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डॉक्टर्स हड़ताल: 34 प्राइवेट हॉस्पिटल फ्री में देखेंगे, दवा सरकारी काउंटर से लाएं

Bhaskar News | Last Modified - Dec 19, 2017, 07:26 AM IST

परेशान हुए पेशेंट्स, लगी लंबी कतारें, कामचलाऊ व्यवस्था से नहीं मिली मरीजों को राहत
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    जोधपुर. सरकार और डॉक्टर्स की तनातनी में एक बार फिर मरीजोंं को पिसना पड़ा। सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए सेवारत डॉक्टर्स रविवार से हड़ताल पर चले गए। दूसरी ओर सोमवार को अस्पताल पहुंचे मरीजो को डॉक्टर्स की अनुपस्थिति से काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। शहर के तीन बड़े अस्पतालों में रेजिडेंट्स भी हड़ताल पर चले गए। सेवारत डॉक्टर्स व रेजिडेंट के बिना मेडिकल कॉलेज, प्राथमिक और सामुदायिक स्वस्थ केंद्रों पर मरीज परेशान होते रहे। इस बीच कलेक्टर की अपील पर जिले के 34 निजी हॉस्पिटलों ने सरकारी अस्पताल की परामर्श पर्ची पर निशुल्क इलाज देने की सहमति दी है। इस पर्ची को दिखाकर सरकारी अस्पतालों से दवा ली जा सकेगी।


    इससे पूर्व तीन बड़े अस्पतालों में रेजिडेंट्स के हड़ताल पर जाने के बाद सोमवार को सीनियर्स ने व्यवस्थाएं संभालीं। जिले में 221 डॉक्टर्स पीएचसी और सीएचसी पर नहीं आए। मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. अमीलाल भाट ने बताया कि मेडिकल कॉलेज के तीनों अस्पतालों के 466 रेजिडेंट, सीनियर रेजिडेंट, सीएस रेजिडेंट व मेडिकल ऑफिसर्स में से 400 हड़ताल पर गए हैं। इससे इन हॉस्पिटलों की व्यवस्था बुरी तरह लडख़ड़ा गई है। हालांकि मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने व्यवस्थाओं को सुधारने के प्रयास किए हैं, लेकिन इतनी बड़ी संख्या में डॉक्टर्स के हड़ताल पर हाेने की से स्थिति काबू आती नहीं दिख रही।


    सीनियर्स व एमओ से चलाया काम
    सोमवार सुबह रेजिडेंट्स के नहीं आने पर ओपीडी में सीनियर डॉक्टर्स ने व्यवस्थाएं संभालीं। इसके बाद कार्य पर मौजूद मेडिकल ऑफिसर्स ने चार्ज लिया। रात में तीनों अस्पतालों में कुछ मेडिकल ऑफिसर्स ही रहे। हालांकि इमरजेंसी व सीरियस रोगियों के लिए डॉक्टर्स की व्यवस्था पर ध्यान दिया गया। मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने 15 एमबीबीएस सीनियर डेमोंस्ट्रेटर को जिला अस्पतालों में भी भेजा।

    कलेक्टर की अपील पर आगे आए निजी अस्पताल, शहर के हर कोने में मिलेगी सुविधा

    ऐसी परिस्थितियों में कलेक्टर डॉ. रविकुमार सुरपुर ने निजी अस्पतालों के संचालकों को पत्र भेजकर सहयोग मांगा। उन्होंने कहा कि निजी हॉस्पिटल सभी सरकारी अस्पतालों की ओपीडी स्लीप लेकर आने वाले पेशेंट्स को निशुल्क परामर्श के साथ सरकारी अस्पतालों में मिलने वाली जेनेरिक दवाइयां लिखने को कहा है।


