-वे बिल का पार्ट-ए जनरेट करने के 15 दिन के भीतर उसका पार्ट-बी जनरेट किया जा सकेगा।
ई-वे बिल की समय सीमा अगले दिन रात को 12 बजे तक की गई है। पहले सुबह 10 बजे जनरेट होता था तो अगले दिन सुबह 10 बजे तक वैधता रहती थी।

प्रदेश में लागू है पर पेनल्टी नहीं लग रही
प्रदेश में ई-वे बिल व्यवस्था लागू है, बस उसमें पेनल्टी नहीं लग रही है। नए नियमों में कई बदलाव किए गए हैं। - एचआर लोहार, डिप्टी कमिश्नर

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