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दूल्हा फेरे लेने के आधे घंटे के अंदर पहुंचा परीक्षा देने, फिर 8 वां फेरा लगाकर, दुल्हन लेकर हुआ विदा

परीक्षा से वापस ससुराल आने के बाद सभी रस्में पूर्ण करते हुए दुल्हन लेकर घर पहुंचे।

Danik Bhaskar | Apr 01, 2018, 06:35 AM IST
बीएससी अंतिम वर्ष के छात्र जगदीश बेनीवाल मंडप से सीधे परीक्षा देने पहुंचे, फिर दुल्हन को लिवाने गए बीएससी अंतिम वर्ष के छात्र जगदीश बेनीवाल मंडप से सीधे परीक्षा देने पहुंचे, फिर दुल्हन को लिवाने गए

डांगियावास (जोधपुर). सारण नगर ए रोड में रहने वाले जगदीश बेनीवाल ने अपनी परीक्षा को महत्व देते हुए शादी के मंडप से उठते ही आधे घंटे के अंदर ही परीक्षा केंद्र पहुंचकर दूल्हे की पोशाक में ही बीएससी अंतिम वर्ष गणित की परीक्षा दी। बेनीवाल ने बताया, कि उनकी शादी शनिवार को सारण नगर बी रोड निवासी ओमी देवी से हुई। वहां करीब ढाई बजे शादी की रस्म पूरी हुई और फेरों से उठते ही दोपहर तीन बजे तक जेएनवीयू परिसर पहुंचकर परीक्षा दी। परीक्षा से वापस ससुराल आने के बाद सभी रस्में पूर्ण करते हुए दुल्हन लेकर घर पहुंचे। ये शपथ ली...

- शिक्षा के साथ-साथ इनका पर्यावरण से भी प्रेम अटूट है। बेनीवाल ने सात फेरों के बाद मंडप में एक फेरा पर्यावरण संरक्षण के नाम का भी लिया और दूल्हा-दुल्हन ने इसे बचाने की शपथ ली।
- फेरे पूरे होते ही जगदीश परीक्षा देने पहुंच गए। तीन घंटे पेपर दिया और फिर वापस गए और दुल्हन के साथ घर लौटे।

पर्यावरण संरक्षण का लिया था संकल्प

- जगदीश बेनिवाल ने बताया कि दुनिया में कई जगह पर बरसों से पर्यावरण संरक्षण के लिए चलने वाली मुहिमों के बारे में पढ़ते रहे हैं।
- वे कुछ ऐसा करना चाहते थे जिसमें न केवल वे अपनी भूमिका निभा सकें बल्कि अपने परिवार को भी शामिल कर सकें।
- जब फेरे ले रहे थे तभी अचानक ख्याल आया क्यों न पर्यावरण संरक्षण के लिए एक फेरा ले लिया जाए।
- सात फेरे पूरे हुए तो उन्होंने पंडितजी से आठवां फेरा पर्यावरण संरक्षण के नाम दिलाने का लेने को कहा तो दुल्हन भी तैयार हो गई।