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ट्रांसफॉर्मर भी डिस्कॉम-कर्मियों से मिलीभगत कर चुराते, रूम और जमीन के अंदर छुपाते

डिस्कॉम में कृषि क्षेत्र में बिजली चोरी में इंजीनियर्स व कर्मचारी भी लिप्त मिले

Dainik Bhaskar

Dec 18, 2017, 05:41 AM IST
Engineers and employees also get involved in electricity theft

जोधपुर. खेती में चोरी की इलेक्ट्रिसिटी लेने के लिए बिजली चोर डिस्कॉम को दोहरी चपत लगा रहे हैं। एक ओर तो वे सीधे 11 केवी की लाइन से तार जोड़कर बिजली चोरी करते हैं। दूसरी ओर इसके लिए प्रयुक्त होने वाला ट्रांसफार्मर भी वे डिस्कॉम के इंजीनियर्स व कर्मचारियों की मिलीभगत से हासिल कर रहे हैं। डिस्कॉम के समानांतर डिस्कॉम चलाने वाले ऐसे बिजली चोरों में हादसे का भी कोई डर नहीं है। वे जान जोखिम में डालकर नित नए चोरी के तरीके ईजाद कर रहे हैं।

डिस्कॉम में सबसे ज्यादा ट्रांसफार्मर से चोरी के मामले बीकानेर, श्रीगंगानगर, जैसलमेर व जोधपुर जिले में सामने आए हैं। बिजली चोरी का समानांतर तंत्र चलाने वाले इन बिजली चोरों पर भास्कर की पड़ताल के दौरान कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं।

बीकानेर में अवैध ट्रांसफार्मर कुओं से खेती करने के मामले ज्यादा सामने आ रहे हैं। विजिलेंस के साथ फील्ड की टीमों ने अप्रेल से अक्टूबर बज्जू में 19, खाजूवाला में 10, श्रीडूंगरगढ़ में 17, बीकानेर ग्रामीण में 8, नोखा में 12 अवैध ट्रांसफार्मर जब्त किए गए। साथ ही 18 लोगो के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की गई।

इसी तरह जोधपुर जिले में भोपालगढ़ के दाडमी में 1, पालड़ी में 2, हीरादेसर में 2, रजलानी में 1, ओसियां में आमनलवाडा में 1, बारा में 1, खेतासर में 1, मथानिया में 1, खारडा मेवाडा में 1, मतोड़ा के विश्नोइयों की ढाणी में एक व बावड़ी के नादिया में एक अवैध ट्रांसफार्मर जब्त किया गया।

#जोधपुर डिस्कॉम बनाम समानांतर बिजली चोरों का तंत्र

1. विजिलेंस एक्सईएन से तकनीकी स्टाफ तक लिप्त

- जैसलमेर जिले में बिजली चोरी रोकना बहुत बड़ी चुनौती है। यहां छीजत व चोरी की दर भी गत साल 35 फीसदी से ज्यादा थी। वर्तमान में बाड़मेर के एसई मांगीलाल जाट बताते हैं कि गत साल वे जैसलमेर पोस्टेड थे। इस दौरान खेती के लिए बिजली चोरी करने वालों के खिलाफ अभियान चलाया गया। जुलाई में पोकरण क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई में अवैध ट्रांसफार्मर व 11 केवी की लाइन पकड़ी थीं।

- पड़ताल के दौरान तत्कालीन एक्सईएन (विजिलेंस) विजय कुमार, एईएन खेताराम, जोगाराम व राजेश मीणा सहित दस से ज्यादा तकनीकी कर्मचारी लिप्त मिले। इन्हें सस्पेंड कर एफआईआर दर्ज कराई गई। इनकी शह पर न केवल बिजली चोरी हो रही थी, बल्कि चोरी के लिए लाइन व ट्रांसफार्मर डिस्कॉम के स्टोर से मुहैया करवाए गए थे।

2. चोरी पकड़ी तो सबूत मिटाने को ट्रांसफार्मर जला दिया

राजमथाई के पास जोगराजगढ़ में डूंगरसिंह के खेत के झोंपड़े से 4 अवैध ट्रांसफार्मर जब्त किए गए। उसने सबूत मिटाने को अवैध ट्रांसफार्मर को ही आग लगा दी। आग लगने की फोटोग्राफी कर ली गई। इस प्रकरण की जांच के दौरान पता चला कि ट्रांसफार्मर व तार स्टोर से मिली-भगत से जुटाए गए थे। आरोपियों ने आधा से एक किमी तक लाइन बिछा रखी थीं।

3. कमरे में लगा दिया ट्रांसफार्मर

बिलाड़ा के रामपुरा में 16 नवंबर को पप्पूराम जाट के खेत में कमरे के अंदर अवैध ट्रांसफार्मर से बिजली चोरी हो रही थी। इसे कमरे के बाहर 11 केवी की लाइन से केबल बिछाकर जोड़ा गया था। कमरे में ट्रांसफार्मर रखकर बिजली चोरी करने का यह अब तक का पहला मामला है।

4. ट्रांसफार्मर ऊंटगाड़ी पर रख और जमीन में गाड़कर चोरी

बीकानेर में मोबाइल ट्रांसफार्मर से चोरी की 2 वारदातें पकड़ी गई हैं। एसई हवासिंह ने बताया कि गत माह नोखा के लालासर साथरी की रोही में राजूराम जाट के खेत में बिजली चोरी पकड़ी। यहां ट्रैक्टर पर ट्रांसफार्मर रख चोरी हो रही थी। इसी क्षेत्र में टोडरमल ऊंटगाड़ी पर ट्रांसफार्मर रख चोरी कर रहा था। इसी तरह जसरासर में जमीन में ट्रांसफार्मर गाड़ कर चोरी की जा रही थी।

बिजली चोरों ने एक तरह से नेक्सस ही खड़ा कर दिया है। ये डिस्कॉम के लिए चुनौती बने हुए हैं। उनकी हर चाल व नेटवर्क को फेल करने के लिए खुफिया तंत्र का सहारा ले रहे हैं। इसके चलते ही बीकानेर, जैसलमेर व जोधपुर जिले में ट्रांसफार्मर लगाकर बिजली चोरी करने के बड़े मामले पकड़े गए हैं। साथ ही हर चोरी में डिस्कॉम कर्मियों की लिप्तता का भी पता लगाया जा रहा है। साबित होने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
आरती डोगरा,
एमडी जोधपुर डिस्कॉम

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