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एम्स कैंटीन की फूड क्वालिटी की ऑडिट करेगी FSSAI टीम

देश के दस बड़े उच्च शिक्षण संस्थानों के लिए बनाया 15 एजेंसियों का पैनल, एक माह में औचक निरीक्षण कर बनेगी ऑडिट रिपोर्ट

Danik Bhaskar | Dec 16, 2017, 07:04 AM IST

जोधपुर. एम्स जोधपुर सहित देश के दस बड़े उच्च शिक्षण संस्थानों के कैफेटेरिया व कैंटीन के खाने की गुणवत्ता कैसी है, इसकी ऑडिट होगी। इसके लिए फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड ऑथोरिटी ऑफ इंडिया (एफएसएसएआई) ने देश-विदेश की 15 एजेंसियों का पैनल बनाया है जो इन संस्थानों में फूड बिजनेस ऑपरेट करने वाले लोगों की थर्ड पार्टी जांच करेगा। एजेंसियों के लिए गाइड लाइन तैयार की जा रही है, इसके बाद इन्हें एक माह में ऑडिट कर रिपोर्ट सौंपनी होगी। देश में फूड सेफ्टी को लेकर निगरानी व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए इस तरह की व्यवस्था की जा रही है।

बड़े संस्थानों में शिकायतों के कारण उठाया यह कदम, सबसे पहले इन्हीं में ऑडिट
ऑथोरिटी की ओर से जारी परिपत्र के अनुसार पिछले कुछ समय में बड़े शैक्षणिक संस्थानों की कैंटीन में मिलने वाले भोजन को लेकर काफी संख्या में शिकायतें सामने आईं हैं। इन शिकायतों के मद्देनजर यह कदम उठाया गया है। ऑथोरिटी ने दिल्ली, मुंबई, चेन्नई व गुवाहाटी आईआईटी, आईआईएम अहमदाबाद व कोझिकोड़, आईआईएससी बैंगलुरू, आईआईएसईआर कोलकाता और दिल्ली व जोधपुर एम्स में सबसे पहले ऑडिट करवाने का फैसला किया है।

रोज बनता है 800 स्टूडेंट्स का खाना, 1 डॉक्टर साथ खाते हैं

एम्स जोधपुर में प्रतिदिन करीब 800 स्टूडेंट्स व रेजिडेंट के लिए कैंटीन में खाना बनता है। इसके लिए ठेका दिया हुआ है। खाने की गुणवत्ता पर नजर रखने के लिए एम्स मैस कमेटी बनी हुई है। एम्स के उप निदेशक (प्रशासन) एनआर विश्नोई ने बताया कि खाने को छोटी-मोटी शिकायत सामने आती है तो उसका तुरंत निस्तारण कर दिया जाता है। वैसे, जोधपुर एम्स की मैस कमेटी में डाक्टर्स को मेंबर बनाया हुआ है, उनमें से एक डॉक्टर स्टूडेंट्स के साथ ही खाना खाता है।

ऑथोरिटी का कहना है कि इस ऑडिट के माध्यम से फूड सेफ्टी के मानकों को परखने के साथ फूड सेफ्टी स्टैंडर्ड रेगुलेशन के तहत उच्च शिक्षण संस्थानों की कैंटीन में देखा जाएगा, कि स्टूडेंट्स को स्वास्थ्यवर्धक भोजन मिल रहा है या नहीं।