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डॉक्टर्स की हड़ताल से सरकारी अस्पताल खाली, ऑपरेशन टले

रेजिडेंट्स के हड़ताल पर जाने के दूसरे दिन तीनों बड़े अस्पतालों में कुल 20 मरीजों की मौत

Danik Bhaskar | Dec 20, 2017, 07:37 AM IST

जोधपुर. सेवारत डॉक्टर्स द्वारा अपनी मांगों को लेकर की जा रही हड़ताल अौर इनके समर्थन में रेजिडेंट डॉक्टर्स के काम छोड़ने के दूसरे दिन मंगलवार को शहर के तीन बड़े अस्पतालों एमजीएच, एमडीएमएच और उम्मेद अस्पताल में 20 मरीजों की मौत हो गई। तीनों बड़े अस्पतालों में जरूरी मेजर और माइनर ऑपरेशन ही हुए, शेष ऑपरेशन आगे की तिथियों के लिए टाल दिए गए। एमजीएच व एमडीएमएच में 8 मेजर ऑपरेशन व 47 माइनर ऑपरेशन के साथ 5 सिजेरियन डिलीवरी हुई। वहीं तीनों अस्पतालों की ओपीडी में 4 हजार 315 मरीजों की जांच की गई। इन अस्पतालों सहित सैटेलाइट व जिला अस्पताल, प्राथमिक व सामुदायिक डिस्पेंसरी में कहीं-कहीं मरीजों की लंबी कतारें लगी रहीं। इस दौरान मेडिकल कॉलेज स्टाफ औैर सीनियर डॉक्टर्स ने मोर्चा संभाले रखा।

एक्स-रे के लिए भटकना पड़ा
एमडीएमएच में एक्स-रे मशीन पिछले तीन दिन से बंद होने से मरीजों के एक्स-रे करवाने के लिए उनके परिजन दिनभर भटकते रहे। यहां पर हड़ताल से एक दिन पूर्व एक्स-रे मशीन बंद हो गई थी। इसके बाद ट्रोमा और आॅर्थोपेडिक वार्ड में आने वाले मरीजों के एक्स-रे नहीं हो पाए।


ट्रोमा में चौबीस घंटे सीनियर
तीनों बड़े अस्पतालों के ट्रोमा में सीनियर्स के मौजूद रहने से व्यवस्थाओं पर असर नहीं पड़ा। डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज के मेडिकल स्टूडेंट्स ने भी उनके सहयोगी के रूप में सेवाएं दी। सीनियर डॉक्टर्स यहां चौबीस घंटे कार्यरत रहे, जिससे मरीजों की जांच में कोई परेशानी नहीं हुई।

निजी अस्पतालों में कहीं फ्री उपचार, कहीं इनकार

जिला कलेक्टर ने शहर में स्वास्थ्य सेवाओं के सुचारू संचालन के लिए 34 निजी अस्पतालों को सरकारी अस्पतालों की पर्ची पर मरीजों को मुफ्त परामर्श देने के निर्देश दिए थे। मंगलवार को भास्कर के रिपोर्टर ने मरीज बनकर वहां इसकी जांच की। इसमें कुछ अस्पतालों में मुफ्त जांच-परामर्श का लाभ मिला, तो कुछ ने इनकार कर दिया।

राठी अस्पताल: संचालक बोले- हमारे पास ऐसे आदेश नहीं
यहां दो सौ रुपए जमा करवाने का कहा गया। इस पर संचालक डॉ. अशोक राठी से बात की गई, तो उन्होंने कहा कि हम भामाशाह योजना से जुड़े हुए नहीं हैं, ना ही हमारे पास ऐसे कोई आदेश हैं।

गोयल, श्रीराम,
यश अमन में सुबह से ही फ्री इलाज

गोयल, श्रीराम और यश अमन अस्पताल में सरकारी पर्ची लेकर जाने वाले मरीजों काे निशुल्क परामर्श मंगलवार सुबह से शुरू कर दिया गया। वहां आउटडोर में डाक्टर मरीजों की जांच कर दवा लिख रहे थे।

चद्र मंगल अस्पताल: पहले इनकार किया फिर शुरू हुई सुविधा
कृषि मंडी स्थित चंद्र मंगल अस्पताल में स्वागत कक्ष के कर्मचारियों ने इनकार कर दिया। अस्पताल प्रभारी डाॅ. दिनेश जांगू को पता चला तो उन्होंने सरकारी पर्ची लेकर आने वालों को परामर्श की सुविधा शुरू की।

आरएमटीए ने किया डॉक्टरों की गिरफ्तारी का विरोध
राजस्थान मेडिकल कांउसिल ऑफ टीचर्स एसोसिएशन ने सरकार द्वारा डॉक्टर्स गिरफ्तारियों पर विरोध जताते हुए सकारात्मक साेच के साथ इन सर्विस मेडिकल ऑफिसर्स की मांगों को तत्काल मानने की मांग की है। एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. नवीन किशोरिया व सचिव डॉ. शरद थानवी ने सरकार ने जल्द निर्णय लेने की मांग की।

गलियारे हुए सूने, वार्डों में पलंग खाली

शहर के उम्मेद अस्पताल, एमडीएम अस्पताल व एमजीएच में वार्ड में इक्का-दुक्का मरीज ही भर्ती नजर आए। कुछ विभागों की ओपीडी भी खाली रही। भर्ती मरीजों की देखभाल के लिए हर वार्ड में मेडिकल कॉलेज से मेडिकल स्टूडेंट्स भेजे गए हैं। नर्सिंग स्टाफ भी देखभाल में लगे हैं।