    शहर के हर कोने में मरीजों को मिल जाएगी सुविधा
    निजी अस्पताल में चंद्रमंगल अस्पताल, डऊकिया अस्पताल, बालाजी अस्पताल, ग्लोबल केयर अस्पताल, कृष्णा अस्पताल, लोकसेवा अस्पताल, विनायिका अस्पताल, मारवाड़ अस्पताल, राज अस्पताल, सरोज अस्पताल, श्रीराम अस्पताल, शुभम अस्पताल, सरोज अस्पताल, यश अमन अस्पताल, मेडिपल्स अस्पताल, ताराबाई देसाई अस्पताल, कमलानगर अस्पताल, मेडीटल अस्पताल, दिव्या अस्पताल, जोधपुर मल्टी स्पेशलिटीज अस्पताल बालेसर, आर्दश अस्पताल फलोदी, सिटी लाईट अस्पताल फलोदी, श्याम नर्सिंग होम अस्पताल, एएसजी आई अस्पताल, धन्वंतरी अस्पताल, गोयल अस्पताल, कैलाश अस्पताल, पालीवाल अस्पताल, प्रेक्षा अस्पताल, राठी अस्पताल, संचेती अस्पताल नि:शुल्क ओपीडी चलाएंगे।

    सेवारत डॉक्टर्स की यह स्थिति
    सेवारत डॉक्टर्स सोमवार को हड़ताल पर रहे। संयुक्त निदेशक कार्यालय से मिले आंकड़ों के अनुसार कार्य बहिष्कार में जोधपुर जिले के 403 डॉक्टरों में से 221 डॉक्टर अनुपस्थित रहे 132 उपस्थित। इसके अलावा 31 डॉक्टर मेडिकल कॉलेज से उपलब्ध व्यवस्थाओं में लगे हुए है तथा 47 डॉक्टर्स या तो अवकाश पर है या किसी ट्रेनिंग प्रोग्राम में हैं।

    प्रताप नगर अस्पताल
    9 में से 8 डॉक्टर्स गैर हाजिर थे। मेडिकल कॉलेज के लगाए वरिष्ठ प्रदर्शक डॉ. अनिरुद्ध सिंह व सेवारत डॉक्टर डॉ. अजय व्यास मरीजों का चेकअप कर रहे थे। अस्पताल में एम्स की ओर से ओपीडी लगाई जाती है। एम्स के डॉ. कुलदीप, डॉ. बीरेंद्र, डॉ. अनिल, डा. आयुष, डॉ. दिलीपन और डॉ. संदीप यहां ड्यूटी पर मौजूद थे।

    महिलाबाग पीएमओ व चौहाबो सैटेलाइट में सारे डॉक्टर आए
    संयुक्त निदेशक कार्यालय से मिली सूचना के अनुसार जिले के महिलाबाग पीएमओ व चौहाबो सैटेलाइट में कोई डॉक्टर हड़ताल पर नहीं गया। चौहाबो में सेवारत सभी 11 डॉक्टर्स ड्यूटी पर थे। वहीं महिलाबाग पीएमओ में भी सोमवार को सारे 14 डॉक्टर्स मौजूद रहे।

    सूरसागर डिस्पेंसरी
    करीब 1 दर्जन मरीजों को डिस्पेंसरी में कार्यरत स्टाफ हड़ताल के कारण चेकअप नहीं होने का हवाला दे मेडिकल कॉलेज जाने की सलाह दे रहे थे। यहां सीएमएचओ की ओर से लगाए दोनों ही डॉक्टर्स ड्यूटी पर नहीं थे।


    पावटा जिला अस्पताल
    30 डाक्टरों में से 21 हड़ताल पर रहे। इलाज के लिए आने वाले कई मरीजों को निराश लौटना पड़ा। जायजा लेने आए एडीएम छगनलाल गोयल ने प्रभारी डा अशोक सिंह राठौड़ को मरीजों को परेशानी नहीं होने के निर्देश दिए।


    मंडोर सैटेलाइट
    एसडीएम जोधपुर रोहित कुमार ने व्यवस्थाओं का जायजा लिया। जिले में सभी एसडीएम, तहसीलदारों के साथ डीओ ने अपने क्षेत्र में सीएचसी व पीएचसी का निरीक्षण कर आवश्यक निर्देश जारी किए।

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