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एजुकेशन क्वालिटी में सुधार की पहल, केंद्र सरकार खर्चेगी 320 करोड़ रुपए

53 इंजीनियरिंग कॉलेजों में तीन साल के लिए लगे 1270 असिस्टेंट प्रोफेसर्स

Danik Bhaskar | Dec 27, 2017, 04:27 AM IST

जोधपुर. केंद्र की पहल पर 11 राज्यों के 53 इंजीनियरिंग कॉलेजों में टेक्निकल एजुकेशन क्वालिटी इंप्रूवमेंट प्रोग्राम (टेक्यूप) के तहत 3 वर्ष के लिए कॉन्ट्रेक्ट पर 1,270 असिस्टेंट प्रोफेसर्स लगाए गए हैं। इन पर केंद्र की ओर से 3 साल में 320 करोड़ से ज्यादा का फंड खर्च होगा। इसका उद्देश्य इंजीनियरिंग कॉलेजों में एजुकेशन क्वालिटी को सुधारने के लिए शिक्षकों की कमी को दूर करना है। इन फेकल्टी को लगाने का खर्च न तो इंजीनियरिंग कॉलेजों या विवि व न ही राज्य सरकार पर पड़ेगा।


टेक्यूप के तहत आयोजित बैठकों में अधिकांश सदस्यों का यही कहना होता था कि विवि के इंजीनियरिंग संकायों अथवा इंजीनियरिंग कॉलेजों में शिक्षकों की कमी है। स्वीकृत पदों पर शिक्षक नहीं है व इसकी वजह से स्टूडेंट्स को समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इसे दूर करने के लिए केंद्र, एनटीआईयू व एआईसीटीई की ओर से यह निर्णय लिया गया कि टेक्यूप के तीसरे फेज के फंड का एक भाग इन कॉलेजों में शिक्षक उपलब्ध करवाने के लिए उपयोग में लिया जाएगा। इसके लिए कुल 11 प्रदेशों के 53 कॉलेजों का चयन किया गया।

एक शिक्षक को मिलेंगे प्रतिमाह 70 हजार रुपए

एक असिस्टेंट प्रोफेसर को प्रतिमाह ‌70 रुपए हजार दिए जाएंगे। इन्हें केवल 3 वर्ष के लिए कॉन्ट्रेक्ट पर लगाया जाएगा। सभी पदों को मिलाकर इसका खर्च ‌~8.89 करोड़ व 3 वर्ष में कुल ‌~320.04 करोड़ आएगा।


11 से 14 दिसंबर तक हुए इंटरव्यू

टेक्यूप के तीसरे चरण में इन कॉलेजों से जानकारी मांगी गई। देशभर से आवेदन मांगने के बाद 11 से 14 दिसंबर तक 20 एनआईटी में साक्षात्कार हुए।

तेजी से लागू की योजना, शिक्षकों की कमी दूर होगी, प्लेसमेंट बढ़ेंगे
केंद्र ने टेक्यूप के तीसरे चरण में यह बड़ा निर्णय लिया है। 11 राज्यों को चिह्नित कर इनके 53 कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण की गई है। भर्ती में स्टैंडर्ड्स का पूरा ध्यान रखा गया। इसी कारण अच्छे टीचर्स मिलेंगे। वहीं तीन वर्ष तक कॉलेजों में शिक्षकों की कमी तो समाप्त हो जाएगी, साथ ही प्लेसमेंट भी बढ़ेंगे। इससे विद्यार्थियों को भी निश्चित रूप से फायदा पहुंचेगा।
- प्रो. सुनील परिहार, इंचार्ज टेक्यूप, जोधपुर